10 जुलाई 2026
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गदग में सूदखोरी का कहर: कारोबारी संपत दंडगी ने वीडियो बनाकर की आत्महत्या, तीन लोगों पर गंभीर आरोप

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गदग में सूदखोरी का कहर: कारोबारी संपत दंडगी ने वीडियो बनाकर की आत्महत्या, तीन लोगों पर गंभीर आरोप

सारांश

गदग के कारोबारी संपत दंडगी ने मरने से पहले वीडियो बनाकर सूदखोरों को जिम्मेदार ठहराया। ₹15 लाख के कर्ज पर ₹56 हजार मासिक ब्याज और एक महीने की चूक के बाद शुरू हुई कथित धमकियों ने उन्हें तोड़ दिया। तीन आरोपियों के नाम सामने आए हैं, पुलिस जाँच जारी है।

मुख्य बातें

संपत दंडगी , गदग के बुक स्टोर मालिक और रियल एस्टेट कारोबारी, ने 10 जुलाई को अपने घर में फाँसी लगाकर जान दी।
मृत्यु से पहले रिकॉर्ड किए गए वीडियो और सुसाइड नोट में उन्होंने कर्ज देने वालों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया।
कथित तौर पर ₹15 लाख के कर्ज पर हर महीने ₹56 हजार ब्याज चुका रहे थे।
परिजनों ने रवि शिवनगुट्टी , शशि शिवनगुट्टी और धर्मा गौड़ा कारी गौड़ा पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है।
पत्नी और तीन छोटे बच्चे पीछे छूटे; माँ गीता ने बताया कि बेटे ने मरने से पहले बेटी को फोन किया था।
पुलिस ने मामला दर्ज कर वीडियो, सुसाइड नोट और अन्य साक्ष्यों की जाँच शुरू की।

कर्नाटक के गदग शहर के करेम्मा कल्लू लेआउट में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ संपत दंडगी नामक कारोबारी ने कथित तौर पर सूदखोरों की लगातार धमकियों और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर 10 जुलाई को अपने घर में फाँसी लगाकर जान दे दी। मृत्यु से पहले उन्होंने एक वीडियो रिकॉर्ड किया और एक विस्तृत सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें अपनी मौत के लिए कर्ज देने वालों को सीधे जिम्मेदार ठहराया।

मृतक की पहचान और कारोबारी पृष्ठभूमि

संपत दंडगी गदग में एक बुक स्टोर चलाते थे और रियल एस्टेट के कारोबार से भी जुड़े हुए थे। परिवार के अनुसार, उन्होंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर व्यापार विस्तार के लिए ₹15 लाख का कर्ज लिया था। पुलिस की प्रारंभिक जाँच में सामने आया कि वे हर महीने करीब ₹56 हजार ब्याज के रूप में चुका रहे थे। व्यापार में नुकसान होने के बाद एक महीने ब्याज न चुका पाने पर कथित तौर पर कर्जदाताओं का उत्पीड़न शुरू हो गया।

प्रताड़ना का सिलसिला और परिजनों के आरोप

परिजनों ने रवि शिवनगुट्टी, शशि शिवनगुट्टी और धर्मा गौड़ा कारी गौड़ा पर संपत दंडगी और उनकी पत्नी को लगातार धमकाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि उन्होंने कई बार यह भरोसा दिलाया था कि मूल रकम किस्तों में चुका दी जाएगी और ब्याज माफ किया जाए, लेकिन कथित उत्पीड़न बंद नहीं हुआ।

संपत दंडगी की पत्नी ने बताया, 'कारी गौड़ा रोज मेरे पति को फोन कर धमकाता था। रवि शिवनगुट्टी भी लगातार संदेश भेजकर चेक पेश करने की धमकी देता था। वे बार-बार मेरे पति को अपने साथ ले जाते और उन्हें मानसिक रूप से परेशान करते थे। अब मेरे सामने तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं। मुझे समझ नहीं आ रहा कि मैं उनका पालन-पोषण कैसे करूंगी।'

मृत्यु से पहले का वीडियो संदेश

आत्महत्या से पहले रिकॉर्ड किए गए वीडियो में संपत दंडगी ने कहा, 'मैं बहुत निराश होकर यह वीडियो बना रहा हूँ। किसी को भी अपनी क्षमता से ज्यादा दूसरों की मदद नहीं करनी चाहिए। मैं अपनी जान इसलिए गँवा रहा हूँ क्योंकि मैंने जरूरतमंद लोगों की मदद की। मैंने हमेशा मेहनत की ताकि मेरे माता-पिता और परिवार अच्छी जिंदगी जी सकें, लेकिन जब मैं मुश्किल में पड़ा तो मेरी मदद के लिए कोई नहीं आया।' उन्होंने यह भी कहा कि सूदखोरों की प्रताड़ना उनके लिए असहनीय हो चुकी है।

उनकी माँ गीता ने बताया कि आत्महत्या से कुछ समय पहले संपत ने अपनी बेटी को फोन किया था और कहा था कि अगर वे जिंदा रहे तो सूदखोर पूरे परिवार को परेशान करते रहेंगे, और शायद उनके न रहने पर परिवार चैन से जी सकेगा।

अवैध सूदखोरी पर स्थानीय आक्रोश

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस पहले भी ऐसे सूदखोरों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है और कई लोगों को जिले से बाहर करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई थी, लेकिन इसके बावजूद अवैध सूदखोरी का कारोबार अब भी जारी है। यह घटना ऐसे समय में आई है जब कर्नाटक में कर्ज के बोझ तले दबे कारोबारियों और किसानों की आत्महत्या की घटनाएँ चिंता का विषय बनी हुई हैं।

पुलिस जाँच की स्थिति

पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। अधिकारी मृतक के वीडियो, सुसाइड नोट और अन्य साक्ष्यों की जाँच कर रहे हैं। आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की माँग को लेकर परिजन और स्थानीय लोग प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं। आगे की जाँच के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी उत्पीड़न जारी रहा — यह प्रवर्तन की नहीं, जवाबदेही की विफलता है। ₹15 लाख के कर्ज पर ₹56 हजार मासिक ब्याज की दर सालाना 44% से अधिक बैठती है, जो स्पष्ट रूप से अवैध है, फिर भी ऐसे कारोबार फलते-फूलते हैं। जब तक आरोपियों पर ठोस आपराधिक कार्रवाई नहीं होती और पीड़ित परिवार को राज्य सहायता नहीं मिलती, यह मामला महज एक फाइल बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गदग में कारोबारी संपत दंडगी ने आत्महत्या क्यों की?
संपत दंडगी ने कथित तौर पर सूदखोरों की लगातार धमकियों और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या की। उन्होंने ₹15 लाख का कर्ज लिया था और हर महीने ₹56 हजार ब्याज चुका रहे थे; एक महीने की चूक के बाद कथित उत्पीड़न असहनीय हो गया।
संपत दंडगी के वीडियो और सुसाइड नोट में क्या था?
वीडियो में संपत दंडगी ने कहा कि वे सूदखोरों की प्रताड़ना से टूट चुके हैं और जरूरतमंदों की मदद करने की कीमत अपनी जान देकर चुका रहे हैं। विस्तृत सुसाइड नोट में उन्होंने कर्ज देने वालों को अपनी मौत का सीधा जिम्मेदार ठहराया।
इस मामले में किन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं?
परिजनों ने रवि शिवनगुट्टी, शशि शिवनगुट्टी और धर्मा गौड़ा कारी गौड़ा पर संपत दंडगी और उनकी पत्नी को लगातार धमकाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। पुलिस इन आरोपों की जाँच कर रही है।
पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई कर रही है?
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और मृतक के वीडियो, सुसाइड नोट तथा अन्य साक्ष्यों की जाँच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन सूदखोरों के खिलाफ पहले भी कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन अवैध कारोबार जारी रहा।
क्या कर्नाटक में सूदखोरी के खिलाफ कोई कानून है?
भारत में अत्यधिक ब्याज दर पर कर्ज देना और उत्पीड़न करना कई कानूनों के तहत दंडनीय है। कर्नाटक में भी ऐसे मामलों में पुलिस कार्रवाई के प्रावधान हैं, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रवर्तन अपर्याप्त रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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