हैदराबाद: नीट री-टेस्ट से एक दिन पहले 19 वर्षीय छात्रा शेख सना ने की आत्महत्या
सारांश
मुख्य बातें
हैदराबाद में नीट यूजी री-टेस्ट से ठीक एक दिन पहले, 20 जून को, 19 वर्षीय शेख सना ने अपने मियापुर स्थित अपार्टमेंट में आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार, वह राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट यूजी) की तैयारी कर रही थी और रविवार को होने वाली पुनः परीक्षा में बैठने वाली थी। यह घटना उस समय सामने आई है जब 3 मई को हुई नीट परीक्षा में प्रश्न पत्र लीक के आरोपों के बाद देशभर में छात्रों में भारी तनाव व्याप्त है।
घटनाक्रम: कैसे सामने आई दुखद खबर
मियापुर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में अपनी दो छोटी बहनों — जो क्रमशः 10वीं और 6वीं कक्षा में पढ़ती हैं — के साथ रह रही सना ने शनिवार की सुबह नाश्ते के बाद अपने कमरे में जाकर दरवाज़ा बंद कर लिया। बहनों को लगा कि वह परीक्षा की तैयारी में व्यस्त है। शाम तक जब वह कमरे से बाहर नहीं आई, तो बहनों ने दरवाज़ा खोला और उन्हें दुपट्टे से फंदा लगाए हुए पाया। तत्काल पुलिस को सूचित किया गया।
सूचना मिलते ही पहुँची पुलिस ने शव को फंदे से उतारा और पोस्टमार्टम के लिए गांधी अस्पताल भेजा। मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी गई है। फिलहाल दोनों बहनों की देखभाल उनकी मौसी कर रही हैं।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और दबाव
सना के पिता शेख जाफर हुसैन कुवैत में कार्यरत हैं, जबकि उनकी माँ घटना से करीब 10 दिन पहले आंध्र प्रदेश के प्रोड्डटूर गई हुई थीं। यानी घटना के वक्त तीनों बहनें अकेली थीं।
अधिकारियों के अनुसार, पढ़ाई का अत्यधिक दबाव, परिवार की उम्मीदें और पिछली असफलताओं से उपजी घबराहट ने मिलकर इस दुखद कदम की ओर धकेला होगा। सना ने अंग्रेज़ी में एक सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें लिखा था कि उसकी मृत्यु के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं है।
नीट परीक्षा का इतिहास और दोबारा परीक्षा का संदर्भ
पुलिस की प्रारंभिक जाँच के अनुसार, सना ने पिछले वर्ष भी नीट परीक्षा दी थी, किंतु सफलता नहीं मिली। इसके बाद उसने लंबे समय तक कोचिंग ली और 3 मई को आयोजित परीक्षा में शामिल हुई। उस परीक्षा में प्रश्न पत्र लीक के आरोप सामने आने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई और री-टेस्ट की घोषणा की गई। सना उसी री-टेस्ट की तैयारी कर रही थी।
व्यापक संकट: नीट विवाद और छात्रों पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब नीट परीक्षा विवाद को लेकर पूरे देश में छात्र, अभिभावक और शिक्षाविद् गहरी चिंता में हैं। 3 मई की परीक्षा रद्द होने के बाद से कई राज्यों में नीट की तैयारी करने वाले छात्रों द्वारा आत्महत्या की खबरें सामने आ चुकी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा की अनिश्चितता, बार-बार की असफलताओं का भय और परिवार की अपेक्षाओं का संयुक्त बोझ मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रहा है।
आगे की जाँच जारी है। पुलिस ने सभी पहलुओं की पड़ताल शुरू कर दी है।