फारूक अब्दुल्ला अलगाववाद की पुरानी राजनीति को पुनर्जीवित करना चाहते हैं: BJP के तरुण चुघ
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सदस्य तरुण चुघ ने 11 जुलाई को जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने की माँग पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला और उनकी पार्टी जम्मू-कश्मीर के वास्तविक मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। चुघ के अनुसार, प्रदेश का भविष्य अब विकास, पर्यटन और राष्ट्रीय एकता पर टिका है, न कि पुरानी अलगाववादी राजनीति पर।
अनुच्छेद 370 पर BJP का रुख
तरुण चुघ ने कहा, 'फारूक अब्दुल्ला और उनका पूरा समूह पुराने और असफल एजेंडे को फिर से सामने लाना चाहता है, लेकिन जिस अनुच्छेद 370 को देश की संसद और सर्वोच्च न्यायालय दोनों खारिज कर चुके हैं, उसकी जमीनी स्तर पर कोई माँग नहीं है।' उन्होंने दावा किया कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में विकास की नई इबारत लिखी गई है और पर्यटन नई ऊँचाइयों पर पहुँचा है।
विकास बनाम अलगाववाद
चुघ ने आरोप लगाया कि अपने वादों का हिसाब देने के बजाय फारूक अब्दुल्ला जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल (एलजी) के नेतृत्व में हर हाथ को काम देने की दिशा में लगातार प्रयास हो रहे हैं। BJP, जम्मू-कश्मीर को फिर से अलगाववाद और पत्थरबाजी के दौर में लौटाने की हर कोशिश का पुरजोर विरोध करेगी। चुघ ने कहा, 'प्रदेश की जनता शांति, निवेश और रोजगार चाहती है, लेकिन कुछ लोग नए-नए आंदोलनों के जरिए वहाँ के विकास, शांति और पर्यटन को नुकसान पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं।'
कांग्रेस पर जातिगत भेदभाव का आरोप
तरुण चुघ ने कांग्रेस नेतृत्व पर भी निशाना साधा। उन्होंने याद दिलाया कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने कांग्रेस के ही कुछ नेताओं पर आरोप लगाया है कि वे पार्टी के अनुसूचित जाति वर्ग के कार्यकर्ताओं के साथ जातिगत आधार पर भेदभाव कर रहे हैं। चुघ ने कहा कि न तो भूपेश बघेल ने इन आरोपों पर कोई स्पष्टीकरण दिया है और न ही दोषी लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई है। उनके शब्दों में, 'आज कांग्रेस पार्टी के अंदर जातिगत आधार पर धक्का देने की बात चरम सीमा पर पहुँच चुकी है।'
राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान पर BJP का स्वागत
'वंदे मातरम' और 'जन गण मन' को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश का स्वागत करते हुए चुघ ने कहा कि यह निर्णय राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान को और सुदृढ़ करेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय गीत केवल औपचारिकताएँ नहीं, बल्कि भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय चेतना के प्रतीक हैं। चुघ ने कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कहा कि 'वंदे मातरम्' — जिसने स्वतंत्रता संग्राम में देशवासियों को एकजुट किया था — उसका विरोध दुर्भाग्यपूर्ण है। जम्मू-कश्मीर में शांति और प्रगति की यह यात्रा आगे भी जारी रहेगी, यह BJP का स्पष्ट संदेश है।