रियाद एयरपोर्ट के पास धमाके और काला धुआँ, हूती हमले की आशंका; उड़ानें रद्द
सारांश
मुख्य बातें
रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नज़दीक 19 सितंबर 2026 को शनिवार की सुबह भीषण धमाकों की आवाज़ें सुनाई दीं, जिसके बाद इलाके में काले धुएँ का विशाल गुबार उठता देखा गया। यमन के हूती विद्रोहियों के बढ़ते हमलों के बीच यह घटना सऊदी राजधानी में हुई, जो वैश्विक स्तर पर चिंता का विषय बन गई है।
मुख्य घटनाक्रम
एयरपोर्ट हाईवे, मुख्य टर्मिनल इमारत और अन्य संरचनाओं के सामने आग और धुएँ का गुबार देखा गया। वीडियो फुटेज में ईंधन टैंक जैसी संरचनाओं के पीछे से आग की लपटें उठती दिखीं। सऊदी नागरिक सुरक्षा विभाग ने रात भर रियाद और राजधानी के पूर्व में स्थित अल-खर्ज शहर में संभावित खतरे के अलर्ट जारी किए।
रियाद के निवासियों को रात 3 बजे से ठीक पहले एक संदेश प्राप्त हुआ जिसमें कहा गया: 'इलाके में हवाई हमले का खतरा है', और उन्हें घर के भीतर रहने का आग्रह किया गया। इसके बाद शनिवार सुबह 'ऑल-क्लियर' सूचना जारी की गई।
उड़ानों पर असर
एयरक्राफ्ट ट्रैकिंग वेबसाइट फ्लाइटरडार24 ने पुष्टि की कि किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कई उड़ानें रद्द या देरी से चलीं। एयरपोर्ट को साइट के अधिकतम व्यवधान सूचकांक 5.0 पर सूचीबद्ध किया गया, जिसका अर्थ है कि वहाँ 'लंबी देरी और कई रद्द उड़ानों के साथ बड़ी समस्याएँ' चल रही थीं।
सऊदी सरकार के मीडिया कार्यालय ने धुएँ और रात भर जारी की गई चेतावनियों के संबंध में पूछे गए सवालों का तत्काल कोई जवाब नहीं दिया।
हूती हमलों का व्यापक संदर्भ
यमन में लंबे समय से चल रहे गृहयुद्ध के फिर से भड़कने के बाद यह पहली बार है जब सऊदी राजधानी रियाद इस तरह सीधे निशाने पर आती दिखी है। गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच लगभग सात महीनों से जारी तनाव के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पहले से ही दबाव में है।
हूती विद्रोहियों ने हाल के महीनों में सऊदी अरब और लाल सागर क्षेत्र में अपने हमले तेज़ किए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों पर भी असर पड़ा है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
सऊदी अरब दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादकों में से एक है और रियाद एयरपोर्ट खाड़ी क्षेत्र का प्रमुख हवाई केंद्र है। इस क्षेत्र में किसी भी अस्थिरता का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ता है। विश्लेषकों के अनुसार, इस घटना के बाद ऊर्जा बाज़ारों में अनिश्चितता बढ़ सकती है।
आगे क्या
फिलहाल स्थिति की निगरानी की जा रही है। अधिकारियों ने 'ऑल-क्लियर' जारी किया है, लेकिन हमले की ज़िम्मेदारी और उसकी पूरी प्रकृति के बारे में आधिकारिक स्पष्टीकरण अभी बाकी है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़रें इस विकसित होती स्थिति पर टिकी हैं।