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क्या दिल्ली पुलिस ने छह साल की बच्ची के बलात्कारी-हत्यारे को चार साल की फरारी के बाद गिरफ्तार किया?

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क्या दिल्ली पुलिस ने छह साल की बच्ची के बलात्कारी-हत्यारे को चार साल की फरारी के बाद गिरफ्तार किया?

सारांश

दिल्ली पुलिस ने एक दोषी बलात्कारी और हत्यारे को गिरफ्तार किया है, जो पैरोल पर छूटने के बाद चार साल से अधिक समय से फरार था। इस मामले की गहराई में जाने पर, एक भयावह कहानी सामने आई है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी में।

मुख्य बातें

दोषी बलात्कारी को चार साल बाद गिरफ्तार किया गया।
संजय ने छह साल की बच्ची के साथ जघन्य अपराध किया।
पैरोल के दौरान संजय ने आत्मसमर्पण नहीं किया।
पुलिस ने गुप्त सूचना पर कार्रवाई की।
संजय ने नाम बदलकर अपनी पहचान छिपाई।

नई दिल्ली, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने एक दोषी बलात्कारी और हत्यारे को गिरफ्तार किया है, जो पैरोल पर छूटने के बाद चार साल से अधिक समय से फरार चल रहा था।

दोषी की पहचान 40 वर्षीय संजय उर्फ ​​सुजॉय के रूप में हुई है, जिसे तीन महीने तक चले अभियान के बाद बिहार के पटना से गिरफ्तार किया गया। संजय को 2007 में दिल्ली के कापसहेड़ा में छह साल की बच्ची के साथ हुए बलात्कार और हत्या के लिए 2010 में दोषी ठहराया गया था।

अभियोजन पक्ष के मामले में एक भयावह कहानी सामने आई। पीड़िता के पड़ोसी संजय ने उसे समोसा खिलाने का लालच दिया। मासूम बच्ची, उसके बुरे इरादों से अनजान, उसके साथ एक खाली प्लॉट में गई जहां, उसने जघन्य अपराध किया। अपनी करतूतों को छिपाने के लिए उसने बच्ची की बेरहमी से हत्या कर दी।

द्वारका अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने 2010 में संजय को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, जिसे 2014 में दिल्ली उच्च न्यायालय ने बरकरार रखा। अपनी सजा का कुछ हिस्सा पूरा करने के बाद 15 जून 2021 को दिल्ली उच्च न्यायालय ने उसे पैरोल प्रदान की।

हालांकि, पैरोल की अवधि पूरी होने पर वह आत्मसमर्पण करने में विफल रहा और गायब हो गया। अपराध शाखा की डकैती-रोधी एवं विशिष्ट अपराध (एआरएससी) इकाई की एक समर्पित टीम को जघन्य अपराधों में शामिल पैरोल जंपरों का पता लगाने का काम सौंपा गया।

एक गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए, इंस्पेक्टर मंगेश त्यागी और रॉबिन त्यागी के नेतृत्व में टीम ने गहन जांच शुरू की और भगोड़े को पटना में खोज निकाला। कानून प्रवर्तन से बचने के लिए, संजय ने अपना नाम बदलकर 'सुजॉय' रख लिया था और बिहार के विभिन्न इलाकों में अक्सर घूमता रहता था।

फरार रहने के दौरान भी उसने अपना आपराधिक आचरण जारी रखा। उसने दो बार विवाह किया और एक पत्नी से उसका एक बच्चा है। वहीं, दूसरी पत्नी गर्भवती है।

डीसीपी संजीव कुमार यादव ने बताया कि आरोपी 2003 में एक एक्सपोर्ट कंपनी में काम करने के लिए दिल्ली आया था। उसने अपने पैतृक गांव में 5वीं तक पढ़ाई की। फिलहाल उसके पास आय का कोई अन्य स्रोत नहीं है और वह पूरी तरह से अपने पैतृक खेतों से प्राप्त आय पर निर्भर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह घटना हमारे समाज में बढ़ती हुई अपराध की प्रवृत्ति को दर्शाती है। यह मामला न केवल कानून व्यवस्था की चुनौती है बल्कि समाज में नैतिकता और सुरक्षा पर भी गहरा असर डालता है। हमें ऐसे मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत है और सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय को कब गिरफ्तार किया गया?
संजय को 29 अगस्त को गिरफ्तार किया गया।
संजय ने बच्ची के साथ क्या किया?
संजय ने बच्ची के साथ बलात्कार किया और फिर उसकी हत्या कर दी।
संजय को कब दोषी ठहराया गया था?
संजय को 2010 में दोषी ठहराया गया था।
संजय की गिरफ्तारी के लिए कौन सी टीम काम कर रही थी?
अपराध शाखा की डकैती-रोधी एवं विशिष्ट अपराध इकाई ने उसकी गिरफ्तारी के लिए काम किया।
संजय ने फरारी के दौरान क्या किया?
फरारी के दौरान संजय ने अपना नाम बदलकर 'सुजॉय' रख लिया और उसने दो बार विवाह किया।
राष्ट्र प्रेस
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