मांड्या में कपड़ा व्यापारी ने पत्नी-बेटे की हत्या के बाद की आत्महत्या, सुसाइड नोट में ₹7 लाख कर्ज और 'शक्ति' स्कीम का जिक्र
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मांड्या जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ 65 वर्षीय कपड़ा व्यापारी प्रभाकर ने कथित तौर पर पहले अपनी 55 वर्षीय पत्नी ज्योति और 30 वर्षीय बेटे संतोष की हत्या की, और बाद में अपनी दुकान में जाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार, घटना की सूचना मंगलवार, 9 जून की सुबह करीब 6 बजे मिली।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस ने बताया कि प्रभाकर ने कथित तौर पर पहले अपनी पत्नी ज्योति की धोती से गला घोंटकर हत्या की। इसके बाद उन्होंने अपने बेटे संतोष पर हमला किया, जिसकी शादी करीब डेढ़ महीने पहले ही हुई थी। खबरों के मुताबिक, संतोष ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन उसे भी मार डाला गया।
मृतक संतोष की पत्नी मेघना ने पुलिस को बताया कि वह और उनके पति सोमवार की रात एक साथ सोने गए थे और उन्हें इस घटना की कोई जानकारी नहीं थी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि मेघना को कोई नुकसान नहीं पहुँचाया गया।
सुसाइड नोट में क्या लिखा था
मांड्या की पुलिस अधीक्षक शोभा रानी वीजे ने बताया कि घटनास्थल से एक डेथ नोट बरामद हुआ है। उन्होंने कहा, "हमें सूचना मिली थी कि प्रभाकर ने अपनी पत्नी और बेटे की हत्या कर दी है और बाद में अपनी दुकान में खुदकुशी कर ली है। हमने घटनास्थल का मुआयना किया और एक डेथ नोट बरामद किया।"
नोट में होम लोन की ईएमआई, एलएंडटी फाइनेंस से लिए गए कर्ज और उसे चुकाने के दबाव का जिक्र है। जाँचकर्ताओं के अनुसार, प्रभाकर ने अनौपचारिक कर्ज के अलावा फाइनेंस कंपनियों से करीब ₹7 लाख उधार लिए थे।
शक्ति स्कीम और व्यापार में गिरावट
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सुसाइड नोट में कर्नाटक सरकार की 'शक्ति' फ्री ट्रैवल स्कीम का भी उल्लेख था। नोट में कहा गया था कि इस स्कीम के कारण ग्राहक खरीदारी के लिए मैसूरु और बेंगलुरु जाने लगे, जिससे स्थानीय बिक्री में भारी गिरावट आई। एसपी शोभा रानी वीजे ने कहा, "उन्होंने यह भी लिखा है कि बस सुविधाओं की वजह से उनके व्यापार में गिरावट आई थी।"
गौरतलब है कि परिवार पहले ही अपने टेक्सटाइल कारोबार को एक बड़ी दुकान से घटाकर एक छोटी दुकान में समेट चुका था, जहाँ मुख्य रूप से महिलाओं के कपड़े बेचे जाते थे।
आम जनता पर असर
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देशभर में छोटे व्यापारियों पर बढ़ते कर्ज और बदलती उपभोक्ता आदतों के दबाव की चर्चा है। सरकारी कल्याण योजनाओं का स्थानीय व्यापार पर असर एक जटिल और बहुआयामी मुद्दा है, जिसे विशेषज्ञ अक्सर उजागर करते हैं।
जाँच की स्थिति
मांड्या ईस्ट पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है। पुलिस ने बताया कि सभी पहलुओं की विस्तृत जाँच की जा रही है और डेथ नोट को साक्ष्य के रूप में संरक्षित किया गया है।