हज 2025: मक्का में 15 लाख से अधिक जायरीन, सऊदी अरब ने तैनात किया एडवांस्ड एयर डिफेंस
सारांश
मुख्य बातें
पवित्र नगरी मक्का में इस वर्ष हज यात्रा 2025 के लिए 15 लाख से अधिक मुस्लिम श्रद्धालु पहुँच चुके हैं, जो 2025 के मुकाबले विदेशी जायरीनों की संख्या में बढ़ोतरी दर्शाता है। यह हज यात्रा ऐसे नाज़ुक भू-राजनीतिक दौर में हो रही है जब पश्चिम एशिया में युद्धविराम की उम्मीदें जताई जा रही हैं और क्षेत्रीय तनाव चरम पर है।
मक्का में जायरीनों का सैलाब
सफेद इहराम पहने लाखों श्रद्धालु बसों और पैदल चलते हुए मीना के विशाल शिविर क्षेत्र में पहुँचे। इससे पूर्व उन्होंने तवाफ अदा किया — अर्थात मस्जिद अल-हराम में स्थित काबा के चारों ओर सात परिक्रमाएँ कीं। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष विदेशों से आने वाले हाजियों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में अधिक रही है।
सऊदी अरब की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने मक्का के बाहरी इलाकों में आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए हैं। मंत्रालय ने एक वीडियो जारी कर इन प्रणालियों को सार्वजनिक किया। मंत्रालय ने कहा, 'हवाई सुरक्षा बल पवित्र स्थलों के ऊपर आसमान की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार हैं। उनका काम किसी भी हवाई खतरे का जवाब देना और यात्रियों की सुरक्षा और शांति सुनिश्चित करना है।'
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह सऊदी रक्षा मंत्रालय ने बताया था कि उसने इराक की दिशा से अपने हवाई क्षेत्र में घुसे तीन ड्रोन को मार गिराया था। इसी क्रम में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने मंगलवार को जानकारी दी कि पिछले 48 घंटों में उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने इराक की दिशा से आए छह ड्रोन का पता लगाया।
भू-राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह हज यात्रा ऐसे समय हो रही है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी नाज़ुक युद्धविराम को बढ़ाने और होर्मुज स्ट्रेट को पुनः खोलने को लेकर परस्पर विरोधी संकेत दिए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, हाल के महीनों में ईरान ने सऊदी अरब और खाड़ी के अन्य देशों में कई ठिकानों को निशाना बनाया था — फिर भी इस वर्ष ईरान से भी श्रद्धालु हज में शामिल हुए हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में युद्ध समाप्ति की उम्मीदें तो हैं, परंतु ज़मीनी स्तर पर अनिश्चितता बनी हुई है। सऊदी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्रीय तनाव को हज की पवित्रता को प्रभावित नहीं करने दिया जाएगा।
आम जनता और श्रद्धालुओं पर असर
दुनिया भर से लंबा सफर तय करके पहुँचे लाखों जायरीनों के लिए इस वर्ष की हज यात्रा असाधारण परिस्थितियों में हो रही है। बढ़ी हुई सुरक्षा और ड्रोन खतरों के बावजूद श्रद्धालुओं का आगमन जारी है, जो इस धार्मिक यात्रा के प्रति उनकी अटूट आस्था को दर्शाता है।
आगे क्या
हज के मुख्य अनुष्ठान — जिनमें अरफात का मैदान और मुज़दलिफा की रात शामिल हैं — आने वाले दिनों में संपन्न होंगे। सऊदी अधिकारियों की नज़र क्षेत्रीय हवाई सुरक्षा पर बनी रहेगी। पश्चिम एशिया में युद्धविराम की स्थिति और ट्रंप प्रशासन के अगले कदम इस पूरे दौर की दिशा तय करेंगे।