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ऑपरेशन ग्रिप: 14 साल से फरार हत्या का आरोपी सी आनंद कोयंबटूर से गिरफ्तार

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ऑपरेशन ग्रिप: 14 साल से फरार हत्या का आरोपी सी आनंद कोयंबटूर से गिरफ्तार

सारांश

14 साल तक मोबाइल से दूर रहकर और ठिकाने बदलते हुए पुलिस को चकमा देने वाले हत्या के आरोपी सी आनंद को कन्नूर पुलिस ने आखिरकार कोयंबटूर से दबोच लिया। 'ऑपरेशन ग्रिप' के तहत गुप्त निगरानी के बाद की गई यह गिरफ्तारी अंतर-राज्यीय पुलिस सहयोग की बड़ी सफलता है।

मुख्य बातें

सी आनंद को 2012 के हत्याकांड में 14 वर्षों की फरारी के बाद कोयंबटूर के कंगायमपालयम से गिरफ्तार किया गया।
पीड़ित मणिकंदन पर 2 दिसंबर 2012 की शाम 7:15 बजे लाठी-डंडों से हमला किया गया था, जिससे उनकी मृत्यु हुई।
आरोपी मोबाइल फोन से परहेज़ करता था और लगातार ठिकाना बदलता रहता था।
आनंद तमिलनाडु के सुलूर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में 2021 के एक अन्य हत्या मामले में भी आरोपी है।
कार्तिक आईपीएस की निगरानी और कमिश्नर विजय भारत रेड्डी आईपीएस के निर्देश पर 'ऑपरेशन ग्रिप' के तहत की गई।

कन्नूर सिटी पुलिस की विशेष जांच टीम ने 19 सितंबर 2026 को 2012 के हत्या मामले में 14 वर्षों से फरार चल रहे आरोपी सी आनंद को तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित कंगायमपालयम इलाके से गिरफ्तार कर लिया। आनंद काक्कमपालम निवासी मणिकंदन की हत्या के मामले में प्रमुख आरोपी है और अदालत उसे पहले ही उद्घोषित अपराधी घोषित कर चुकी थी। यह कार्रवाई 'ऑपरेशन ग्रिप' के तहत की गई।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, यह घटना 2 दिसंबर 2012 की शाम करीब 7:15 बजे अझिकोड पंचायत के काक्कमपालम स्थित इस्माइल क्वार्टर्स के निकट हुई थी। आरोप है कि मणिकंदन पर लाठी-डंडे से हमला किया गया था, जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आई थीं और बाद में उनकी मृत्यु हो गई थी।

वलपट्टनम पुलिस ने उस समय आनंद को गिरफ्तार किया था, परंतु जमानत मिलने के बाद वह फरार हो गया। इसके बाद अदालत ने उसे उद्घोषित अपराधी घोषित कर दिया था।

कैसे बचता रहा आरोपी

जांच में सामने आया कि आनंद मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करता था और तमिलनाडु के अलग-अलग इलाकों में लगातार अपना ठिकाना बदलता रहता था। इसी कारण वह कई वर्षों तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा।

गौरतलब है कि पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि आनंद कभी-कभी कोयंबटूर के कंगायमपालयम स्थित एक घर में आता है। इसके बाद विशेष जांच टीम ने गुप्त रूप से उसकी गतिविधियों पर नज़र रखना शुरू किया। लगातार निगरानी के बाद उसकी पहचान और ठिकाने की पुष्टि होते ही टीम ने तत्काल कार्रवाई की।

दूसरे मामले में भी आरोपी

जांच में यह भी सामने आया कि आनंद तमिलनाडु के सुलूर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में वर्ष 2021 में दर्ज एक अन्य हत्या मामले में भी आरोपी है। इस प्रकार वह एक से अधिक राज्यों में दर्ज आपराधिक मामलों में संलिप्त पाया गया है।

ऑपरेशन की निगरानी

यह गिरफ्तारी कन्नूर रेंज के डीआईजी के. कार्तिक आईपीएस की निगरानी और कन्नूर सिटी पुलिस कमिश्नर विजय भारत रेड्डी आईपीएस के निर्देश पर संपन्न हुई। नारकोटिक सेल के एसीपी वीवी मनोज और कन्नूर टाउन एसीपी असद के नेतृत्व में गठित विशेष जांच टीम पिछले कई महीनों से आरोपी की तलाश में जुटी थी।

क्या होगा आगे

फिलहाल आरोपी को कन्नूर लाया जाएगा, जहाँ उसे संबंधित अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा। 2021 के तमिलनाडु हत्याकांड में भी उसकी संलिप्तता की जांच जारी रहने की संभावना है। यह गिरफ्तारी अंतर-राज्यीय पुलिस समन्वय की सफलता का उदाहरण मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ऐसे दर्जनों उद्घोषित अपराधी देशभर में अभी भी खुले घूम रहे हैं — और उनके लिए इतनी सुनियोजित कार्रवाई कब होगी?
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन ग्रिप क्या है?
ऑपरेशन ग्रिप, कन्नूर सिटी पुलिस की वह विशेष अभियान है जिसके तहत 2012 के हत्याकांड में 14 वर्षों से फरार आरोपी सी आनंद को तमिलनाडु के कोयंबटूर से गिरफ्तार किया गया। इस ऑपरेशन में गुप्त निगरानी और खुफिया जानकारी का व्यापक उपयोग किया गया।
सी आनंद पर क्या आरोप हैं?
सी आनंद काक्कमपालम निवासी मणिकंदन की हत्या का प्रमुख आरोपी है। 2 दिसंबर 2012 को लाठी-डंडों से हमला कर मणिकंदन की जान ली गई थी। इसके अलावा वह तमिलनाडु के सुलूर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में 2021 में दर्ज एक अन्य हत्या मामले में भी आरोपी है।
आरोपी 14 साल तक पकड़ में क्यों नहीं आया?
आरोपी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करता था और तमिलनाडु के अलग-अलग इलाकों में लगातार अपना ठिकाना बदलता रहता था, जिससे पुलिस के लिए उसे ट्रैक करना बेहद कठिन हो गया था। अदालत ने उसे उद्घोषित अपराधी घोषित किया था, लेकिन यह तरकीबें लंबे समय तक कारगर रहीं।
इस गिरफ्तारी का नेतृत्व किसने किया?
गिरफ्तारी कन्नूर रेंज के डीआईजी के. कार्तिक आईपीएस की निगरानी और कन्नूर सिटी पुलिस कमिश्नर विजय भारत रेड्डी आईपीएस के निर्देश पर हुई। नारकोटिक सेल के एसीपी वीवी मनोज और कन्नूर टाउन एसीपी असद के नेतृत्व में विशेष जांच टीम ने यह ऑपरेशन अंजाम दिया।
अब आरोपी के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
आरोपी सी आनंद को कन्नूर लाया जाएगा और संबंधित अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा। 2021 के तमिलनाडु हत्याकांड में उसकी भूमिका की जांच भी जारी रहने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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