थूथुकुडी तट पर ₹17 लाख की बीड़ी पत्तियां जब्त, श्रीलंका तस्करी का भंडाफोड़; तस्कर फरार
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के थूथुकुडी तट पर शनिवार, 11 जुलाई की तड़के क्यू ब्रांच पुलिस ने एक सफल अभियान में ₹17 लाख मूल्य की बीड़ी पत्तियों की बड़ी खेप बरामद की, जिसे समुद्री मार्ग से श्रीलंका तस्करी के लिए तैयार किया गया था। खुफिया सूचना पर आधारित इस कार्रवाई में पुलिस के पहुँचते ही संदिग्ध तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।
अभियान की पृष्ठभूमि और खुफिया सूचना
क्यू ब्रांच की इंस्पेक्टर विजय अनिता को गुप्त सूत्रों से जानकारी मिली थी कि इनिगो नगर तटीय क्षेत्र में बड़ी मात्रा में बीड़ी पत्तियां जमा की गई हैं और उन्हें नाव के ज़रिए अवैध रूप से श्रीलंका भेजने की तैयारी की जा रही है। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए देर रात एक विशेष टीम गठित की गई।
मुख्य घटनाक्रम और बरामदगी
सब-इंस्पेक्टर रामचंद्रन के नेतृत्व में गठित विशेष टीम — जिसमें स्पेशल सब-इंस्पेक्टर रामर, इंस्पेक्टर इरुदयराज कुमार, इसाक्किमुथु तथा पुलिसकर्मी पलानी, बालामुरुगन और पेचीराज शामिल थे — ने थूथुकुडी सिटी सब-डिवीजन के दक्षिण पुलिस थाना क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया।
तलाशी में इनिगो नगर बीच के दक्षिणी हिस्से में जंगलनुमा इलाके के बीच छिपाकर रखे गए 18 बंडल बरामद हुए, जिनमें प्रत्येक का वजन लगभग 30 किलोग्राम था। अधिकारियों के अनुसार, इन पत्तियों को समुद्री रास्ते से श्रीलंका भेजने के लिए पूरी तरह तैयार किया गया था। मौके से एक कार्गो वाहन भी जब्त किया गया, जिसका उपयोग इस खेप को तटीय क्षेत्र तक पहुँचाने में हुआ था।
जब्त माल का मूल्य और कस्टम को सौंपना
अधिकारियों के अनुसार, बरामद बीड़ी पत्तियों की अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में अनुमानित कीमत ₹17 लाख है। जब्त सामान और वाहन को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सीमा शुल्क (कस्टम) विभाग को सौंपा जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब थूथुकुडी तट पर सीमा पार तस्करी की घटनाएँ चिंता का विषय बनी हुई हैं।
जाँच का दायरा और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने तस्करों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के लिए जाँच शुरू कर दी है। जाँच एजेंसियाँ जब्त वाहन के मालिक का पता लगाने के साथ-साथ थूथुकुडी तट पर सक्रिय संभावित संगठित तस्करी नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह खेप किसके लिए भेजी जा रही थी और क्या इसका संबंध किसी बड़े गिरोह से है — यह भी जाँच के दायरे में है।
निगरानी में वृद्धि
गौरतलब है कि तमिलनाडु तट और श्रीलंका के बीच समुद्री तस्करी कोई नई समस्या नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, क्यू ब्रांच और अन्य एजेंसियों ने सीमा पार तस्करी पर रोक लगाने के लिए तटीय निगरानी और खुफिया नेटवर्क को और मज़बूत किया है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।