आनंद पर्वत हत्याकांड: क्राइम ब्रांच ने मुख्य आरोपी हिमांशु तिवारी को दबोचा, नाबालिग भी हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 25-26 मई 2026 की रात राजौरी गार्डन के वेस्ट साइड मॉल के पास जाल बिछाकर आनंद पर्वत चाकूबाजी हत्याकांड के मुख्य आरोपी हिमांशु तिवारी (19 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई में एक नाबालिग (किशोर न्याय अधिनियम के अंतर्गत 'कानून के साथ संघर्षरत बच्चा') को भी हिरासत में लिया गया। यह गिरफ्तारी 28 मई को सार्वजनिक की गई।
मुख्य घटनाक्रम
14 और 15 मई 2026 की रात आनंद पर्वत इलाके में 21 वर्षीय सागर पर पुरानी रंजिश के चलते कई बार चाकू से हमला किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। यह मामला आनंद पर्वत पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) और 3(5) के तहत दर्ज किया गया। घटना के बाद मुख्य आरोपी हिमांशु तिवारी और उसके साथी गिरफ्तारी से बचने के लिए दिल्ली छोड़कर राजस्थान फरार हो गए थे।
ऑपरेशन की रूपरेखा
हेड कांस्टेबल नवीन को 25-26 मई की रात सूचना मिली कि फरार आरोपी हिमांशु तिवारी राजौरी गार्डन स्थित वेस्ट साइड मॉल के पास आने वाला है। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए वेस्ट रेंज-I (डब्ल्यूआर-I), क्राइम ब्रांच की एक विशेष टीम गठित की गई।
टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर प्रकाश चंद ने किया और इसमें एसआई अमित कुमार, हेड कांस्टेबल नवीन व विनोद कुमार, तथा कांस्टेबल कृष्ण शामिल थे। पूरा ऑपरेशन एसीपी राजकुमार की कड़ी निगरानी में संपन्न हुआ। टीम ने मॉल के पास जाल बिछाकर हिमांशु तिवारी को दबोच लिया और उसी दौरान नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया।
पूछताछ में खुलासा
पूछताछ के दौरान हिमांशु तिवारी ने स्वीकार किया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर पुरानी दुश्मनी के कारण सागर पर चाकू से हमला किया था। पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद वह राजस्थान भाग गया था और बाद में पैसे लेने तथा एक साथी से मिलने के लिए दिल्ली लौटा — जिसी मौके का फायदा उठाकर क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे पकड़ा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हिमांशु पटेल नगर के बलजीत नगर का निवासी है और कम उम्र में गलत संगत में पड़ने के कारण आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त हो गया। गौरतलब है कि वह पढ़ाई कर रहा था जब उसने यह रास्ता अपनाया।
कानूनी कार्रवाई
कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद हिमांशु तिवारी को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 35.1(सी) के तहत गिरफ्तार किया गया। नाबालिग से संबंधित कार्यवाही किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार की गई। दोनों को अदालत और किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) के समक्ष पेश किया गया, और इसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए आनंद पर्वत पुलिस को सौंप दिया गया।
आगे की जांच
पुलिस के अनुसार, इन गिरफ्तारियों से अभियोजन पक्ष का केस काफी मजबूत हुआ है और जांच अपने तार्किक निष्कर्ष के करीब पहुंच गई है। घटनाओं के पूरे क्रम का पता लगाने और अन्य संभावित साथियों की भूमिका की पहचान के लिए जांच जारी है।