पश्चिम विहार जिम फायरिंग: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो शूटर गिरफ्तार, गुरु रंधावा के जिम पर चली थीं गोलियाँ
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 17 जून 2025 को पश्चिम विहार स्थित जिम पर हुई फायरिंग के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो कथित शूटरों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरियाणा के सोनीपत जिले के रिवाड़ा गाँव निवासी 19 वर्षीय अरमान और 21 वर्षीय तुषार उर्फ ताशु उर्फ पिंकू के रूप में हुई है। दोनों ने पूछताछ में 11 जून की तड़के हुई फायरिंग की वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की है।
वारदात का पूरा घटनाक्रम
11 जून को सुबह करीब 4 बजे दो बाइक सवार बदमाशों ने पश्चिम विहार स्थित एक जिम के बाहर कई राउंड फायरिंग की। यह जिम पंजाबी गायक गुरु रंधावा से जुड़ा बताया जाता है। घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, हालाँकि मौके पर पहुँची स्थानीय पुलिस को सात खाली कारतूस बरामद हुए, जिन्हें जब्त कर जाँच शुरू की गई।
घटना के बाद सोशल मीडिया पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े अनिल पंडित नामक व्यक्ति की एक इंस्टाग्राम पोस्ट वायरल हुई, जिसमें फायरिंग की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया गया कि यह हमला गुरु रंधावा को चेतावनी देने के उद्देश्य से किया गया। पोस्ट में आरोप लगाया गया था कि गुरु रंधावा अभिनेता सलमान खान के करीब आ रहे थे।
पुलिस की विशेष जाँच और ऑपरेशन
मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच की एनडीआर यूनिट, आर.के. पुरम की एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी निगरानी, खुफिया जानकारी और फील्ड ऑपरेशन के ज़रिए आरोपियों के भागने के पूरे रूट का विश्लेषण किया। पुलिस ने लगभग 100 किलोमीटर के दायरे में आरोपियों की गतिविधियों को ट्रैक किया।
जाँच के दौरान पुलिस ने साहिल, सागर, अरमान और तुषार की पहचान की। इसके बाद मामला स्थानीय पुलिस से क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया। आरोपियों की लोकेशन और ठिकानों की सूचना मिलने पर 15 जून को हरियाणा के बहादुरगढ़ में एक विशेष अभियान चलाया गया, जिसमें अरमान और तुषार को गिरफ्तार कर लिया गया।
कानूनी कार्रवाई
इस मामले में पश्चिम विहार ईस्ट थाने में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। दोनों आरोपियों को फिलहाल पुलिस रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की जा रही है।
आगे की जाँच
जाँच एजेंसियाँ फरार आरोपियों साहिल और सागर को पकड़ने, वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद करने और पूरे गैंग नेटवर्क का खुलासा करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। गौरतलब है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग हाल के महीनों में दिल्ली-एनसीआर में कई हाई-प्रोफाइल धमकी और फायरिंग की घटनाओं से जुड़ा रहा है, जो इस मामले को और अधिक संवेदनशील बनाता है।