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बेंगलुरु: स्कूली छात्रा की आत्महत्या, सुसाइड नोट में शिक्षकों पर अपमान का आरोप

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बेंगलुरु: स्कूली छात्रा की आत्महत्या, सुसाइड नोट में शिक्षकों पर अपमान का आरोप

सारांश

बेंगलुरु के अनेकल तालुक में एक प्राइमरी स्कूल छात्रा की आत्महत्या ने स्कूलों में मानसिक तनाव और शिक्षकों के व्यवहार पर तीखे सवाल उठाए हैं। सुसाइड नोट में छात्रा ने निकनेम विवाद में हुए अपमान का जिक्र किया। वह राज्य स्तरीय कबड्डी खिलाड़ी थी और पिता के निधन के बाद परिवार पहले से दुख में था।

मुख्य बातें

बेंगलुरु के अनेकल तालुक के मारसुरु मदिवाला गाँव में एक प्राइमरी स्कूल छात्रा ने 8 जुलाई 2025 की रात कथित तौर पर फंदे से जान दी।
छात्रा के हस्तलिखित सुसाइड नोट में शिक्षकों द्वारा अपमान और बेबुनियाद आरोप लगाए जाने का उल्लेख है।
परिवार का आरोप है कि छात्रा तीन महीनों से स्कूल में मुश्किलों का सामना कर रही थी।
छात्रा राज्य स्तरीय कबड्डी और खो-खो खिलाड़ी थी; परिवार पहले से पिता के निधन के दुख में था।
सूर्यनगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज; पुलिस परिस्थितियों और आरोपों की जाँच कर रही है।
स्कूल प्रबंधन ने पुष्टि की कि 8 जुलाई को छात्रा के रोने के बाद उसकी काउंसलिंग की गई थी।

बेंगलुरु के अनेकल तालुक स्थित मारसुरु मदिवाला गाँव में एक प्राइमरी स्कूल की छात्रा ने कथित तौर पर 8 जुलाई 2025 की रात अपने घर में फंदे से लटककर जान दे दी। पुलिस के अनुसार, गुरुवार सुबह परिजनों ने उसे उसके कमरे में इस हालत में पाया। परिवार का आरोप है कि स्कूल में शिक्षकों द्वारा अपमानित किए जाने के बाद वह गहरे मानसिक तनाव में थी।

सुसाइड नोट में क्या लिखा

पुलिस ने बताया कि छात्रा ने हाथ से लिखा एक नोट छोड़ा है, जिसमें उसने स्कूल की एक घटना का उल्लेख किया है। नोट के अनुसार, उस पर शिक्षकों के निकनेम रखने का बेबुनियाद आरोप लगाया गया था, जिसके बाद वह साथी छात्रों के बीच मज़ाक का पात्र बन गई। उसने लिखा कि यह अपमान वह बर्दाश्त नहीं कर पाई। नोट में उसने स्पष्ट किया कि उसकी माँ, बड़ी बहन और छोटी बहन उसकी मौत के लिए ज़िम्मेदार नहीं हैं और परिवार से माफ़ी भी माँगी।

परिवार के आरोप

छात्रा की माँ ने बताया कि उनकी बेटी ने घर पर अपनी कोई परेशानी साझा नहीं की थी, हालाँकि उनसे पूछा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सुसाइड नोट में छात्रा ने उल्लेख किया है कि उसने अपनी तकलीफ स्कूल के फ़िज़िकल एजुकेशन टीचर को बताई थी।

एक रिश्तेदार ने दावा किया कि स्कूल के हेडमास्टर ने निकनेम विवाद को लेकर छात्रा से पूछताछ की थी, जिसके बाद वह और अधिक आहत हो गई। रिश्तेदार ने यह भी बताया कि गुरुवार दोपहर तक स्कूल का कोई भी अधिकारी परिवार से मिलने नहीं आया था।

परिवार के एक अन्य सदस्य संतोष ने आरोप लगाया कि छात्रा पिछले तीन महीनों से स्कूल में मुश्किलों का सामना कर रही थी, लेकिन उसने घर पर कुछ नहीं बताया। उन्होंने कहा कि परिवार पहले से ही पिता के निधन के दुख से उबर रहा था और संभवतः छात्रा ने परिवार पर अतिरिक्त बोझ न डालने का फैसला किया।

8 जुलाई को स्कूल में क्या हुआ

एक रिश्तेदार ने दावा किया कि परिवार को शुरू में पता नहीं था कि छात्रा 8 जुलाई को स्कूल गई थी। जब परिजनों ने ब्लॉक एजुकेशन ऑफ़िसर से संपर्क किया, तो स्कूल प्रबंधन ने पुष्टि की कि वह कक्षा में उपस्थित थी और रोते हुए पाए जाने के बाद उसकी काउंसलिंग की गई थी। रिश्तेदार ने सवाल उठाया कि यदि उस दिन शिक्षकों ने थोड़ी और सहानुभूति दिखाई होती तो शायद यह दुखद घटना टाली जा सकती थी।

छात्रा की पहचान और पुलिस जाँच

परिवार के अनुसार, मृत छात्रा एक होनहार विद्यार्थी थी और राज्य स्तरीय कबड्डी एवं खो-खो खिलाड़ी भी थी। सूर्यनगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस घटना की परिस्थितियों और परिजनों के आरोपों की जाँच कर रही है। यह मामला स्कूलों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और शिक्षकों के व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी वह घर लौटकर इतना बड़ा कदम उठा गई — यह सवाल उठाता है कि वह काउंसलिंग कितनी प्रभावी थी। कर्नाटक में पिछले कुछ वर्षों में स्कूली बच्चों से जुड़ी ऐसी घटनाएँ बार-बार सामने आई हैं, फिर भी शिक्षकों के संवेदनशीलता प्रशिक्षण और छात्र शिकायत तंत्र पर ठोस नीतिगत कार्रवाई नदारद है। जब तक जवाबदेही और रोकथाम के ढाँचे नहीं बनते, ऐसी खबरें आती रहेंगी।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेंगलुरु में छात्रा की आत्महत्या की घटना क्या है?
बेंगलुरु के अनेकल तालुक के मारसुरु मदिवाला गाँव में एक प्राइमरी स्कूल छात्रा ने 8 जुलाई 2025 की रात कथित तौर पर घर में फंदे से जान दे दी। गुरुवार सुबह परिजनों ने उसे उसके कमरे में इस हालत में पाया।
सुसाइड नोट में छात्रा ने क्या लिखा था?
हस्तलिखित नोट में छात्रा ने लिखा कि स्कूल में शिक्षकों के निकनेम रखने का बेबुनियाद आरोप लगाए जाने के बाद वह साथियों के बीच मज़ाक का पात्र बन गई और यह अपमान वह सहन नहीं कर पाई। उसने अपनी माँ और बहनों को मौत के लिए ज़िम्मेदार नहीं ठहराया और परिवार से माफ़ी माँगी।
परिवार ने स्कूल पर क्या आरोप लगाए हैं?
परिवार का आरोप है कि छात्रा तीन महीनों से स्कूल में परेशानियों का सामना कर रही थी। रिश्तेदारों ने कहा कि हेडमास्टर ने उससे पूछताछ की थी और गुरुवार दोपहर तक स्कूल का कोई अधिकारी परिवार से मिलने नहीं आया।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
सूर्यनगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस घटना की परिस्थितियों तथा परिजनों के आरोपों की जाँच कर रही है। सुसाइड नोट को साक्ष्य के रूप में लिया गया है।
क्या स्कूल को छात्रा की मानसिक स्थिति की जानकारी थी?
ब्लॉक एजुकेशन ऑफ़िसर से संपर्क करने पर स्कूल प्रबंधन ने पुष्टि की कि 8 जुलाई को छात्रा के रोते हुए पाए जाने के बाद उसकी काउंसलिंग की गई थी। परिजनों ने सवाल उठाया कि यदि उस दौरान अधिक सहानुभूति दिखाई जाती तो शायद यह दुखद घटना टाली जा सकती थी।
राष्ट्र प्रेस
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