1 जुलाई 2026
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अरुणाचल बाढ़: शिवराज सिंह चौहान ने किरेन रिजिजू और CM पेमा खांडू संग किया हवाई सर्वे, पीड़ितों को दिलाया मदद का भरोसा

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अरुणाचल बाढ़: शिवराज सिंह चौहान ने किरेन रिजिजू और CM पेमा खांडू संग किया हवाई सर्वे, पीड़ितों को दिलाया मदद का भरोसा

सारांश

अरुणाचल में भीषण बाढ़ के बाद केंद्र ने जमीन पर उतरकर दिखाई तत्परता — शिवराज सिंह चौहान ने केयी पान्योर जिले में हवाई और सड़क सर्वे किया, पीड़ितों से मिले, और नए मकान व मुआवजे का वादा किया। सामुदायिक प्रोटेक्शन वॉल निर्माण को उन्होंने 'प्रेरणादायक' बताया।

मुख्य बातें

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 1 जुलाई 2026 को अरुणाचल प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई और जमीनी सर्वे किया।
उनके साथ केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और मुख्यमंत्री पेमा खांडू भी मौजूद रहे।
केयी पान्योर जिले सहित कई प्रभावित क्षेत्रों का दौरा; पीड़ित परिवारों को नए मकान, फसल मुआवजा और राशन देने का आश्वासन।
ग्रामीणों द्वारा स्वयं बनाई जा रही प्रोटेक्शन वॉल की सराहना; चौहान ने खुद भी निर्माण कार्य में हाथ बँटाया।
ईटानगर में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) कैवल्य त्रिविक्रम परनाइक से राहत कार्यों पर चर्चा।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 1 जुलाई 2026 को अरुणाचल प्रदेश में भीषण बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई और जमीनी सर्वेक्षण किया। उनके साथ केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और मुख्यमंत्री पेमा खांडू भी मौजूद रहे। दौरे के दौरान चौहान ने पीड़ित परिवारों से सीधे संवाद कर हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।

हवाई और जमीनी सर्वेक्षण

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केयी पान्योर जिले सहित कई बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद वे सड़क मार्ग से गाँवों में भी पहुँचे और प्रभावित परिवारों से मिलकर उनकी समस्याएँ सुनीं। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं से बात करते हुए कहा कि वे इस संकट में अकेली नहीं हैं और केंद्र व राज्य सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।

राहत और पुनर्वास की घोषणाएँ

चौहान ने स्पष्ट किया कि बाढ़ से हुए नुकसान का विस्तृत सर्वे कराया जाएगा। जिनके घर बह गए हैं, उनके लिए नए मकान बनवाए जाएँगे। खेतों में हुई फसल बर्बादी, पशुधन हानि और संपत्ति नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा। तत्काल राहत के रूप में राशन और आवश्यक सामग्री पहले से उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं स्थिति को लेकर चिंतित हैं और प्रभावितों की हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

सामुदायिक प्रयासों की सराहना

दौरे के दौरान चौहान ने स्थानीय लोगों की ओर से किए जा रहे सामुदायिक प्रयासों की विशेष सराहना की। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने बिना किसी औपचारिक स्वीकृति के नदी के पानी को दोबारा गाँव में घुसने से रोकने के लिए प्रोटेक्शन वॉल बनाने का कार्य अपने हाथों में लिया। चौहान ने खुद भी क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत और सुरक्षा दीवार निर्माण कार्य में हाथ बँटाया। उन्होंने कहा कि यदि समाज इस तरह जागरूक और सक्रिय हो, तो कई बड़े काम स्वतः संभव हो जाते हैं।

राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट

दौरे से पहले चौहान ने ईटानगर स्थित लोकभवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) कैवल्य त्रिविक्रम परनाइक से शिष्टाचार भेंट की और राहत कार्यों की प्रगति पर चर्चा की। यह बैठक राज्य और केंद्र के बीच समन्वय को और मज़बूत करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

आगे क्या होगा

चौहान ने भरोसा दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पेमा खांडू के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार पूरी तत्परता से राहत एवं पुनर्वास कार्यों में जुटी रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों से अरुणाचल प्रदेश इस संकट से जल्द उबरेगा और जनजीवन सामान्य होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा मुआवजे और पुनर्वास के क्रियान्वयन की गति में होगी — विशेषकर तब, जब पूर्वोत्तर के दूरदराज़ जिलों में हर साल बाढ़ आती है और वादे अक्सर कागज़ों तक सिमटे रह जाते हैं। केयी पान्योर जैसे जिलों में बुनियादी ढाँचे की कमज़ोरी कोई नई बात नहीं है — सवाल यह है कि इस बार सर्वे के बाद सत्यापन-योग्य परिणाम कब आएँगे। सामुदायिक प्रोटेक्शन वॉल की पहल प्रेरणादायक ज़रूर है, पर यह इस तथ्य को भी उजागर करती है कि राज्य तंत्र की पहुँच संकट के समय अभी भी सीमित है।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिवराज सिंह चौहान ने अरुणाचल प्रदेश का दौरा क्यों किया?
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 1 जुलाई 2026 को अरुणाचल प्रदेश में भीषण बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लेने के लिए हवाई और जमीनी दौरा किया। उनके साथ केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और मुख्यमंत्री पेमा खांडू भी थे।
बाढ़ पीड़ितों को क्या राहत मिलेगी?
चौहान ने घोषणा की कि जिनके घर बाढ़ में बह गए हैं उनके लिए नए मकान बनाए जाएँगे। फसल बर्बादी, पशुधन हानि और संपत्ति नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा दिया जाएगा, और तत्काल राहत के रूप में राशन व आवश्यक सामग्री पहले से वितरित की जा रही है।
केयी पान्योर जिले में बाढ़ की स्थिति कैसी है?
केयी पान्योर जिला अरुणाचल प्रदेश के सबसे बुरी तरह प्रभावित क्षेत्रों में से एक है, जहाँ चौहान ने हवाई सर्वे किया। स्थानीय ग्रामीणों ने सरकारी मदद का इंतजार किए बिना नदी का पानी गाँव में घुसने से रोकने के लिए खुद प्रोटेक्शन वॉल बनाना शुरू किया।
क्या प्रधानमंत्री मोदी अरुणाचल बाढ़ पर नज़र रख रहे हैं?
चौहान के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं स्थिति को लेकर चिंतित हैं और प्रभावितों की हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। केंद्र सरकार की टीम राज्य के साथ मिलकर राहत और पुनर्वास कार्यों में लगातार जुटी है।
राज्यपाल से मुलाकात में क्या चर्चा हुई?
ईटानगर के लोकभवन में चौहान ने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) कैवल्य त्रिविक्रम परनाइक से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान राहत कार्यों की प्रगति और केंद्र-राज्य समन्वय पर विस्तार से चर्चा हुई।
राष्ट्र प्रेस
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