हज 2026 अब तक का सबसे सफल: रिजिजू, भारत को मिले दो अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 18 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित हज समीक्षा बैठक के बाद घोषणा की कि हज 2026 अब तक की सबसे सफल हज यात्रा रही है और भारत को इस उपलब्धि के लिए दो अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। यह पुरस्कार विदेश मंत्रालय के माध्यम से सौंपे गए। भारतीय हज यात्रियों के लिए की गई व्यवस्थाओं की सऊदी अरब के अधिकारियों सहित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना हुई।
समीक्षा बैठक में क्या हुआ
डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित इस हज समीक्षा बैठक में हज 2026 के संचालन का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। भारत से रवानगी से लेकर सऊदी अरब, मक्का और मदीना में व्यवस्थाओं तथा यात्रियों की वापसी तक की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की गई। बैठक में हज 2027 की रूपरेखा पर भी विचार-विमर्श हुआ।
मुख्य उपलब्धियाँ
रिजिजू ने बताया कि हज सुविधा ऐप का यात्रियों पर काफी सकारात्मक प्रभाव पड़ा, जिसके ज़रिए कई ज़रूरी सेवाएँ सुलभ हुईं। सऊदी अरब के अधिकारियों ने भारत की स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने कहा, 'सऊदी अरब के लोगों ने भी कहा कि भारत की हेल्थकेयर व्यवस्था बहुत शानदार है।'
बीमा कवर के मोर्चे पर भी उल्लेखनीय सुधार हुआ — पहले यह कवर ₹5 लाख था, जिसे बढ़ाकर ₹6.25 लाख कर दिया गया है। इसके साथ ही 65 वर्ष और उससे अधिक आयु के हज यात्रियों के लिए बनाई गई नई नीति को भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।
सरकार की प्रतिक्रिया और प्रतिबद्धता
रिजिजू ने कहा, 'हम पूरे विश्वास के साथ कह सकते हैं कि हज 2026 अब तक का सबसे बेहतरीन हज रहा। यह उपलब्धि सभी के सहयोग से संभव हुई है।' बैठक में यह भी दोहराया गया कि सरकार भारतीय हज यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक, पारदर्शी और सम्मानजनक यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
हज 2027 की तैयारी
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने बताया कि हज 2027 की तैयारियों की नींव रख दी गई है। भविष्य की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए मैनपावर बढ़ाने, स्टेट हज इंस्पेक्टरों की संख्या में वृद्धि करने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती बढ़ाने की योजना है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत दुनिया के सबसे बड़े हज प्रतिनिधिमंडलों में से एक भेजता है और व्यवस्थाओं की गुणवत्ता वैश्विक मानदंड बन रही है।