नोएडा: साइबर पुलिस ने तीन वर्षों में १६९२ धोखाधड़ी करने वालों को किया गिरफ्तार

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नोएडा: साइबर पुलिस ने तीन वर्षों में १६९२ धोखाधड़ी करने वालों को किया गिरफ्तार

सारांश

गौतमबुद्ध नगर में साइबर अपराधों के खिलाफ पुलिस का अभियान जारी है। तीन वर्षों में १६९२ आरोपियों की गिरफ्तारी और १३९ करोड़ रुपये की ठगी की रकम को फ्रीज किया गया। इस दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर चर्चा।

मुख्य बातें

गौतमबुद्ध नगर में साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त अभियान।
पुलिस ने १६९२ आरोपियों को गिरफ्तार किया।
ठगी की रकम १३९ करोड़ रुपये से अधिक फ्रीज की गई।
पीड़ितों को ६८ करोड़ रुपये वापस कराए गए।
जन जागरूकता अभियानों का महत्व।

गौतमबुद्ध नगर, २७ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। गौतमबुद्ध नगर में साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस का कठोर अभियान निरंतर जारी है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के मार्गदर्शन में साइबर क्राइम पुलिस ने बीते तीन वर्षों में व्यापक कार्रवाई करते हुए उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है।

पुलिस द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, १ जनवरी २०२३ से २७ मार्च २०२६ तक चलाए गए विशेष अभियान में डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी, केवाईसी अपडेट के नाम पर ठगी, फर्जी कस्टमर केयर कॉल और लोन ऐप फ्रॉड जैसे विभिन्न साइबर अपराधों का सफल खुलासा किया गया है।

इस दौरान कुल १६९२ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। ये गिरफ्तारियां उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और गुजरात जैसे अनेक राज्यों से अभियुक्तों को पकड़ा गया है, जो इस नेटवर्क की व्यापकता को दर्शाता है। साइबर क्राइम पुलिस की त्वरित कार्रवाई के परिणामस्वरूप अब तक १३९ करोड़ ५४ लाख ११ हजार १७० रुपये की ठगी की रकम को फ्रीज किया गया है।

इसके अलावा, ६८ करोड़ ३७ लाख ४८ हजार ४८४ रुपये की धनराशि पीड़ितों को वापस भी कराई गई है। यह उपलब्धि साइबर अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर द्वारा आधुनिक तकनीकी संसाधनों का उपयोग करते हुए साइबर अपराधों की निगरानी, विश्लेषण और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही आम जनता को जागरूक करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जनजागरूकता अभियानों, सोशल मीडिया, कार्यशालाओं और साइबर सुरक्षा कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को लगातार सचेत किया जा रहा है।

इन अभियानों में नागरिकों को बताया जा रहा है कि वे अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक और फर्जी संदेशों से सावधान रहें। विशेष रूप से “डिजिटल अरेस्ट” और निवेश से जुड़े लालच वाले ऑफर्स से बचने की सलाह दी जा रही है। लोगों को यह भी समझाया जा रहा है कि वे अपनी व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें और केवल अधिकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म का ही इस्तेमाल करें।

पुलिस ने यह भी अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी होती है तो वह तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर १९३० पर कॉल करे या आधिकारिक वेबसाइट पर शिकायत दर्ज कराए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि साइबर अपराधियों के नेटवर्क को भी उजागर करता है। पुलिस की तत्परता और जागरूकता अभियानों की आवश्यकता अब और भी अधिक है।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

साइबर पुलिस ने कितने अपराधियों को गिरफ्तार किया?
१६९२ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने कितनी ठगी की रकम को फ्रीज किया?
१३९ करोड़ ५४ लाख ११ हजार १७० रुपये की ठगी की रकम को फ्रीज किया गया है।
पीड़ितों को कितनी धनराशि वापस कराई गई?
६८ करोड़ ३७ लाख ४८ हजार ४८४ रुपये की धनराशि वापस कराई गई है।
साइबर ठगी की शिकार होने पर क्या करें?
राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर १९३० पर कॉल करें या वेबसाइट पर शिकायत दर्ज कराएं।
साइबर अपराधों से बचने के लिए क्या सावधानियाँ बरतें?
अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक और फर्जी संदेशों से सावधान रहें। अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।
राष्ट्र प्रेस
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