शुभांगी अत्रे के पिता ने कैंसर और कीमो के बाद जीता कैरम टूर्नामेंट, एक्ट्रेस ने कहा — 'असली ताकत अटूट हौसले में है'
सारांश
मुख्य बातें
टीवी एक्ट्रेस शुभांगी अत्रे के पिता ने एसोफैगस कैंसर से जंग जीतने के बाद एक कैरम टूर्नामेंट में पहला स्थान हासिल किया — और इस जीत ने पूरे परिवार के साथ-साथ उनके लाखों फैंस को भी भावुक कर दिया। 11 जुलाई को शुभांगी ने सोशल मीडिया पर इस खास पल की तस्वीरें साझा कीं, जिन पर टीवी इंडस्ट्री के दोस्तों और फैंस की ओर से प्यार की बाढ़ आ गई।
कैरम की ट्रॉफी और एक अनोखी जीत
शुभांगी के पिता की उंगलियाँ कीमोथेरेपी के दुष्प्रभाव के कारण अभी भी पूरी तरह ठीक नहीं हैं। इसके बावजूद उन्होंने टूर्नामेंट में भाग लिया और विजेता बने। शुभांगी ने अपने पोस्ट में लिखा, 'बधाई हो पापा। कैंसर से लड़ाई जीतने के बाद भी कीमोथेरेपी के कारण मेरे पापा की उंगलियाँ अब भी ठीक से काम नहीं करतीं। फिर भी उन्होंने कैरम का खेल जीत लिया। यह याद दिलाता है कि असली ताकत हमेशा पूरी तरह स्वस्थ हाथों में नहीं होती, बल्कि अटूट हौसले में होती है। बस खुश दिल के साथ आगे बढ़ते रहिए।'
साझा की गई तस्वीरों में शुभांगी के पिता को ट्रॉफी थामे, परिवार के सदस्यों और अन्य प्रतिभागियों के साथ मुस्कुराते हुए देखा जा सकता है। एक तस्वीर में शुभांगी खुद गर्व से उनके बगल में खड़ी हैं।
2024 में हुई थी कैंसर की पहचान
2024 में शुभांगी के पिता को एसोफैगस (खाने की नली) के कैंसर का पता चला था। उस कठिन दौर में एक्ट्रेस ने अपने इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स से दुआओं की अपील की थी और लिखा था, 'मेरे प्यारे इंस्टा परिवार, कुछ दिन पहले मेरे पिता को कैंसर होने का पता चला था, आज से उनका इलाज शुरू हो रहा है। हमारे परिवार को उनके जल्द ठीक होने के लिए आपके आशीर्वाद और दुआओं की जरूरत है।' रिपोर्टों के अनुसार, उनके पिता अब इस बीमारी से काफी हद तक उबर चुके हैं और रिकवरी अच्छी तरह जारी है।
इंडस्ट्री और फैंस की प्रतिक्रिया
शुभांगी के इस पोस्ट पर प्रोड्यूसर जेडी मजेठिया ने कमेंट कर बधाई दी। एक्ट्रेस कनिका माहेश्वरी ने लिखा, 'वाह, अब मुझे पता चला कि ताकत कहाँ से आती है — आपके पापा को बधाई।' टीवी इंडस्ट्री के कई और दोस्तों और फैंस ने भी इस जीत की तारीफ की।
शुभांगी अत्रे का करियर
शुभांगी अत्रे ने 'कसौटी जिंदगी की' से अभिनय की दुनिया में कदम रखा था। इसके बाद 'कस्तूरी', 'दो हंसों का जोड़ा', 'हवन' और 'चिड़िया घर' जैसे सीरियलों ने उन्हें दर्शकों के बीच लोकप्रिय बनाया। लेकिन असली पहचान उन्हें 'भाबीजी घर पर हैं' में भाभी के किरदार से मिली, जो आज भी उनकी पहचान बनी हुई है। यह जीत शुभांगी के परिवार के लिए महज एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि एक लंबी और कठिन लड़ाई की सबसे खूबसूरत परिणति है।