19 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गौतमबुद्धनगर पुलिस का बड़ा अभियान: साढ़े तीन साल में 353 इनामी अपराधी गिरफ्तार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गौतमबुद्धनगर पुलिस का बड़ा अभियान: साढ़े तीन साल में 353 इनामी अपराधी गिरफ्तार

सारांश

गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस ने साढ़े तीन साल के अभियान में 353 इनामी अपराधियों को गिरफ्तार किया — जिनमें ₹1 लाख के इनामी से लेकर ₹2,500 के इनामी तक शामिल। तकनीकी सर्विलांस और सक्रिय सूचना तंत्र ने इस उपलब्धि को संभव बनाया।

मुख्य बातें

गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस ने 1 जनवरी 2023 से 14 सितंबर 2026 के बीच 353 इनामी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।
सबसे अधिक 169 अभियुक्त ₹25,000 के इनाम की श्रेणी से; ₹10,000 के इनाम वाले 80 अभियुक्त भी पकड़े गए।
₹1 लाख के इनाम वाले 2 और ₹50,000 के इनाम वाले 5 उच्च-इनामी अभियुक्त भी गिरफ्तार।
गिरफ्तारी के लिए तकनीकी एवं इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और स्थानीय सूचना तंत्र का उपयोग किया गया।
पुलिस के अनुसार, इस अभियान से लंबित अभियोगों के निस्तारण और कानून-व्यवस्था को मज़बूत करने में मदद मिली।

गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस ने 1 जनवरी 2023 से 14 सितंबर 2026 के बीच संगीन और अन्य आपराधिक मामलों में वांछित 353 इनामी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, यह कार्रवाई तकनीकी निगरानी, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और सक्रिय सूचना तंत्र के बलबूते संभव हो सकी। यह अभियान नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम माना जा रहा है।

गिरफ्तारी का विवरण

पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए 353 इनामी अभियुक्तों में विभिन्न राशियों के इनाम घोषित अपराधी शामिल हैं। सबसे अधिक 169 अभियुक्त ₹25,000 के इनाम वाली श्रेणी से थे, जबकि ₹10,000 के इनाम वाले 80 अभियुक्त भी गिरफ्त में आए।

₹1 लाख के इनाम वाले 2 अभियुक्त, ₹50,000 के इनाम वाले 5 अभियुक्त, ₹20,000 के इनाम वाले 20 अभियुक्त, ₹15,000 के इनाम वाले 54 अभियुक्त, ₹5,000 के इनाम वाले 21 अभियुक्त और ₹2,500 के इनाम वाले 2 अभियुक्त भी इस अभियान में पकड़े गए।

अभियान की कार्यप्रणाली

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वांछित अपराधियों की लोकेशन ट्रैक करने और उनकी गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए आधुनिक तकनीकी एवं इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस का व्यापक उपयोग किया गया। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को मज़बूत बनाकर इनामी अपराधियों तक पहुँच बनाई गई।

गौरतलब है कि संबंधित पुलिस टीमों ने इनाम घोषित होने के बाद लगातार और समन्वित तरीके से अभियान चलाए, जिससे लंबे समय से फरार चल रहे अभियुक्तों की गिरफ्तारी संभव हो सकी।

कानून-व्यवस्था पर असर

पुलिस का कहना है कि इनामी और वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी से विभिन्न लंबित अभियोगों के प्रभावी निस्तारण में सहायता मिली है। साथ ही इससे संगठित अपराध पर अंकुश लगाने और जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने में भी मदद मिली है।

यह ऐसे समय में आया है जब गौतमबुद्धनगर जैसे तेज़ी से विकसित होते औद्योगिक और आवासीय क्षेत्र में अपराध नियंत्रण एक बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बड़े पैमाने पर औद्योगिक और रियल एस्टेट गतिविधियों के कारण यहाँ अपराधियों की सक्रियता भी चिंता का विषय रही है।

आगे की कार्रवाई

गौतमबुद्धनगर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। विशेष रूप से वांछित एवं इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी और संगठित अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस टीमें निरंतर कार्रवाई करती रहेंगी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आधुनिक तकनीक और सक्रिय सूचना तंत्र का संयोजन आगे भी अभियान की रीढ़ बना रहेगा, ताकि अपराधियों पर दबाव बनाए रखा जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इनमें से कितने मामलों में अदालती सज़ा तक पहुँचा जा सका। उत्तर प्रदेश में पुलिस अभियानों की संख्या प्रायः अधिक होती है, पर अभियोजन दर और सज़ा दर का डेटा सार्वजनिक नहीं किया जाता। गौतमबुद्धनगर जैसे तेज़ी से विकसित होते जिले में जहाँ आर्थिक गतिविधि और अपराध दोनों बढ़े हैं, वहाँ सिर्फ गिरफ्तारी की संख्या नहीं, बल्कि पुनरावृत्ति दर और संगठित अपराध के टूटे नेटवर्क की संख्या भी मापनी चाहिए।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गौतमबुद्धनगर पुलिस ने कितने इनामी अपराधी गिरफ्तार किए?
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी 2023 से 14 सितंबर 2026 के बीच कमिश्नरेट क्षेत्र में कुल 353 इनामी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। इनमें ₹2,500 से लेकर ₹1 लाख तक के इनाम वाले अपराधी शामिल हैं।
किस इनाम श्रेणी में सबसे अधिक अपराधी गिरफ्तार हुए?
₹25,000 के इनाम वाली श्रेणी में सबसे अधिक 169 अभियुक्त गिरफ्तार किए गए। इसके बाद ₹10,000 के इनाम वाले 80 और ₹15,000 के इनाम वाले 54 अभियुक्त पकड़े गए।
पुलिस ने इन अपराधियों को कैसे पकड़ा?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए तकनीकी एवं इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस का सहारा लिया गया। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को सक्रिय रखकर संदिग्धों की लोकेशन का पता लगाया गया।
इस अभियान का कानून-व्यवस्था पर क्या असर पड़ा?
पुलिस का कहना है कि इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी से लंबित अभियोगों के प्रभावी निस्तारण में मदद मिली और जिले में कानून-व्यवस्था मज़बूत हुई। संगठित अपराध पर भी अंकुश लगाने में सफलता मिली बताई जा रही है।
क्या गौतमबुद्धनगर पुलिस का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा?
हाँ, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वांछित और इनामी अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। आधुनिक तकनीक और सक्रिय सूचना तंत्र के ज़रिए अपराधियों पर दबाव बनाए रखने की रणनीति जारी रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले