पूर्वोत्तर बाढ़: सिंधिया ने 4 राज्यों के CM से की बात, केंद्र ने हरसंभव मदद का दिया भरोसा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय संचार मंत्री और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 30 जून 2025 को पूर्वोत्तर भारत में भारी वर्षा के चलते उत्पन्न बाढ़ संकट की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने असम, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और मणिपुर के मुख्यमंत्रियों से सीधी बातचीत कर बचाव, राहत और पुनर्वास कार्यों की ताज़ा स्थिति जानी। केंद्र सरकार की ओर से प्रभावित राज्यों को हर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया।
मुख्यमंत्रियों से सीधी बातचीत
सिंधिया ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू, सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग और मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह से अलग-अलग बातचीत की। प्रत्येक राज्य में राहत सामग्री की आपूर्ति, बचाव अभियान की प्रगति और प्रभावित नागरिकों तक सहायता पहुँचाने की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।
प्रभावित राज्यों की ज़मीनी स्थिति
असम इस बाढ़ में सर्वाधिक प्रभावित राज्य है, जहाँ 6 जिलों में बाढ़ की गंभीर स्थिति दर्ज की गई है। अरुणाचल प्रदेश में लगातार भारी वर्षा के कारण 28 में से 12 जिले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। सिक्किम और मणिपुर में भी प्रशासन खराब मौसम के मद्देनज़र पूरी तरह सतर्क है।
इसके अलावा मेघालय में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है, जबकि मिज़ोरम, नागालैंड और त्रिपुरा में भी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून की सक्रियता पूर्वोत्तर में हर वर्ष भारी तबाही का कारण बनती है।
मंत्रालय की तैयारी और समन्वय
पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि बदलते हालात के अनुसार राज्य सरकारों और केंद्रीय एजेंसियों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखा जा रहा है। मंत्रालय समय पर सहायता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। गौरतलब है कि पूर्वोत्तर के आठ राज्यों में से अधिकांश हर मानसून सत्र में बाढ़ की समस्या से जूझते हैं, और केंद्र-राज्य समन्वय इस क्षेत्र में राहत कार्यों की रीढ़ माना जाता है।
सिंधिया का आश्वासन
सिंधिया ने कहा कि केंद्र सरकार बाढ़ के प्रभाव को न्यूनतम करने और राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेज़ी लाने के लिए राज्य सरकारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही है। उन्होंने संकट की इस घड़ी में पूर्वोत्तर के प्रभावित नागरिकों को हर ज़रूरी सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
आगे क्या
मानसून की सक्रियता को देखते हुए आने वाले सप्ताहों में स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय और राज्य सरकारें मिलकर राहत कार्यों को और मज़बूत करने की दिशा में काम कर रही हैं।