सीकर में नीट अभ्यर्थी उमेश माली ने की आत्महत्या, एक महीने में दूसरी त्रासदी
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के शिक्षा केंद्र सीकर में 16 जून 2025 को एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब नीट परीक्षा की तैयारी कर रहे 22 वर्षीय उमेश माली को उनके परिवार के फ्लैट में मृत पाया गया। पुलिस के अनुसार, उमेश फांसी पर लटके पाए गए और घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ। यह सीकर में पिछले एक महीने में नीट अभ्यर्थी द्वारा जान गँवाने की दूसरी घटना है।
मुख्य घटनाक्रम
नवलगढ़ के कारी गांव निवासी उमेश माली अपनी माँ, बड़ी बहन और छोटे भाई के साथ सीकर के एक निजी आवासीय परिसर में रह रहे थे। उद्योग नगर थाने के एसएचओ राजेश कुमार बुडानिया के अनुसार, दोपहर में घर लौटने पर परिवार ने उमेश को मृत पाया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। उमेश के पिता लक्ष्मणराम माली मुंबई में टाइल्स ठेकेदार का काम करते हैं और परिवार उस फ्लैट का मालिक है, जहाँ उमेश रह रहे थे।
उमेश नीट पुनर्परीक्षा में तीसरी बार बैठने वाले थे, जो 21 जून को निर्धारित है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि उमेश सोमवार सुबह अपनी माँ को पैतृक गांव छोड़ने के बाद सीकर लौटे थे।
एक महीने में दूसरी त्रासदी
यह घटना झुंझुनू जिले के 23 वर्षीय प्रदीप माहिच की आत्महत्या के ठीक एक महीने बाद हुई है, जो पिछले तीन वर्षों से सीकर में किराए के मकान में रहकर नीट की तैयारी कर रहे थे। परिजनों के अनुसार, प्रदीप पढ़ाई में अव्वल थे और परीक्षा में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन मृत्यु से कुछ दिन पहले वे परेशान थे। प्रदीप की मृत्यु ने राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचा था और उनके परिजनों ने बाद में नई दिल्ली में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से मुलाकात की थी, जहाँ उन्होंने संवेदना व्यक्त की और समर्थन का आश्वासन दिया था।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह ताज़ा त्रासदी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के 17 जून को कोटा दौरे से ठीक पहले सामने आई है। राहुल गांधी एक कार्यक्रम में भाग लेने वाले हैं, जिसमें देश के सबसे बड़े कोचिंग केंद्र में छात्रों पर पड़ रहे मानसिक दबाव और आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं पर चर्चा होगी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अनुसार, वे शाम 5:00 बजे से रात 9:30 बजे तक लगभग साढ़े चार घंटे छात्रों के साथ सीधी बातचीत करेंगे। इस कार्यक्रम में किसी राजनीतिक नेता का भाषण नहीं होगा — केवल छात्रों की समस्याएँ और अनुभव सुने जाएंगे।
इस आयोजन के साथ कांग्रेस एक राष्ट्रव्यापी छात्र संपर्क अभियान भी शुरू करने जा रही है, जिसमें प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताएँ, नीट प्रश्नपत्र लीक विवाद और शिक्षा प्रणाली से जुड़ी व्यापक चिंताएँ केंद्र में होंगी।
छात्रों पर मानसिक दबाव का बढ़ता संकट
गौरतलब है कि सीकर राजस्थान का प्रमुख शिक्षा केंद्र है, जहाँ हजारों छात्र नीट, JEE और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा का अत्यधिक दबाव, पारिवारिक अपेक्षाएँ और बार-बार असफलता का डर इन छात्रों को मानसिक रूप से तोड़ देता है। अधिकारियों ने कहा है कि यात्रा की पूर्व संध्या पर एक और जान जाने के बाद कोचिंग केंद्रों में छात्र कल्याण तंत्र की प्रभावशीलता और प्रणालीगत सुधारों की आवश्यकता पर नए सवाल उठ रहे हैं।
आगे क्या होगा
पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है और सुसाइड नोट की जाँच की जा रही है। नीट पुनर्परीक्षा 21 जून को होनी है। राहुल गांधी का 17 जून का कोटा दौरा अब इस त्रासदी की पृष्ठभूमि में और अधिक संवेदनशील हो गया है। छात्र संगठनों और शिक्षाविदों की नज़रें अब इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और राजनीतिक दल इस संकट के समाधान के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं।