बेंगलुरु में नवविवाहिता श्वेता की आत्महत्या, सुसाइड नोट में पति और ननद पर उत्पीड़न के आरोप
सारांश
मुख्य बातें
बेंगलुरु के कामाक्षीपाल्या इलाके में 25 वर्षीय नवविवाहिता श्वेता ने अपने ससुराल में छत के पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार, 13 जुलाई 2025 को सामने आई इस दुखद घटना में श्वेता ने एक हस्तलिखित सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें उसने अपनी मौत के लिए अपने पति और ननद को जिम्मेदार ठहराते हुए उन पर लगातार मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया।
सुसाइड नोट में क्या लिखा
श्वेता ने सुसाइड नोट में लिखा कि पति और ननद की ओर से लगातार परेशान किए जाने के कारण उसकी जीने की इच्छाशक्ति समाप्त हो गई थी। अपनी माँ को संबोधित एक भावुक संदेश में उसने लिखा, 'अगर मैं मर जाऊं, तो मां, उन्हें बख्शना मत।' नोट में उसने माफी भी माँगी और लिखा, 'मुझसे गलती हो गई। प्लीज मुझे माफ कर देना।'
पृष्ठभूमि और विवाह की स्थिति
पुलिस ने बताया कि श्वेता ने करीब चार महीने पहले लव मैरिज की थी और वह एक निजी स्कूल में शिक्षिका के रूप में कार्यरत थी। बताया जा रहा है कि शादी के बाद से दंपती के बीच अक्सर विवाद होते रहते थे। घटना से पहले शुक्रवार, 10 जुलाई को भी दोनों के बीच बहस हुई थी।
पुलिस की कार्रवाई
कामाक्षीपाल्या पुलिस स्टेशन की टीम ने तत्काल घटनास्थल का दौरा किया, कथित सुसाइड नोट बरामद किया और मामला दर्ज कर लिया। पुलिस के अनुसार, नोट में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए जाँच जारी है।
बेंगलुरु में एक और आत्महत्या की घटना
इससे पहले बेंगलुरु के थानिसंद्रा इलाके में 36 वर्षीय ऑटो चालक यूसुफ ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। परिवार की शिकायत के अनुसार, यूसुफ ने उमेश नामक एक साहूकार से ₹1.75 लाख उधार लिए थे, जिस पर कथित तौर पर 30 प्रतिशत मासिक ब्याज वसूला जा रहा था। परिवार का आरोप है कि साहूकार उमेश ने यूसुफ को धमकाया, उसके परिवार की महिलाओं के बारे में अपमानजनक बातें कहीं और कर्ज चुकाने के लिए लगातार दबाव बनाता रहा। परिवार का कहना है कि इसी उत्पीड़न और बेइज्जती को सहन न कर पाने के कारण यूसुफ ने यह कदम उठाया।
आगे की जाँच
दोनों मामलों में पुलिस जाँच जारी है। श्वेता के मामले में नोट में नामज़द व्यक्तियों के बयान दर्ज किए जाएँगे, जबकि यूसुफ के मामले में साहूकार उमेश के खिलाफ परिवार की शिकायत के आधार पर कानूनी कार्यवाही की स्थिति स्पष्ट होनी बाकी है।