सूरत: शेयर बाजार में ₹45 लाख के कर्ज से दबे युवक ने दत्तक माँ की हत्या कर ली, फिर फंदे पर झूल गया
सारांश
मुख्य बातें
सूरत के वराछा इलाके में 1 अगस्त 2026 को एक दर्दनाक दोहरी मौत का मामला सामने आया, जब 36 वर्षीय जतिन सोनानी ने अपनी 63 वर्षीय दत्तक माँ भानुबेन की गला दबाकर हत्या कर दी और इसके बाद खुद फंदे पर झूल गया। घटनास्थल से बरामद एक हस्तलिखित नोट में जतिन ने शेयर बाजार में लगभग ₹45 लाख के कर्ज का उल्लेख किया था और परिवार से माफी माँगी थी।
कैसे उजागर हुई घटना
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार दोपहर तक एके रोड स्थित रूपम सोसाइटी का घर बंद रहा और न माँ, न बेटा — कोई बाहर नहीं आया। पड़ोसियों को संदेह हुआ और दरवाजा खटखटाने पर कोई प्रतिक्रिया न मिली। एक पड़ोसी ने खिड़की से झाँका तो भानुबेन को बिस्तर पर निष्प्राण पाया और जतिन को कमरे के भीतर फंदे से लटका देखा। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
हस्तलिखित नोट में क्या था
जाँचकर्ताओं ने घर से एक पन्ने का हस्तलिखित पत्र बरामद किया। पुलिस के मुताबिक, नोट में आर्थिक कठिनाइयों और ऋण संबंधी लेन-देन का विस्तृत ब्यौरा था। जतिन ने लिखा था कि उसने शेयर बाजार में लगभग ₹45 लाख का कर्ज जमा कर लिया था और वह यह बात अपनी माँ को बताने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। नोट में उन लोगों की सूची भी थी जिनसे पैसे उधार लिए गए थे, और परिवार के सदस्यों से माफी माँगी गई थी।
पृष्ठभूमि: परिवार और आर्थिक हालात
अधिकारियों के अनुसार, जतिन ने लगभग ढाई से तीन महीने पहले एक स्टेशनरी की दुकान में अपनी नौकरी छोड़ दी थी और उसके बाद मोबाइल फोन के जरिए शेयर बाजार में सक्रिय रहने लगा था। उसकी माँ भानुबेन घर चलाने के लिए सिलाई का काम करती थीं। यह परिवार मूल रूप से भावनगर जिले के गरियाधर तालुका के महेसंका गाँव का रहने वाला था और वराछा में किराए के फ्लैट में रह रहा था।
जतिन जैविक रूप से अपने छोटे चाचा त्रिभुवन का पुत्र था, किंतु छह महीने की उम्र में उसे उसके निसंतान बड़े चाचा जगदीश और उनकी पत्नी भानुबेन ने गोद लिया था। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में रिटेल निवेशकों के बीच ऑनलाइन ट्रेडिंग के जोखिमों को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं।
पुलिस की जाँच और मृत्यु के कारण
पुलिस के प्रारंभिक निष्कर्षों के अनुसार, भानुबेन की मृत्यु रस्सी, तार या इसी तरह की सामग्री से गला घोंटने के कारण हुई, जबकि जतिन की मृत्यु फाँसी से हुई। घटनास्थल से एक रस्सी और हस्तलिखित नोट बरामद किया गया है। मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जाँच जारी है।
आगे की कार्रवाई
वराछा पुलिस ने पुष्टि की है कि मामले में औपचारिक रूप से केस दर्ज किया जा चुका है। जाँच अधिकारी बरामद नोट में उल्लिखित लेनदारों से संपर्क कर रहे हैं। परिवार के शेष सदस्यों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रेडिंग से जुड़े वित्तीय दबाव और सामाजिक शर्म की भावना ऐसी त्रासदियों में अक्सर निर्णायक भूमिका निभाती है।