दिल्ली अमर कॉलोनी फायरिंग: यश बिधूड़ी और जय कुमार गिरफ्तार, चौथा आरोपी अभी फरार
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के अमर कॉलोनी इलाके में एक रेस्तरां में हुई फायरिंग मामले में दिल्ली क्राइम ब्रांच ने दो फरार आरोपियों — यश बिधूड़ी और जय कुमार — को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को 30 मई की रात हिरासत में लिया गया और फिलहाल वे न्यायिक हिरासत में हैं। इस मामले में एक नाबालिग आरोपी को पहले ही बुधवार रात पकड़ा जा चुका था, जबकि चौथा आरोपी अभी भी फरार है।
घटना का पूरा घटनाक्रम
जाँचकर्ताओं के अनुसार, 17 वर्षीय छात्र साहिल अपने दोस्तों के साथ अमर कॉलोनी के एक रेस्तरां में खाना खाने गया था। इसी दौरान युवकों का एक समूह उनकी मेज के पास से गुजरा और कथित तौर पर एक युवक ने साहिल की कुर्सी को छू दिया। साहिल ने इस पर आपत्ति जताते हुए उन्हें ठीक से चलने को कहा।
जाँचकर्ताओं ने बताया कि इस मामूली कहा-सुनी के बाद वह समूह पहले रेस्तरां से चला गया, लेकिन कुछ ही देर में वापस लौटा। इसके बाद उस समूह के एक सदस्य ने कथित तौर पर साहिल पर गोली चला दी और बाकी साथियों के साथ मौके से फरार हो गया। इस घटना में साहिल ही एकमात्र घायल था।
नाबालिग की भूमिका और हथियार
अधिकारियों के अनुसार, फायरिंग करने वाला आरोपी एक नाबालिग था, जिसने चौथे आरोपी की कार से पिस्टल निकालकर गोली चलाई थी। यह तथ्य मामले की गंभीरता को और बढ़ा देता है, क्योंकि नाबालिग के हाथ में हथियार पहुँचने के स्रोत और जिम्मेदारी पर भी जाँच जारी है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही अमर कॉलोनी पुलिस स्टेशन को पीसीआर कॉल प्राप्त हुई। स्थानीय पुलिस की टीम, स्टेशन हाउस ऑफिसर और असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस के साथ तत्काल मौके पर पहुँची। इसके बाद दिल्ली क्राइम ब्रांच ने मामले की जाँच अपने हाथ में ली और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को दबोचा।
पीड़ित की स्थिति
फायरिंग में गंभीर रूप से घायल साहिल को पहले मूलचंद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उसकी हालत को देखते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए एम्स ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। उसकी वर्तमान स्थिति के बारे में अधिकारियों की ओर से ताज़ा जानकारी का इंतजार है।
आगे क्या होगा
पुलिस अब चौथे फरार आरोपी की तलाश में जुटी है, जिसकी कार का इस्तेमाल कथित तौर पर हथियार छुपाने के लिए किया गया था। नाबालिग आरोपी का मामला किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष रखा जाएगा, जबकि वयस्क आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्यवाही जारी रहेगी।