दिल्ली हत्याकांड: वेलकम पुलिस ने मनन खान को दबोचा, सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल बरामद
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के वेलकम पुलिस स्टेशन की विशेष टीम ने 1 जून 2026 को मनन खान (उम्र 25 वर्ष) को गिरफ्तार किया और उसकी निशानदेही पर एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल बरामद की। यह कार्रवाई 23 जनवरी को किंग्स कैफे में हुई हत्या की जांच के दौरान सामने आई एक अहम कड़ी के रूप में हुई। मामले में पहले गिरफ्तार आरोपी रुहैल उर्फ साहिल की पूछताछ से इस गिरफ्तारी का रास्ता खुला।
मामले की पृष्ठभूमि
वेलकम पुलिस स्टेशन में धारा 103(1), 109(1), 61(2)(ए), 3(5) बीएनएस तथा 25/27 आर्म्स एक्ट के तहत पहले से एफआईआर दर्ज थी। यह मामला 23 जनवरी को किंग्स कैफे में हुई हत्या से जुड़ा है। जांच के दौरान पुलिस को रुहैल उर्फ साहिल — जो जनता मजदूर कॉलोनी, वेलकम, दिल्ली का निवासी और हबीब का पुत्र है — की संलिप्तता का पता चला।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस हिरासत में लगातार पूछताछ के बाद रुहैल उर्फ साहिल ने अपराध स्वीकार किया और बताया कि उसने ₹50,000 में एक पिस्टल किसी अन्य व्यक्ति को बेची थी। इस सूचना पर एसएचओ इंस्पेक्टर रूपेश कुमार खत्री के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई, जिसने छापा मारकर मनन खान को उसके निवास डीडीए कॉलोनी, न्यू जाफराबाद, दिल्ली से गिरफ्तार किया। मनन खान नाजिम अली का पुत्र है।
गिरफ्तारी के बाद मनन खान की निशानदेही पर पुलिस को सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल मिली। इस बरामदगी के बाद वेलकम पुलिस स्टेशन में 25/27 आर्म्स एक्ट के तहत अलग एफआईआर दर्ज की गई है।
जांच का दायरा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि पिस्टल कहाँ से आई, इसका उपयोग किन-किन घटनाओं में हुआ और इस हथियार नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हो सकते हैं। दोनों आरोपी — रुहैल उर्फ साहिल और मनन खान — फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और जल्द ही अदालत में पेश किए जाएंगे।
अवैध हथियारों पर पुलिस की सख्ती
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली में अवैध हथियारों की आवाजाही रोकने के लिए इस तरह के अभियान निरंतर चलाए जा रहे हैं। हत्या जैसे गंभीर अपराधों में हथियारों की भूमिका को देखते हुए पुलिस हर सूचना पर तत्काल कार्रवाई करती है। यह मामला दिल्ली में हथियारों की अवैध खरीद-फरोख्त के व्यापक नेटवर्क की ओर भी इशारा करता है, जिसकी जांच जारी है।