गदग में सूदखोरी का कहर: कारोबारी संपत दंडगी ने वीडियो बनाकर की आत्महत्या, तीन लोगों पर गंभीर आरोप
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के गदग शहर के करेम्मा कल्लू लेआउट में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ संपत दंडगी नामक कारोबारी ने कथित तौर पर सूदखोरों की लगातार धमकियों और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर 10 जुलाई को अपने घर में फाँसी लगाकर जान दे दी। मृत्यु से पहले उन्होंने एक वीडियो रिकॉर्ड किया और एक विस्तृत सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें अपनी मौत के लिए कर्ज देने वालों को सीधे जिम्मेदार ठहराया।
मृतक की पहचान और कारोबारी पृष्ठभूमि
संपत दंडगी गदग में एक बुक स्टोर चलाते थे और रियल एस्टेट के कारोबार से भी जुड़े हुए थे। परिवार के अनुसार, उन्होंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर व्यापार विस्तार के लिए ₹15 लाख का कर्ज लिया था। पुलिस की प्रारंभिक जाँच में सामने आया कि वे हर महीने करीब ₹56 हजार ब्याज के रूप में चुका रहे थे। व्यापार में नुकसान होने के बाद एक महीने ब्याज न चुका पाने पर कथित तौर पर कर्जदाताओं का उत्पीड़न शुरू हो गया।
प्रताड़ना का सिलसिला और परिजनों के आरोप
परिजनों ने रवि शिवनगुट्टी, शशि शिवनगुट्टी और धर्मा गौड़ा कारी गौड़ा पर संपत दंडगी और उनकी पत्नी को लगातार धमकाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि उन्होंने कई बार यह भरोसा दिलाया था कि मूल रकम किस्तों में चुका दी जाएगी और ब्याज माफ किया जाए, लेकिन कथित उत्पीड़न बंद नहीं हुआ।
संपत दंडगी की पत्नी ने बताया, 'कारी गौड़ा रोज मेरे पति को फोन कर धमकाता था। रवि शिवनगुट्टी भी लगातार संदेश भेजकर चेक पेश करने की धमकी देता था। वे बार-बार मेरे पति को अपने साथ ले जाते और उन्हें मानसिक रूप से परेशान करते थे। अब मेरे सामने तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं। मुझे समझ नहीं आ रहा कि मैं उनका पालन-पोषण कैसे करूंगी।'
मृत्यु से पहले का वीडियो संदेश
आत्महत्या से पहले रिकॉर्ड किए गए वीडियो में संपत दंडगी ने कहा, 'मैं बहुत निराश होकर यह वीडियो बना रहा हूँ। किसी को भी अपनी क्षमता से ज्यादा दूसरों की मदद नहीं करनी चाहिए। मैं अपनी जान इसलिए गँवा रहा हूँ क्योंकि मैंने जरूरतमंद लोगों की मदद की। मैंने हमेशा मेहनत की ताकि मेरे माता-पिता और परिवार अच्छी जिंदगी जी सकें, लेकिन जब मैं मुश्किल में पड़ा तो मेरी मदद के लिए कोई नहीं आया।' उन्होंने यह भी कहा कि सूदखोरों की प्रताड़ना उनके लिए असहनीय हो चुकी है।
उनकी माँ गीता ने बताया कि आत्महत्या से कुछ समय पहले संपत ने अपनी बेटी को फोन किया था और कहा था कि अगर वे जिंदा रहे तो सूदखोर पूरे परिवार को परेशान करते रहेंगे, और शायद उनके न रहने पर परिवार चैन से जी सकेगा।
अवैध सूदखोरी पर स्थानीय आक्रोश
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस पहले भी ऐसे सूदखोरों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है और कई लोगों को जिले से बाहर करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई थी, लेकिन इसके बावजूद अवैध सूदखोरी का कारोबार अब भी जारी है। यह घटना ऐसे समय में आई है जब कर्नाटक में कर्ज के बोझ तले दबे कारोबारियों और किसानों की आत्महत्या की घटनाएँ चिंता का विषय बनी हुई हैं।
पुलिस जाँच की स्थिति
पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। अधिकारी मृतक के वीडियो, सुसाइड नोट और अन्य साक्ष्यों की जाँच कर रहे हैं। आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की माँग को लेकर परिजन और स्थानीय लोग प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं। आगे की जाँच के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।