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द्वारका पुलिस ने हत्या के प्रयास में 3 साल से फरार घोषित अपराधी अवनीश को विकास नगर से दबोचा

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द्वारका पुलिस ने हत्या के प्रयास में 3 साल से फरार घोषित अपराधी अवनीश को विकास नगर से दबोचा

सारांश

तीन साल तक किराए के मकान में छुपकर पुलिस को चकमा देता रहा अवनीश उर्फ कुनाल आखिरकार द्वारका एंटी-बर्गलरी सेल के हत्थे चढ़ गया। 2022 में चाकू से जानलेवा हमले के बाद फरार हुए इस घोषित अपराधी की गिरफ्तारी मुखबिर की सूचना पर विकास नगर में छापेमारी से हुई।

मुख्य बातें

द्वारका एंटी-बर्गलरी सेल ने 5 जून 2026 को घोषित अपराधी अवनीश उर्फ कुनाल (28) को गिरफ्तार किया।
आरोपी 3 सितंबर 2022 को शिकायतकर्ता पर चाकू से हमले के बाद से फरार था; पीड़ित के पेट में गंभीर चोटें आई थीं।
16 फरवरी 2023 को द्वारका कोर्ट ने आरोपी को प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर घोषित किया था।
आरोपी विकास नगर में किराए के मकान में रहकर पुलिस से बचता रहा था।
गिरफ्तारी के बाद अवनीश को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

नई दिल्ली के द्वारका जिले की एंटी-बर्गलरी सेल ने 5 जून 2026 को हत्या के प्रयास के मामले में पिछले तीन वर्षों से फरार चल रहे घोषित अपराधी अवनीश उर्फ कुनाल (28) को विकास नगर इलाके से गिरफ्तार किया। आरोपी को 16 फरवरी 2023 को द्वारका कोर्ट द्वारा प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर घोषित किया गया था और तब से वह पुलिस की पकड़ से बाहर था।

मामले की पृष्ठभूमि

पुलिस के अनुसार, 3 सितंबर 2022 को शिकायतकर्ता के साथ हुए विवाद के बाद अवनीश और उसके साथियों ने चाकू से जानलेवा हमला किया था। इस हमले में शिकायतकर्ता के पेट में गंभीर चोटें आई थीं। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया और थाना डाबरी में दर्ज एफआईआर संख्या 824/2022 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 307/34 (हत्या का प्रयास) के अंतर्गत मामला दर्ज हुआ।

गिरफ्तारी का घटनाक्रम

द्वारका के डीसीपी कुशल पाल सिंह के निर्देश पर एंटी-बर्गलरी सेल घोषित अपराधियों की सक्रिय तलाश में लगी थी। एसीपी ऑपरेशन सुभाष मलिक की निगरानी में इंस्पेक्टर विवेक मैंदोला के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें एएसआई राजेश, हेड कांस्टेबल प्रवीण, हेड कांस्टेबल कृष्ण और महिला हेड कांस्टेबल सोनिया शामिल थीं।

टीम को एक मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी विकास नगर क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहा है। इस सूचना के आधार पर छापेमारी कर अवनीश को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

आरोपी की पृष्ठभूमि

जाँच में सामने आया कि अवनीश दिल्ली का मूल निवासी है। उसके पिता एक फैक्ट्री में मजदूर हैं और माँ घरेलू सहायिका के रूप में काम करती हैं। उसने आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की, जिसके बाद पढ़ाई छोड़ दी। बाद में वह गलत संगत में पड़ा और नशे का आदी हो गया। पुलिस के अनुसार, नशे की लत पूरी करने के लिए ही उसने अपराध की राह पकड़ी।

आगे की कार्रवाई

फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में है और मामले की आगे की जाँच जारी है। यह गिरफ्तारी द्वारका जिला पुलिस की उस मुहिम का हिस्सा है जिसके तहत गंभीर मामलों में फरार आरोपियों को कानून के कटघरे में लाया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठाती है कि एक घोषित अपराधी उसी शहर में तीन साल तक किराए के मकान में रह सका — यह निगरानी तंत्र की खामी को उजागर करता है। मुखबिर पर निर्भरता दर्शाती है कि डिजिटल ट्रैकिंग और किरायेदार सत्यापन प्रणाली अभी भी कागज़ों तक सीमित है। घोषित अपराधियों की संख्या दिल्ली में लगातार बढ़ रही है, और ऐसे छिटपुट ऑपरेशन तब तक पर्याप्त नहीं होंगे जब तक पुलिस थानों में फरार आरोपियों की नियमित निगरानी को प्राथमिकता नहीं दी जाती।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अवनीश उर्फ कुनाल को किस मामले में गिरफ्तार किया गया?
अवनीश उर्फ कुनाल को थाना डाबरी में दर्ज एफआईआर संख्या 824/2022 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 307/34 (हत्या का प्रयास) के मामले में गिरफ्तार किया गया। 3 सितंबर 2022 को शिकायतकर्ता पर चाकू से हमले के बाद वह फरार हो गया था।
घोषित अपराधी (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर) किसे कहते हैं?
जब कोई आरोपी लंबे समय तक पुलिस और अदालत की नोटिस के बावजूद पेश नहीं होता, तो अदालत उसे घोषित अपराधी (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर) घोषित कर देती है। अवनीश को 16 फरवरी 2023 को द्वारका कोर्ट ने इसी श्रेणी में रखा था।
आरोपी इतने समय तक पुलिस से कैसे बचता रहा?
पुलिस जाँच के अनुसार, आरोपी ने घटना के बाद अपना पुराना पता छोड़ दिया और विकास नगर क्षेत्र में किराए के मकान में रहने लगा। वह मुखबिर की सूचना मिलने तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा।
गिरफ्तारी में किस टीम की भूमिका रही?
इंस्पेक्टर विवेक मैंदोला के नेतृत्व में गठित टीम — जिसमें एएसआई राजेश, हेड कांस्टेबल प्रवीण, हेड कांस्टेबल कृष्ण और महिला हेड कांस्टेबल सोनिया शामिल थीं — ने एसीपी ऑपरेशन सुभाष मलिक की निगरानी में यह ऑपरेशन अंजाम दिया। डीसीपी कुशल पाल सिंह के निर्देश पर यह अभियान चलाया जा रहा था।
अवनीश की पारिवारिक और शैक्षणिक पृष्ठभूमि क्या है?
पुलिस जाँच के अनुसार, अवनीश दिल्ली का निवासी है। उसके पिता फैक्ट्री मजदूर हैं और माँ घरेलू सहायिका हैं। उसने आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की, बाद में गलत संगत और नशे की लत के चलते अपराध की राह पकड़ी।
राष्ट्र प्रेस
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