अमर कॉलोनी गोलीबारी: क्राइम ब्रांच ने दो और आरोपी दबोचे, पीड़ित साहिल की हो चुकी है मौत
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने दक्षिण-पूर्वी दिल्ली की अमर कॉलोनी में 26 मई को हुई गोलीबारी के मामले में 1 जून को दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस वारदात में 17 वर्षीय छात्र साहिल को गोली लगी थी, जिसकी बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई। अब तक इस मामले में एक नाबालिग समेत कुल तीन आरोपी पकड़े जा चुके हैं, जबकि दो अभी भी फरार हैं।
घटनाक्रम: कैसे हुई वारदात
26 मई की शाम करीब 7:54 बजे अमर कॉलोनी के एक फूड स्टॉल पर साहिल अपने दोस्तों के साथ खाना खा रहा था। पुलिस के अनुसार, उसी दौरान कुछ युवक वहाँ से गुज़रे और उनमें से एक का हाथ कुर्सी से टकरा गया, जिस पर मामूली कहासुनी हो गई। आरोपी पहले वहाँ से चले गए, लेकिन 4-5 मिनट बाद वापस लौटे और एक युवक ने साहिल पर गोली चला दी।
आरोपियों की पहचान और पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार, नए गिरफ्तार दोनों आरोपी गढ़ी गाँव के निवासी हैं और वारदात के वक्त वे एक ब्रेजा कार में सवार थे। इनमें से एक के पिता जिम चलाते हैं और दूसरे के पिता का नशा मुक्ति केंद्र है। जाँच में सामने आया है कि जिस युवक के पिता जिम संचालित करते हैं, वह पिस्टल उसी की बताई जा रही है। इसके अलावा, तुगलकाबाद का एक युवक भी इस मामले में आरोपी है, जो कथित तौर पर एक राजनीतिक परिवार से जुड़ा हुआ है और घटना के बाद सबसे आगे भागता देखा गया था।
पीड़ित साहिल का इलाज और मौत
गोली लगने के बाद स्थानीय लोगों और दोस्तों ने साहिल को तुरंत अस्पताल पहुँचाया। उसे पहले मूलचंद अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ से उसे एम्स ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। डॉक्टरों ने बताया कि वह वेंटिलेटर सपोर्ट पर था और हालत गंभीर बनी हुई थी। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में किशोरों से जुड़ी हिंसक वारदातों की संख्या में चिंताजनक वृद्धि दर्ज की जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई और जाँच की स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही स्टेशन हाउस ऑफिसर और असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस की अगुआई में टीमें मौके पर पहुँचीं। क्राइम ब्रांच ने पहले एक नाबालिग को हिरासत में लिया था, जिसके बारे में अधिकारियों का कहना है कि वह मुख्य शूटर नहीं है। अब नए गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और आसपास के इलाकों से प्राप्त सीसीटीवी फुटेज का भी विश्लेषण किया जा रहा है। फरार दो आरोपियों की तलाश में छापेमारी अभियान जारी है।
आगे क्या होगा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर फरार बाकी आरोपियों तक पहुँचने की कोशिश की जा रही है। गौरतलब है कि इस मामले में एक आरोपी का राजनीतिक पृष्ठभूमि से जुड़ा होना जाँच को और संवेदनशील बनाता है। अदालत में आरोप-पत्र दाखिल होने तक मामले की जाँच क्राइम ब्रांच के पास रहेगी।