डोड्डाबल्लापुरा लॉज हत्याकांड: पति ने आईडी कार्ड टैग से 23 वर्षीय पत्नी की गला घोंटकर हत्या की, आरोपी फरार
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के चिक्कबल्लापुरा जिले के डोड्डाबल्लापुरा शहर में एक लॉज के भीतर 23 वर्षीय विद्या की कथित तौर पर उसके पति आनंद ने आईडी कार्ड के टैग से गला घोंटकर हत्या कर दी। पुलिस ने गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी घटना के बाद मृतका का मोबाइल फोन लेकर मौके से फरार हो गया। डोड्डाबल्लापुरा टाउन पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है और आनंद की तलाश जारी है।
मृतका और आरोपी का परिचय
मृतका विद्या मूलतः गौरीबिदानूर तालुक के नागरेगेरे गाँव की निवासी थी। पुलिस के अनुसार विद्या और आनंद ने करीब चार साल पहले प्रेम विवाह किया था और उनका एक बेटा भी है। दोनों डोड्डाबल्लापुर के गांधीनगर इलाके में किराए के मकान में रह रहे थे।
गौरतलब है कि पिछले छह महीनों से दोनों के बीच पारिवारिक विवाद चल रहा था। इन मतभेदों के चलते विद्या कथित तौर पर करीब दो महीने पहले अपने पति से अलग होकर बेंगलुरु में एक पेइंग गेस्ट (PG) आवास में रहने लगी थी।
घटनाक्रम: लापता शिकायत से हत्या तक
इस बीच आनंद ने कथित तौर पर डोड्डाबल्लापुर महिला पुलिस स्टेशन में विद्या के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, करीब 20 दिन पहले पुलिस ने विद्या का पता लगाया, दोनों की काउंसलिंग की और उसे आनंद के साथ वापस भेज दिया।
इसके बाद बुधवार को आनंद कथित तौर पर विद्या को डोड्डाबल्लापुर के एक लॉज में ले गया। पुलिस के अनुसार वहाँ उसने आईडी कार्ड के टैग से गला घोंटकर विद्या की हत्या कर दी और उसका मोबाइल फोन लेकर फरार हो गया।
पुलिस की कार्रवाई
डोड्डाबल्लापुरा टाउन पुलिस स्टेशन में हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी आनंद की सक्रिय रूप से तलाश कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद ही हत्या की वास्तविक परिस्थितियों और पीछे के मकसद का पूरी तरह खुलासा हो सकेगा।
यह ऐसे समय में आया है जब घरेलू हिंसा और अलग रह रही महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कर्नाटक में चर्चा तेज हो रही है। इस मामले में यह भी विचारणीय है कि पुलिस काउंसलिंग के बाद भी महिला की जान नहीं बच सकी।
आगे क्या होगा
आरोपी आनंद की गिरफ्तारी के बाद पुलिस हत्या के पीछे के पूरे घटनाक्रम और मकसद की जाँच करेगी। मृतका विद्या के परिजनों को भी सूचित कर दिया गया है। इस मामले में पुलिस की काउंसलिंग प्रक्रिया की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठ सकते हैं।