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नोएडा पुलिस ने श्रमिकों के प्रदर्शन को भड़काने वाले मुख्य आरोपी आदित्य आनंद को गिरफ्तार किया

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नोएडा पुलिस ने श्रमिकों के प्रदर्शन को भड़काने वाले मुख्य आरोपी आदित्य आनंद को गिरफ्तार किया

सारांश

नोएडा के श्रमिकों के प्रदर्शन में हिंसा भड़काने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी आदित्य आनंद को गिरफ्तार किया है। उसकी गिरफ्तारी तमिलनाडु से हुई है, और पुलिस ने इस मामले में अन्य सहयोगियों को भी पकड़ा है।

मुख्य बातें

आदित्य आनंद की गिरफ्तारी से श्रमिकों के प्रदर्शन को भड़काने वाले मुद्दे पर ध्यान केंद्रित हुआ है।
पुलिस ने इस मामले में कई राज्यों में छापे मारे हैं।
गिरफ्तारी के पीछे एक सुनियोजित साजिश की आशंका जताई जा रही है।
जांच टीमों ने सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज की मदद से उपद्रवियों की पहचान की है।
पुलिस की छह टीमों ने मिलकर यह कार्रवाई की है।

नोएडा, १८ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन को भड़काने के आरोप में पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। मुख्य संदिग्ध आदित्य आनंद को नोएडा पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने तमिलनाडु से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी से पहले वह लंबे समय से फरार था, और पुलिस उसकी खोज में लगातार प्रयास कर रही थी।

नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान आदित्य आनंद की भूमिका स्पष्ट हुई थी। उन्होंने कहा कि आरोपी प्रदर्शन के दोनों दिनों में मौजूद था, लेकिन इसके बाद वह फरार हो गया। पुलिस ने उसके खिलाफ कोर्ट से गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किया था, और उस पर एक लाख रुपए का इनाम भी रखा गया था।

कमिश्नर ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद आरोपी को ट्रांजिट मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया है। इस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।

पुलिस के अनुसार, इस मामले में पहले ही आरोपी के दो सहयोगी, रूपेश राय और मनीषा चौहान, को गिरफ्तार किया जा चुका है। मुख्य आरोपी आदित्य आनंद की तलाश में पुलिस ने कई राज्यों में छापेमारी की थी, जिसके परिणामस्वरूप उसे अंततः तमिलनाडु से पकड़ा गया। उल्लेखनीय है कि पुलिस की छह टीमों ने मिलकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया है।

उल्लेखनीय है कि श्रमिकों के प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क उठी थी। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह घटनाएं अचानक भड़की हुई हिंसा नहीं थीं, बल्कि इसके पीछे एक सुनियोजित साजिश हो सकती है। इसी सिलसिले में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए षडयंत्र के एंगल पर गहन पड़ताल शुरू कर दी है। जांच टीमों ने विभिन्न स्थानों से सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जब्त की है, जिनके आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहां श्रमिकों के प्रदर्शन को एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत भड़काने का आरोप लगाया गया है। पुलिस की कार्रवाई इस बात का संकेत है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार गंभीर है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आदित्य आनंद को कब गिरफ्तार किया गया?
आदित्य आनंद को १८ अप्रैल को तमिलनाडु से गिरफ्तार किया गया।
क्या आदित्य आनंद के खिलाफ कोई वारंट था?
हाँ, उसके खिलाफ कोर्ट से गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किया गया था।
इस मामले में अन्य आरोपी कौन हैं?
पुलिस ने पहले ही आदित्य आनंद के दो सहयोगियों, रूपेश राय और मनीषा चौहान, को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने जांच के लिए क्या कदम उठाए हैं?
पुलिस ने सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जब्त की है और षड्यंत्र के एंगल पर जांच शुरू की है।
आंदोलन के दौरान क्या हुआ था?
आंदोलन के दौरान हिंसा भड़क उठी थी, जिससे स्थिति असामान्य हो गई थी।
राष्ट्र प्रेस
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