दिल्ली: आनंद पर्वत मारपीट-हत्या मामले में एक साल बाद फरार आरोपी तनवीर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस ने आनंद पर्वत इलाके में हुई मारपीट के बाद पीड़ित की मौत के करीब एक वर्ष बाद फरार चल रहे 24 वर्षीय आरोपी तनवीर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मंगलवार, 16 जून 2026 को यह जानकारी दी। मोती नगर निवासी तनवीर पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज है और वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा था।
मामले की पृष्ठभूमि
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 20 अप्रैल 2025 को आनंद पर्वत पुलिस स्टेशन में मारपीट का मामला दर्ज किया गया था। कथित तौर पर लोगों के एक समूह ने पीड़ित पर हमला किया और उसे जबरन एक सुनसान स्थान पर ले जाकर बेरहमी से पीटा, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। अस्पताल में इलाज के दौरान पीड़ित की मौत हो गई, जिसके बाद पुलिस ने मामले को गैर-इरादतन हत्या में तब्दील कर दिया।
पहले की गिरफ्तारियाँ
प्रारंभिक जाँच के दौरान मुख्य आरोपी सुंदर लाल (आनंद पर्वत निवासी) को गिरफ्तार किया गया था और मामले से जुड़े एक नाबालिग को भी पकड़ा गया था। हालाँकि, आरोपी तनवीर फरार रहा और लगातार अपनी जगह बदलकर कानूनी कार्रवाई से बचता रहा।
विशेष टीम का गठन और ऑपरेशन
14 जून 2026 को फरार आरोपी को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम में इंस्पेक्टर रणवीर सिंह (एंटी-टेररिस्ट ऑफिसर), हेड कांस्टेबल सरवन और कांस्टेबल मनीष यादव, लोकेश व मंजीत शामिल थे। यह टीम आनंद पर्वत पुलिस स्टेशन के एसएचओ की देखरेख और एसीपी/पुलिस नायक की समग्र निगरानी में काम कर रही थी।
टीम ने छापेमारी, साथियों की निगरानी, तकनीकी जानकारी जुटाना, संदिग्ध ठिकानों की जाँच और स्थानीय खुफिया सूत्रों का लगातार उपयोग किया। अंततः विश्वसनीय तकनीकी और खुफिया जानकारी के आधार पर एक सुनियोजित ऑपरेशन में आरोपी तनवीर को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी की पृष्ठभूमि
आरोपी तनवीर मोती नगर का निवासी है और इससे पहले भी एक अन्य मामले में उसकी संलिप्तता रही है। उसके खिलाफ मोती नगर पुलिस स्टेशन में भी एक अलग एफआईआर दर्ज है। अधिकारियों के अनुसार, तनवीर ने अपने साथियों के साथ मिलकर पीड़ित पर हमला करने की साजिश रची थी।
आगे की कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी तनवीर से पूछताछ कर रही है ताकि अपराध में उसकी सटीक भूमिका स्पष्ट हो सके और अन्य संभावित साथियों की संलिप्तता के बारे में साक्ष्य जुटाए जा सकें। यह मामला उन मामलों में शामिल है जहाँ पुलिस की लंबी जाँच प्रक्रिया अंततः फरार आरोपियों तक पहुँचने में सफल रही।