जेपी नड्डा का अरुणाचल प्रदेश दौरा: बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा, CM पेमा खंडू के साथ समीक्षा बैठक
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने 6 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश के इटानगर में बाढ़ और बादल फटने से हुई तबाही का प्रत्यक्ष जायजा लिया और राज्य के शीर्ष नेतृत्व के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। यह उनके तीन राज्यों — असम, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश — के तीन दिवसीय दौरे का अंतिम चरण था।
इटानगर में समीक्षा बैठक
नड्डा ने मुख्यमंत्री पेमा खंडू (भारतीय जनता पार्टी), उपमुख्यमंत्री चोवना मेन (भाजपा), राज्य मंत्रियों, विधायकों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का व्यापक आकलन किया। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की गई जानकारी में बताया कि यह बैठक प्रभावित इलाकों के दौरे के तुरंत बाद बुलाई गई थी।
नड्डा ने कहा कि सभी संबंधित विभागों को राहत, पुनर्वास और स्वास्थ्य सेवाओं को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार, राज्य सरकार के समन्वय से प्रभावित नागरिकों को त्वरित राहत और वित्तीय सहायता सुनिश्चित करती रहेगी।
असम में बाढ़ का मंजर
दौरे के दूसरे दिन बुधवार को नड्डा असम में थे, जहाँ उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के साथ शिवसागर जिले के बिहुबोर और नेपाली खुटी इलाकों का दौरा किया। बाढ़ ने इन क्षेत्रों में सैकड़ों घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया, खेत जलमग्न हो गए और पशुधन को भी भारी नुकसान पहुँचा।
स्थानीय लोगों से बातचीत में नड्डा ने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार असम के लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है और राहत-पुनर्निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर कोताही नहीं बरती जाएगी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय दल नुकसान का आकलन कर रहा है ताकि सहायता शीघ्र पहुँचाई जा सके।
नागालैंड के मोन जिले में भूस्खलन की तबाही
असम के बाद नड्डा नागालैंड पहुँचे, जहाँ उनके साथ राज्य के स्वास्थ्य मंत्री आशोक सिंघल और राज्यसभा सदस्य फांगनोन कोन्याक भी थे। मोन जिले में भारी वर्षा के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ, जिसमें डिफेंस कॉलोनी और तेचा वार्ड सर्वाधिक प्रभावित रहे।
नड्डा ने डिफेंस कॉलोनी में ध्वस्त मकानों और अवरुद्ध सड़कों का निरीक्षण किया। उन्होंने कोन्यक यूनियन कार्यालय में शरण लिए विस्थापित परिवारों से मुलाकात की और आपदा में स्वजन गँवाने वाले परिजनों को सांत्वना दी।
आगे की राह
यह दौरा ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत के कई राज्य मानसून की मार से जूझ रहे हैं। गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा वरिष्ठ मंत्री को सीधे प्रभावित क्षेत्रों में भेजना राज्यों को यह संकेत देता है कि राहत कार्य में प्राथमिकता दी जा रही है। तीनों राज्यों में केंद्रीय दलों द्वारा नुकसान के आकलन के बाद वित्तीय सहायता की मात्रा तय होने की उम्मीद है।