कपूरथला मेयर और चमकौर साहिब नगर परिषद अध्यक्ष पद: वड़िंग ने 'आप' पर उठाए लोकतंत्र के सवाल
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने 9 जुलाई 2026 को कपूरथला नगर निगम के मेयर पद और चमकौर साहिब नगर परिषद अध्यक्ष पद पर आम आदमी पार्टी (AAP) की जीत को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के विरुद्ध बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि जब मतदाताओं ने कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया था, तो ये पद 'आप' के खाते में जाना जनादेश का अपमान है।
वड़िंग के आरोप: जनादेश से खिलवाड़
वड़िंग ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कपूरथला मेयर और चमकौर साहिब नगर परिषद अध्यक्ष पद जिस तरीके से 'आप' के पास गए, उसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए। उन्होंने 'आप' से सीधा सवाल किया कि यदि जनता ने कांग्रेस को वोट दिया था, तो चुनाव के बाद राजनीतिक जोड़-तोड़ से ये पद 'आप' को कैसे मिल गए।
कांग्रेस नेता ने स्पष्ट कहा कि लोकतंत्र का अर्थ केवल मतदान कराना नहीं, बल्कि जनता के जनादेश का सम्मान करना भी है। उनके अनुसार, चुनाव के बाद की राजनीतिक गतिविधियों के ज़रिए जनता के फैसले को प्रभावित करना अस्वीकार्य है।
'आप' का पक्ष: तीनों पदों पर जीत का दावा
दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर दावा किया कि पार्टी ने चमकौर साहिब काउंसिल चुनाव में जीत दर्ज की और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी अपना गढ़ बचाने में नाकाम रहे। पार्टी के अनुसार, 'आप' के उम्मीदवारों ने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और वरिष्ठ उपाध्यक्ष — तीनों पदों पर जीत हासिल की।
कपूरथला नगर निगम में भी 'आप' ने बड़ी सफलता का दावा किया। पार्टी के अनुसार, नरिंदर सिंह मनसू को नगर निगम का मेयर चुना गया, कामाक्षी दुग्गल ने सीनियर डिप्टी मेयर पद जीता और समीर शर्मा डिप्टी मेयर चुने गए।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच स्थानीय निकाय चुनावों में वर्चस्व की लड़ाई तेज़ हो रही है। गौरतलब है कि चमकौर साहिब विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चरणजीत सिंह चन्नी का गढ़ माना जाता रहा है, और यहाँ 'आप' की जीत का दावा कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से संवेदनशील है।
आलोचकों का कहना है कि स्थानीय निकाय चुनावों के बाद सत्ता-पक्ष की ओर पार्षदों का झुकाव एक पुरानी प्रवृत्ति है, जो पंजाब की राजनीति में नई नहीं है। वड़िंग का यह बयान इसी पृष्ठभूमि में आया है।
आगे क्या होगा
कांग्रेस ने संकेत दिया है कि वह इस मुद्दे को जनता के बीच उठाती रहेगी और 'आप' सरकार से जवाबदेही माँगेगी। 'आप' ने अपनी जीत को पूरी तरह निष्पक्ष और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का परिणाम बताया है। दोनों पार्टियों के बीच यह विवाद आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए राजनीतिक माहौल को और गरमाने की संभावना है।