11 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पीएम मोदी ने ऑकलैंड में सुनाई 'जोड़ा साहिब' की गाथा, प्रवासी भारतीयों से बोले — पटना साहिब जरूर जाएं

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पीएम मोदी ने ऑकलैंड में सुनाई 'जोड़ा साहिब' की गाथा, प्रवासी भारतीयों से बोले — पटना साहिब जरूर जाएं

सारांश

ऑकलैंड में प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने 300 साल पुरानी 'जोड़ा साहिब' की गाथा सुनाई — कैसे हरदीप पुरी के पूर्वजों ने इसे सहेजा, बंटवारे में बचाया और अब यह पटना साहिब की पावन भूमि पर विराजमान है। सिख विरासत, सेवा और राष्ट्रीय गौरव का यह संगम प्रवासी मन को भारत से जोड़ने का सशक्त प्रयास था।

मुख्य बातें

पीएम मोदी ने 11 जुलाई को ऑकलैंड में भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित किया।
पवित्र 'जोड़ा साहिब' को हरदीप पुरी के परिवार ने 300 वर्षों तक संजोकर रखा; अब यह पटना साहिब में स्थापित है।
सरकार श्री हेमकुंड साहिब तक रोपवे बनवा रही है ताकि श्रद्धालुओं को सुविधा मिले।
26 दिसंबर को 'वीर बाल दिवस' — चारों साहिबजादों और माता गुजरी के बलिदान की स्मृति में — राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाता है।
अफगानिस्तान संकट के दौरान भारत सरकार श्री गुरुग्रंथ साहिब के पवित्र स्वरूपों को पूरे सम्मान के साथ भारत लेकर आई।
मोदी ने प्रवासी भारतीयों से भारत यात्रा पर पटना साहिब में 'जोड़ा साहिब' के दर्शन का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में 11 जुलाई को भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित करते हुए सिख विरासत और आस्था के प्रतीक पवित्र 'जोड़ा साहिब' का इतिहास साझा किया। उन्होंने उपस्थित प्रवासी भारतीयों से आग्रह किया कि जब भी भारत आएं, पटना साहिब में इन पवित्र चरण-पादुकाओं के दर्शन अवश्य करें।

गुरु परंपरा और भारत की विरासत

मोदी ने अपने संबोधन में कहा, 'भारत जितना महत्व अपनी इकोनॉमी और इकोलॉजी को देता है, उतना ही फोकस अपनी हैरिटेज पर भी करता है।' उन्होंने श्री गुरुग्रंथ साहिब के पवित्र स्वरूपों का उल्लेख करते हुए बताया कि जब अफगानिस्तान में संकट आया, तो भारत सरकार गुरुग्रंथ साहिब के स्वरूपों को पूरे सम्मान के साथ भारत लेकर आई। उन्होंने कहा कि महान सिख गुरुओं ने पूरी मानवता को सेवा, साहस, समानता और करुणा का संदेश दिया है।

एफसीआरए की परेशानियों का समाधान और हेमकुंड साहिब रोपवे

मोदी ने बताया कि सिख समुदाय के कुछ लोगों ने श्री हरमंदिर साहिब में सेवा के लिए एफसीआरए से जुड़ी परेशानियों की जानकारी दी थी, जिसका सरकार ने तुरंत समाधान किया। उन्होंने यह भी घोषणा की कि हिमालय की ऊंचाइयों पर स्थित श्री हेमकुंड साहिब तक श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रोपवे का निर्माण किया जा रहा है, ताकि कठिन मार्ग की बाधा दूर हो सके।

वीर बाल दिवस — साहिबजादों की स्मृति में राष्ट्रीय पर्व

प्रधानमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने चारों साहिबजादों और माता गुजरी के शौर्य व बलिदान की अमर स्मृति में 26 दिसंबर को प्रतिवर्ष 'वीर बाल दिवस' मनाने की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि यह दिवस अब केरल से असम तक पूरे देश के लिए प्रेरणा का पर्व बन चुका है और अनगिनत बच्चों के मन में अटूट साहस का संचार कर रहा है।

'जोड़ा साहिब' की ऐतिहासिक यात्रा — पुरी परिवार से पटना साहिब तक

मोदी ने 'जोड़ा साहिब' की विशेष गाथा सुनाई। उन्होंने बताया कि उनके सरकारी सहयोगी हरदीप पुरी के पूर्वज श्री गुरु गोविंद सिंह जी के सेवादार थे और पुरी परिवार ने श्री गुरु गोविंद सिंह और माता साहिब कौर जी के 'जोड़ा साहिब' को 300 वर्षों से संजोकर रखा था। देश के बंटवारे के समय पुरी परिवार के पूर्वज इन्हें सुरक्षित दिल्ली ले आए।

परिवार की इच्छा थी कि इन पवित्र चरण-पादुकाओं को सिख संगत को सौंपा जाए, जिससे अधिक से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर सकें। मोदी ने बताया कि सरकार ने निर्णय लिया कि 'जोड़ा साहिब' को श्री गुरु गोविंद सिंह की जन्मस्थली पटना साहिब में स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा, 'मुझे खुशी है कि अब ये पवित्र जोड़ा साहिब पटना साहिब की पावन भूमि पर हैं, और उस पवित्र अवसर का साक्षी बनना मेरा सौभाग्य रहा।'

प्रवासी भारतीयों से आह्वान

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने प्रवासी भारतीय समुदाय से आग्रह किया कि जब भी वे भारत आएं, पटना साहिब में 'जोड़ा साहिब' के दर्शन अवश्य करें। यह आह्वान भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से जुड़ाव बनाए रखने की व्यापक कोशिश का हिस्सा है, जो मोदी सरकार की विदेश नीति में प्रवासी भारतीयों को केंद्रीय भूमिका देने की रणनीति को दर्शाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'जोड़ा साहिब' क्या है और यह पटना साहिब में कैसे पहुंचा?
'जोड़ा साहिब' श्री गुरु गोविंद सिंह जी और माता साहिब कौर जी की पवित्र चरण-पादुकाएं हैं, जिन्हें हरदीप पुरी के पूर्वजों ने 300 वर्षों तक संजोकर रखा। देश के बंटवारे के समय परिवार इन्हें सुरक्षित दिल्ली ले आया और बाद में सरकार के निर्णय से इन्हें गुरु गोविंद सिंह की जन्मस्थली पटना साहिब में स्थापित किया गया।
पीएम मोदी ने ऑकलैंड में प्रवासी भारतीयों को क्या संदेश दिया?
पीएम मोदी ने 11 जुलाई को ऑकलैंड में प्रवासी भारतीयों से कहा कि भारत अपनी अर्थव्यवस्था के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत को भी उतना ही महत्व देता है। उन्होंने आग्रह किया कि जब भी भारत आएं, पटना साहिब में 'जोड़ा साहिब' के दर्शन अवश्य करें।
'वीर बाल दिवस' क्या है और यह कब मनाया जाता है?
'वीर बाल दिवस' प्रतिवर्ष 26 दिसंबर को मनाया जाता है, जो चारों साहिबजादों और माता गुजरी के शौर्य व बलिदान की स्मृति में मोदी सरकार द्वारा स्थापित राष्ट्रीय दिवस है। यह दिवस अब केरल से असम तक पूरे देश में प्रेरणा के पर्व के रूप में मनाया जाता है।
हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना क्या है?
श्री हेमकुंड साहिब हिमालय की ऊंचाइयों पर स्थित एक महत्वपूर्ण सिख तीर्थस्थल है, जहाँ पहुँचने का मार्ग अत्यंत कठिन है। मोदी सरकार वहाँ तक श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रोपवे का निर्माण करवा रही है।
अफगानिस्तान संकट के दौरान गुरुग्रंथ साहिब के स्वरूपों को भारत क्यों लाया गया?
अफगानिस्तान में राजनीतिक संकट के दौरान वहाँ मौजूद श्री गुरुग्रंथ साहिब के पवित्र स्वरूपों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार उन्हें पूरे सम्मान के साथ भारत ले आई। पीएम मोदी ने इसे भारत की विरासत-संरक्षण की प्रतिबद्धता के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 घंटे पहले
  2. 4 घंटे पहले
  3. 22 घंटे पहले
  4. कल
  5. 8 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले