13 जुलाई 2026
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यास्तिका भाटिया का लॉर्ड्स में ऐतिहासिक शतक, टेस्ट में शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

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यास्तिका भाटिया का लॉर्ड्स में ऐतिहासिक शतक, टेस्ट में शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

सारांश

चोट के बाद एक साल के कठिन संघर्ष को पार कर यास्तिका भाटिया ने लॉर्ड्स में 113 रनों की पारी से इतिहास रचा — महिला टेस्ट में इस मैदान पर शतक लगाने वाली पहली क्रिकेटर बनकर। यह सिर्फ एक बल्लेबाज की वापसी नहीं, भारतीय महिला क्रिकेट का एक नया अध्याय है।

मुख्य बातें

यास्तिका भाटिया ने 13 जुलाई 2025 को लॉर्ड्स में महिला टेस्ट में 113 रनों की पारी खेली।
वे लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर महिला टेस्ट में शतक लगाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनीं।
उनका नाम प्रतिष्ठित लॉर्ड्स ऑनर्स बोर्ड पर दर्ज हो गया है।
चोट के कारण करीब एक साल तक क्रिकेट से दूर रहीं — घरेलू वनडे वर्ल्ड कप और WPL भी छूटे।
यास्तिका ने शतक के बाद तिरंगे को चूमा और भावुक होकर परिवार व टीम का शुक्रिया अदा किया।

भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज यास्तिका भाटिया ने 13 जुलाई 2025 को लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र महिला टेस्ट मैच में 113 रनों की शानदार पारी खेलकर इतिहास रच दिया। वे इस ऐतिहासिक मैदान पर टेस्ट शतक लगाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं, और उनका नाम अब लॉर्ड्स ऑनर्स बोर्ड पर दर्ज हो गया है। चोट के कारण करीब एक साल तक क्रिकेट से दूर रहने के बाद यह वापसी उन्होंने 'सपने के सच होने जैसा' बताया।

ऐतिहासिक पारी का महत्व

यास्तिका की 113 रनों की पारी केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक मील का पत्थर है। लॉर्ड्स को क्रिकेट का 'होम' कहा जाता है और यहाँ के ऑनर्स बोर्ड पर नाम दर्ज होना किसी भी बल्लेबाज के लिए सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। इस मैदान पर पुरुष क्रिकेटरों के शतकों की लंबी सूची है, लेकिन महिला टेस्ट में यह उपलब्धि अब तक किसी ने नहीं हासिल की थी।

चोट और वापसी का कठिन सफर

बाएं हाथ की इस बल्लेबाज को चोट के कारण करीब एक साल तक मैदान से दूर रहना पड़ा। इस दौरान उन्हें घरेलू वनडे वर्ल्ड कप और महिला प्रीमियर लीग (WPL) जैसे बड़े टूर्नामेंट से भी वंचित रहना पड़ा। यास्तिका ने स्वीकार किया कि रिहैब के उन कठिन महीनों में कई बार ऐसा लगा कि इस स्तर पर वापसी शायद संभव न हो।

उन्होंने बीसीसीआई के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए वीडियो में कहा, 'यह बहुत मुश्किल था। उस एक साल में मैं किसी भी बड़े टूर्नामेंट जैसे घरेलू वर्ल्ड कप और WPL में नहीं खेल पाई। विश्व कप में खेलने का सपना हर कोई देखता है, लेकिन मैं उससे ठीक पहले चोटिल हो गई। वह दौर काफी मुश्किल था। हालांकि, बहुत से लोगों ने मेरा साथ दिया — टीम का साथ मिला और उस समय मेरे परिवार का सपोर्ट बहुत बड़ा था।'

शतक के पल की भावनाएँ

यास्तिका ने बताया कि जब उन्होंने अपना हेलमेट उतारा तो वे भावुक हो गईं। उनकी आँखों के सामने पिछले एक साल का पूरा संघर्ष घूम गया। उन्होंने कहा, 'मैंने जश्न मनाने का प्लान बनाया था, लेकिन फिर सोचा, इसे थोड़ा नॉर्मल ही रखते हैं। हालांकि, मैंने झंडे को चूमा — वह मेरे लिए बहुत गर्व का पल था।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर छह महीने पहले कोई कहता कि उनका नाम लॉर्ड्स ऑनर्स बोर्ड पर होगा, तो उन्हें खुद यकीन नहीं होता।

आगे की राह और महत्वाकांक्षाएँ

इस ऐतिहासिक शतक के साथ यास्तिका ने स्पष्ट किया कि उनकी भूख अभी मिटी नहीं है। उन्होंने कहा, 'मैं भारत के लिए बहुत कुछ करना चाहती हूं, देश के लिए बहुत कुछ जीतना चाहती हूं, और वर्ल्ड कप भी जीतना चाहती हूं।' गौरतलब है कि भारतीय महिला टीम इस टेस्ट मैच में मजबूत स्थिति में पहुँच गई है, और यास्तिका की इस पारी ने टीम की बढ़त में अहम भूमिका निभाई। यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह सवाल भी उठाती है कि भारत महिला टेस्ट क्रिकेट में निवेश और एक्सपोज़र को लेकर कितना गंभीर है। चोट के बाद वापसी की ऐसी कहानियाँ प्रेरक ज़रूर हैं, लेकिन असली बदलाव तब आएगा जब महिला टेस्ट मैचों की संख्या और प्रसारण कवरेज दोनों बढ़ें।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यास्तिका भाटिया ने लॉर्ड्स में कितने रन बनाए?
यास्तिका भाटिया ने 13 जुलाई 2025 को इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र महिला टेस्ट मैच में लॉर्ड्स पर 113 रनों की पारी खेली। इस पारी ने उन्हें इस ऐतिहासिक मैदान पर महिला टेस्ट में शतक लगाने वाली पहली क्रिकेटर बनाया।
यास्तिका भाटिया लॉर्ड्स ऑनर्स बोर्ड पर नाम दर्ज कराने वाली पहली महिला क्यों हैं?
लॉर्ड्स ऑनर्स बोर्ड पर उन बल्लेबाजों के नाम दर्ज होते हैं जो इस मैदान पर टेस्ट शतक लगाते हैं। यास्तिका से पहले किसी भी महिला क्रिकेटर ने लॉर्ड्स में महिला टेस्ट मैच में शतक नहीं लगाया था, इसलिए वे इस सम्मान को पाने वाली पहली महिला बनीं।
यास्तिका भाटिया किस चोट के कारण टीम से बाहर थीं?
स्रोत के अनुसार यास्तिका करीब एक साल तक चोट के कारण टीम से बाहर रहीं, हालांकि चोट की प्रकृति का विशेष उल्लेख नहीं है। इस दौरान वे घरेलू वनडे वर्ल्ड कप और महिला प्रीमियर लीग (WPL) जैसे बड़े टूर्नामेंट नहीं खेल पाईं।
यास्तिका भाटिया ने शतक के बाद क्या कहा?
यास्तिका ने कहा कि उन्होंने तिरंगे को चूमा और यह उनके लिए गर्व का पल था। उन्होंने यह भी कहा कि छह महीने पहले कोई यह कहता कि उनका नाम लॉर्ड्स ऑनर्स बोर्ड पर होगा, तो उन्हें खुद यकीन नहीं होता — 'यह सपने जैसा लगता है।'
यास्तिका भाटिया की इस उपलब्धि का भारतीय महिला क्रिकेट पर क्या असर होगा?
यह शतक भारतीय महिला क्रिकेट के लिए प्रेरणा का स्रोत है और यह दर्शाता है कि भारतीय महिला खिलाड़ी विश्व के सबसे प्रतिष्ठित मैदानों पर भी ऐतिहासिक प्रदर्शन करने में सक्षम हैं। इस पारी ने भारतीय टीम को इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र टेस्ट में मजबूत स्थिति में पहुँचाया।
राष्ट्र प्रेस
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