19 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गुजरात में हर आंगनवाड़ी पर महिला समिति का गठन, पोषण और प्रारंभिक शिक्षा की होगी निगरानी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गुजरात में हर आंगनवाड़ी पर महिला समिति का गठन, पोषण और प्रारंभिक शिक्षा की होगी निगरानी

सारांश

गुजरात ने हर आंगनवाड़ी पर 7 महिला सदस्यीय प्रबंधन समिति (AMC) बनाने का फैसला किया है। समितियाँ पोषण, स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं की हर दो माह में समीक्षा करेंगी — मोदी के 'मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0' को जमीनी जवाबदेही देने की कोशिश।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात के प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र पर 7 सदस्यीय महिला AMC गठित करने का निर्णय लिया गया।
समिति में महिला सुपरवाइज़र (अध्यक्ष) , आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, दो माताएँ , SHG/NGO प्रतिनिधि और एक महिला शिक्षिका शामिल होंगी।
बैठक हर दो महीने में होगी; विवरण 7 दिनों के भीतर CDPO को सौंपना अनिवार्य।
CDPO वर्ष में कम से कम दो बार प्रत्येक AMC की कार्यप्रणाली की समीक्षा करेंगे।
यह पहल जुलाई 2026 में केंद्र द्वारा 2 लाख आंगनवाड़ियों को 'सक्षम आंगनवाड़ी' के रूप में उन्नत करने की मंजूरी के बाद आई है।
समितियाँ पोषण ट्रैकर अपडेट, कुपोषित बच्चों की पहचान, THR/HCM गुणवत्ता और 'आधारशिला' प्री-प्राइमरी गतिविधियों की भी निगरानी करेंगी।

गुजरात सरकार ने राज्य के प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र पर महिला-नेतृत्व वाली आंगनवाड़ी प्रबंधन समितियाँ (AMC) गठित करने का निर्णय लिया है, जिनका उद्देश्य 0 से 6 वर्ष के बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक बाल शिक्षा में सामुदायिक भागीदारी को नई ऊर्जा देना है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में लिए गए इस फैसले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0' को जमीनी स्तर पर सशक्त बनाने की दिशा में उठाया गया महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह पहल ऐसे समय में आई है जब जुलाई 2026 में केंद्र सरकार ने देशभर में 2 लाख आंगनवाड़ी केंद्रों को 'सक्षम आंगनवाड़ी' के रूप में उन्नत करने की स्वीकृति दी थी।

समिति की संरचना और सदस्यता

महिला एवं बाल विकास मंत्री मनीषा वकील के मार्गदर्शन में संबंधित बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) प्रत्येक AMC का गठन करेंगे। समिति में कुल सात महिला सदस्य होंगी — महिला सुपरवाइज़र अध्यक्ष के रूप में और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सदस्य-सचिव की भूमिका में रहेंगी। इसके अतिरिक्त एक आशा कार्यकर्ता, 3 से 6 वर्ष के पंजीकृत बच्चों की दो माताएँ, स्थानीय स्वयं सहायता समूह (SHG) या NGO/CSO की एक महिला प्रतिनिधि और नजदीकी सरकारी प्राथमिक विद्यालय की एक महिला शिक्षिका भी शामिल होंगी।

बैठक के लिए कोरम के रूप में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष सहित कम से कम चार सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। निर्णय यथासंभव आम सहमति से और आवश्यकता पड़ने पर बहुमत से लिए जाएंगे।

निगरानी के प्रमुख क्षेत्र

ये समितियाँ हर दो महीने में एक बैठक आयोजित करेंगी, जिसमें केंद्र के बुनियादी ढाँचे — आंगनवाड़ी भवन, पेयजल, शौचालय, रसोई, भंडारण, फर्नीचर, शिक्षण सामग्री (TLM) और स्वच्छता — की जाँच की जाएगी। पूरक पोषण सेवाओं में टेक होम राशन (THR) और गर्म पका भोजन (HCM) की गुणवत्ता, ताज़गी और पोषण मानकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

गौरतलब है कि समितियाँ 'आधारशिला' कार्यक्रम के अंतर्गत दैनिक प्री-प्राइमरी गतिविधियों, पाठ्यक्रम-आधारित कक्षाओं और बाल दिवस थीम गतिविधियों की भी समीक्षा करेंगी। बच्चों के मासिक विकास रिकॉर्ड और पोषण ट्रैकर पर अद्यतन जानकारी बनाए रखना भी इनकी जिम्मेदारी होगी।

कुपोषण और समावेशी सेवाओं पर फोकस

अधिकारियों के अनुसार, घर-घर सर्वे और कम्युनिटी मैपिंग के जरिए समितियाँ गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और 0 से 6 वर्ष के बच्चों की पहचान करेंगी ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी सेवाओं से वंचित न रहे। 0 से 3 वर्ष के बच्चों के विकास के पड़ाव, स्वास्थ्य जाँच, कुपोषित बच्चों की पहचान, उनकी उचित रेफरल सेवाओं तक पहुँच और फॉलो-अप — ये सभी समितियों के एजेंडे का हिस्सा होंगे। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के पंजीकरण, उपस्थिति और समावेशी सेवाओं की निगरानी भी सुनिश्चित की जाएगी।

सामुदायिक भागीदारी और संसाधन जुटाना

AMC माता-पिता, स्वयंसेवकों, निजी संस्थाओं, कॉर्पोरेट इकाइयों, NGO, CSO और अन्य सामुदायिक समूहों को केंद्रों के लिए अपना समय, कौशल और संसाधन देने के लिए प्रेरित करेंगी। खिलौने, कपड़े, शैक्षणिक सामग्री और गतिविधि-संबंधी संसाधनों का सहयोग प्रोत्साहित किया जाएगा। पोषण वाटिका (न्यूट्री-गार्डन) स्थापित करने और उनकी देखभाल में पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों को भी जोड़ा जाएगा।

जवाबदेही तंत्र और आगे की राह

प्रत्येक बैठक का विवरण — उपस्थिति, चर्चा, निर्णय और उन पर की गई कार्रवाई — निर्धारित प्रारूप में दर्ज होगा और सात दिनों के भीतर संबंधित CDPO को सौंपना अनिवार्य होगा। CDPO साल में कम से कम दो बार प्रत्येक समिति की कार्यप्रणाली की समीक्षा करेंगे। स्थानीय स्तर पर अनसुलझे बड़े मुद्दों को कार्यक्रम अधिकारी और CDPO के पास भेजा जाएगा। राज्य सरकार का मानना है कि यह ढाँचा आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्थानीय स्वशासन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करेगा और सेवाओं में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात में आंगनवाड़ी प्रबंधन समिति (AMC) क्या है?
AMC एक 7 सदस्यीय महिला-नेतृत्व वाली समिति है जो प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र पर पोषण, स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं की निगरानी करेगी। इसमें महिला सुपरवाइज़र, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, दो माताएँ, SHG/NGO प्रतिनिधि और एक महिला शिक्षिका शामिल होंगी।
ये समितियाँ कितनी बार बैठक करेंगी और रिपोर्ट कब देनी होगी?
AMC की बैठक हर दो महीने में एक बार आंगनवाड़ी केंद्र पर आयोजित होगी। बैठक का विवरण — उपस्थिति, निर्णय और की गई कार्रवाई — 7 दिनों के भीतर संबंधित CDPO को सौंपना अनिवार्य होगा।
यह पहल 'मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0' से कैसे जुड़ी है?
गुजरात की AMC योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0' को जमीनी स्तर पर सशक्त करने के लिए बनाई गई है। जुलाई 2026 में केंद्र सरकार ने देशभर के 2 लाख आंगनवाड़ी केंद्रों को 'सक्षम आंगनवाड़ी' के रूप में उन्नत करने की मंजूरी दी थी, जिसके अनुरूप यह राज्य-स्तरीय कदम उठाया गया है।
AMC कुपोषण से निपटने के लिए क्या करेगी?
समितियाँ 0 से 3 वर्ष के बच्चों के विकास के पड़ावों, स्वास्थ्य जाँच और कुपोषित बच्चों की पहचान की नियमित समीक्षा करेंगी। घर-घर सर्वे और कम्युनिटी मैपिंग के ज़रिए गर्भवती व स्तनपान कराने वाली माताओं सहित सभी पात्र लाभार्थियों को सेवाओं से जोड़ने की जिम्मेदारी भी इन समितियों की होगी।
समितियों की निगरानी कौन करेगा और स्थानीय स्तर पर अनसुलझे मुद्दों का क्या होगा?
CDPO वर्ष में कम से कम दो बार प्रत्येक AMC की कार्यप्रणाली की समीक्षा करेंगे। स्थानीय स्तर पर हल न हो सकने वाले बड़े मुद्दों को कार्यक्रम अधिकारी और CDPO के पास भेजा जाएगा ताकि उचित समाधान सुनिश्चित हो सके।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले