नीट परीक्षा से पहले कृष्णागिरी में छात्र की आत्महत्या, सुसाइड नोट में माता-पिता को भावुक संदेश
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के कृष्णागिरी जिले के होसुर इलाके में 21 जून 2026 को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब 20 वर्षीय छात्र वेत्रियानंदम ने कथित तौर पर नीट-यूजी परीक्षा में फिर से असफल होने के भय से घर में फाँसी लगाकर अपनी जान दे ली। पुलिस ने मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है, जिसमें छात्र ने अपने परिवार के लिए भावुक संदेश छोड़े हैं।
घटनाक्रम: कैसे हुई यह दुखद घटना
पुलिस के अनुसार, शनिवार दोपहर जब छात्र की माँ दुकान गई हुई थीं और पिता काम के सिलसिले में घर से बाहर थे, उसी दौरान वेत्रियानंदम ने कथित तौर पर अकेले घर में यह कदम उठाया। वह परिवार का छोटा बेटा था और उसके पिता एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। छात्र की मौत की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और जाँच शुरू कर दी।
तीन साल की तैयारी, बार-बार असफलता
बताया जा रहा है कि वेत्रियानंदम पिछले तीन वर्षों से नीट-यूजी की तैयारी कर रहा था, लेकिन अब तक दी गई सभी परीक्षाओं में वह सफल नहीं हो पाया था। रविवार को होने वाली परीक्षा को लेकर वह कथित तौर पर गहरे तनाव में था। बरामद सुसाइड नोट में उसने लिखा कि नीट परीक्षा के डर से वह पिछले एक महीने से ठीक से सो नहीं पा रहा था। नोट में उसने अपनी माँ, पिता और बड़े भाई को संबोधित करते हुए कहा कि इस बार भी असफल होने के डर से वह यह गलत निर्णय ले रहा है। उसने अपनी बहन और भाई के भविष्य को लेकर भी चिंता व्यक्त की।
हैदराबाद में भी एक और छात्रा ने की आत्महत्या
यह घटना अकेली नहीं है। हैदराबाद के मियापुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 19 वर्षीय शेख सना ने भी कथित तौर पर नीट परीक्षा के दबाव में आकर अपनी जान दे दी। पुलिस के अनुसार, उसके पिता शेख जाफर हुसैन कुवैत में कार्यरत हैं, जबकि उसकी माँ लगभग 10 दिन पहले आंध्र प्रदेश के प्रोड्डटूर गई हुई थीं। सना ने पिछले वर्ष भी नीट परीक्षा दी थी, लेकिन सफल नहीं हो पाई थी। इसके बाद उसने लंबे समय तक कोचिंग ली और पिछले महीने हुई परीक्षा में शामिल हुई थी।
पुलिस के अनुसार, शनिवार को नाश्ते के बाद सना अपने कमरे में चली गई। उसकी बहनों को लगा कि वह परीक्षा की तैयारी कर रही है, लेकिन शाम तक बाहर न आने पर जब उन्होंने दरवाज़ा खोला, तो वह दुपट्टे के फंदे से लटकी मिली। उसने अंग्रेज़ी में एक नोट छोड़ा, जिसमें लिखा था कि उसकी मौत के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं है।
नीट परीक्षा का बढ़ता दबाव: एक गहरी चिंता
यह ऐसे समय में आया है जब नीट-यूजी परीक्षा को लेकर देशभर में छात्रों पर मानसिक दबाव की चिंताएँ लगातार उठाई जाती रही हैं। गौरतलब है कि यह कोई पहली ऐसी घटना नहीं है — हर परीक्षा सीज़न में नीट से जुड़े तनाव के कारण छात्रों के आत्मघाती कदम उठाने की खबरें सामने आती हैं। आलोचकों का कहना है कि एकल प्रवेश परीक्षा पर अत्यधिक निर्भरता और सीमित सीटों की उपलब्धता छात्रों पर असहनीय मानसिक बोझ डालती है।
पुलिस जाँच जारी
दोनों मामलों में पुलिस जाँच जारी है। अधिकारियों के अनुसार, घटना के सही कारणों का पता लगाने के लिए परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में इन मामलों की विस्तृत जाँच रिपोर्ट सामने आने की उम्मीद है।
नोट: यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव में है, तो iCall हेल्पलाइन: 9152987821 या Vandrevala Foundation: 1860-2662-345 पर संपर्क करें।