यास्तिका भाटिया का लॉर्ड्स में ऐतिहासिक शतक, टेस्ट में शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला बनीं
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज यास्तिका भाटिया ने 13 जुलाई 2025 को लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र महिला टेस्ट मैच में 113 रनों की शानदार पारी खेलकर इतिहास रच दिया। वे इस ऐतिहासिक मैदान पर टेस्ट शतक लगाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं, और उनका नाम अब लॉर्ड्स ऑनर्स बोर्ड पर दर्ज हो गया है। चोट के कारण करीब एक साल तक क्रिकेट से दूर रहने के बाद यह वापसी उन्होंने 'सपने के सच होने जैसा' बताया।
ऐतिहासिक पारी का महत्व
यास्तिका की 113 रनों की पारी केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक मील का पत्थर है। लॉर्ड्स को क्रिकेट का 'होम' कहा जाता है और यहाँ के ऑनर्स बोर्ड पर नाम दर्ज होना किसी भी बल्लेबाज के लिए सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। इस मैदान पर पुरुष क्रिकेटरों के शतकों की लंबी सूची है, लेकिन महिला टेस्ट में यह उपलब्धि अब तक किसी ने नहीं हासिल की थी।
चोट और वापसी का कठिन सफर
बाएं हाथ की इस बल्लेबाज को चोट के कारण करीब एक साल तक मैदान से दूर रहना पड़ा। इस दौरान उन्हें घरेलू वनडे वर्ल्ड कप और महिला प्रीमियर लीग (WPL) जैसे बड़े टूर्नामेंट से भी वंचित रहना पड़ा। यास्तिका ने स्वीकार किया कि रिहैब के उन कठिन महीनों में कई बार ऐसा लगा कि इस स्तर पर वापसी शायद संभव न हो।
उन्होंने बीसीसीआई के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए वीडियो में कहा, 'यह बहुत मुश्किल था। उस एक साल में मैं किसी भी बड़े टूर्नामेंट जैसे घरेलू वर्ल्ड कप और WPL में नहीं खेल पाई। विश्व कप में खेलने का सपना हर कोई देखता है, लेकिन मैं उससे ठीक पहले चोटिल हो गई। वह दौर काफी मुश्किल था। हालांकि, बहुत से लोगों ने मेरा साथ दिया — टीम का साथ मिला और उस समय मेरे परिवार का सपोर्ट बहुत बड़ा था।'
शतक के पल की भावनाएँ
यास्तिका ने बताया कि जब उन्होंने अपना हेलमेट उतारा तो वे भावुक हो गईं। उनकी आँखों के सामने पिछले एक साल का पूरा संघर्ष घूम गया। उन्होंने कहा, 'मैंने जश्न मनाने का प्लान बनाया था, लेकिन फिर सोचा, इसे थोड़ा नॉर्मल ही रखते हैं। हालांकि, मैंने झंडे को चूमा — वह मेरे लिए बहुत गर्व का पल था।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर छह महीने पहले कोई कहता कि उनका नाम लॉर्ड्स ऑनर्स बोर्ड पर होगा, तो उन्हें खुद यकीन नहीं होता।
आगे की राह और महत्वाकांक्षाएँ
इस ऐतिहासिक शतक के साथ यास्तिका ने स्पष्ट किया कि उनकी भूख अभी मिटी नहीं है। उन्होंने कहा, 'मैं भारत के लिए बहुत कुछ करना चाहती हूं, देश के लिए बहुत कुछ जीतना चाहती हूं, और वर्ल्ड कप भी जीतना चाहती हूं।' गौरतलब है कि भारतीय महिला टीम इस टेस्ट मैच में मजबूत स्थिति में पहुँच गई है, और यास्तिका की इस पारी ने टीम की बढ़त में अहम भूमिका निभाई। यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत हो सकती है।