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नीट छात्रा रेणु ने दिल्ली के पालम में की आत्महत्या, सुसाइड नोट में माता-पिता से माँगी माफी

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नीट छात्रा रेणु ने दिल्ली के पालम में की आत्महत्या, सुसाइड नोट में माता-पिता से माँगी माफी

सारांश

दिल्ली, सीकर और देहरादून — एक ही सप्ताह में तीन नीट अभ्यर्थियों ने कथित तौर पर जान दे दी। परीक्षा रद्द होने का सदमा, पेपर लीक का भय और करियर का अनिश्चित भविष्य — यह त्रासदी सिर्फ व्यक्तिगत नहीं, प्रणालीगत संकट की दस्तक है।

मुख्य बातें

नई दिल्ली के पालम में नीट अभ्यर्थी रेणु ने 13 जून को कथित तौर पर फाँसी लगाकर आत्महत्या की; सुसाइड नोट बरामद।
रेणु ने 3 मई को नीट परीक्षा दी थी और परीक्षा रद्द होने के बाद से कथित तौर पर अवसाद में थी।
राजस्थान के सीकर में 22 वर्षीय उमेश माली ने भी इसी सप्ताह आत्महत्या की — सीकर में यह दूसरा ऐसा मामला।
देहरादून में 23 वर्षीय नीट अभ्यर्थी युवती ने भी कथित तौर पर जान दी; नोट में लिखा 'मम्मी-पापा, मैं आपसे प्यार करती हूँ।' एनटीए महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कहा — दोबारा परीक्षा सुरक्षित होगी, कोई पेपर लीक नहीं; 22 जून तक टेलीग्राम अस्थायी रूप से बंद।

नई दिल्ली के पालम इलाके (दक्षिण-पश्चिम दिल्ली) में नीट की तैयारी कर रही छात्रा रेणु ने कथित तौर पर 13 जून की शाम फाँसी लगाकर अपनी जान दे ली। मौके से बरामद सुसाइड नोट में उसने माता-पिता से माफी माँगी और लिखा कि वह उनकी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

घटनाक्रम: उस शाम क्या हुआ

पुलिस के अनुसार, रेणु ने 3 मई को नीट परीक्षा दी थी। परीक्षा रद्द होने के बाद से वह कथित तौर पर अवसाद (डिप्रेशन) से जूझ रही थी। 13 जून को उसके पिता अपने ससुर के निधन के कारण ससुराल गए हुए थे, जिससे रेणु घर पर अकेली थी। उसी शाम उसने यह कदम उठाया।

मूल रूप से राजस्थान की रहने वाली रेणु का परिवार काम के सिलसिले में दिल्ली में बस गया था। सुसाइड नोट में उसकी गहरी मानसिक पीड़ा झलकती है — उसने स्वीकार किया कि परीक्षा को लेकर बना दबाव उसके लिए असहनीय हो गया था।

देशभर में नीट से जुड़े आत्महत्या के मामले

यह घटना अकेली नहीं है। इसी सप्ताह राजस्थान के सीकर ज़िले में 22 वर्षीय छात्र उमेश माली ने आत्महत्या कर ली। झुंझुनूं के नवलगढ़ निवासी उमेश नीट का तीसरा प्रयास देने की तैयारी कर रहा था, जो 21 जून को निर्धारित है। पुलिस के मुताबिक, उसके पिता मुंबई में टाइल कॉन्ट्रैक्टर का काम करते हैं और उमेश सीकर के उद्योग नगर थाना क्षेत्र में एक फ्लैट में माँ, बड़ी बहन और छोटे भाई के साथ रह रहा था। सीकर में यह इस तरह का दूसरा मामला बताया जा रहा है।

मंगलवार को देहरादून में 23 वर्षीय एक युवती ने भी कथित तौर पर नीट पास न कर पाने की पीड़ा में जान दे दी। उसने माता-पिता के नाम छोड़े नोट में लिखा, 'मम्मी-पापा, मैं आपसे प्यार करती हूँ।' पुलिस के अनुसार, वह लंबे समय से मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रही थी।

एनटीए का भरोसा और फर्जी पेपर लीक की चेतावनी

इस बीच, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने मंगलवार को एक वीडियो संदेश में उम्मीदवारों को आश्वस्त किया कि दोबारा होने वाली परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुनः परीक्षा के लिए कोई पेपर लीक नहीं हुआ है।

सिंह ने छात्रों और अभिभावकों को सोशल मीडिया पर सक्रिय उन रैकेट से सावधान रहने को कहा जो मोटी रकम लेकर लीक पेपर देने का दावा करते हैं। उन्होंने बताया कि 22 जून तक टेलीग्राम ऐप को अस्थायी रूप से बंद करने का उद्देश्य परीक्षा से संबंधित भ्रामक सूचनाओं और फर्जी दावों पर अंकुश लगाना था।

बढ़ता मानसिक दबाव और व्यापक चिंता

यह घटनाएँ ऐसे समय में सामने आई हैं जब नीट परीक्षा से जुड़े विवाद और पेपर लीक के आरोपों ने पहले से ही लाखों छात्रों की मानसिक स्थिति को प्रभावित किया है। गौरतलब है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों में मानसिक स्वास्थ्य संकट की यह कोई पहली घटना नहीं है — विशेषज्ञ लंबे समय से परीक्षा प्रणाली में सुधार और परामर्श सेवाओं को मजबूत करने की माँग करते रहे हैं।

आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार और एनटीए परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के साथ-साथ छात्रों की मनोवैज्ञानिक सुरक्षा के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

सीकर और देहरादून में तीन नीट अभ्यर्थियों की मौत यह सवाल उठाती है कि क्या परीक्षा प्रणाली की अनिश्चितता अब जानलेवा दबाव बन चुकी है। पेपर लीक के आरोप, परीक्षा रद्द होना और पुनः परीक्षा की तारीखों का उलझा हुआ कार्यक्रम — यह सब मिलकर उन छात्रों की मनोवैज्ञानिक नींव हिला देते हैं जो वर्षों की मेहनत दाँव पर लगाए बैठे हैं। एनटीए का आश्वासन ज़रूरी है, लेकिन पर्याप्त नहीं — जब तक परामर्श सेवाएँ परीक्षा केंद्रों जितनी सुलभ नहीं होतीं, यह त्रासदियाँ दोहराती रहेंगी। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इन मौतों को अलग-थलग घटनाओं की तरह पेश करती है, जबकि यह एक प्रणालीगत विफलता के लक्षण हैं।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में नीट छात्रा रेणु ने आत्महत्या क्यों की?
पुलिस के अनुसार, रेणु 3 मई को नीट परीक्षा देने के बाद परीक्षा रद्द होने के कारण कथित तौर पर गहरे अवसाद में थी। सुसाइड नोट में उसने माता-पिता से माफी माँगी और लिखा कि वह उनकी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई।
इस सप्ताह नीट से जुड़े कितने आत्महत्या के मामले सामने आए?
इस सप्ताह कम से कम तीन मामले सामने आए — दिल्ली के पालम में रेणु (13 जून), राजस्थान के सीकर में 22 वर्षीय उमेश माली, और देहरादून में 23 वर्षीय एक युवती। सीकर में यह इस तरह का दूसरा मामला बताया गया है।
एनटीए ने नीट पुनः परीक्षा को लेकर क्या कहा?
एनटीए महानिदेशक अभिषेक सिंह ने मंगलवार को वीडियो संदेश में कहा कि दोबारा परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी होगी और कोई पेपर लीक नहीं हुआ है। उन्होंने छात्रों को टेलीग्राम पर लीक पेपर बेचने का दावा करने वाले रैकेट से सावधान रहने की चेतावनी दी।
टेलीग्राम ऐप को 22 जून तक क्यों बंद किया गया?
एनटीए के अनुसार, 22 जून तक टेलीग्राम को अस्थायी रूप से बंद करने का उद्देश्य परीक्षा से जुड़ी भ्रामक सूचनाओं और फर्जी पेपर लीक के दावों पर अंकुश लगाना था।
नीट परीक्षा के दबाव में छात्रों की मदद के लिए क्या उपाय हैं?
फिलहाल स्रोत में किसी विशेष सरकारी परामर्श कार्यक्रम का उल्लेख नहीं है। विशेषज्ञ लंबे समय से परीक्षा केंद्रों पर मनोवैज्ञानिक परामर्श सेवाएँ उपलब्ध कराने की माँग करते रहे हैं। यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक संकट में है, तो iCall (9152987821) जैसी हेल्पलाइन से सहायता ली जा सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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