17 जुलाई 2026
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हज 2026: जेद्दा में भारतीय महावाणिज्यदूत फहाद सूरी ने हज यात्रियों को दी मुबारकबाद, 1 जून से वापसी शुरू

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हज 2026: जेद्दा में भारतीय महावाणिज्यदूत फहाद सूरी ने हज यात्रियों को दी मुबारकबाद, 1 जून से वापसी शुरू

सारांश

जेद्दा में भारतीय महावाणिज्यदूत फहाद सूरी ने हज 2026 के मुख्य अनुष्ठानों के संपन्न होने पर भारतीय हाजियों को मुबारकबाद दी। 1 जून से वापसी शुरू, मक्का में 15 लाख से अधिक श्रद्धालु — पश्चिम एशिया के तनाव के बीच सऊदी सुरक्षा व्यवस्था ने यात्रा को निर्बाध रखा।

मुख्य बातें

जेद्दा में भारत के महावाणिज्यदूत फहाद सूरी ने हज के मुख्य अनुष्ठानों के सफल समापन पर सभी भारतीय हज यात्रियों को मुबारकबाद दी।
वापसी का प्रस्थान चरण 1 जून 2026 से शुरू हुआ; सभी इंतज़ाम सुगम यात्रा के लिए किए गए हैं।
इस वर्ष मक्का में 15 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुँचे — 2025 के मुकाबले विदेशी यात्रियों की संख्या अधिक रही।
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने पश्चिम एशियाई तनाव के बीच हवाई सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की।
हज यात्रा में ईरान सहित दुनिया भर के मुसलमान शामिल हुए, क्षेत्रीय तनाव के बावजूद यात्रा शांतिपूर्ण रही।

जेद्दा में भारत के महावाणिज्यदूत फहाद सूरी ने हज के मुख्य अनुष्ठानों के सफलतापूर्वक संपन्न होने पर सभी भारतीय हज यात्रियों को हार्दिक मुबारकबाद दी। 1 जून 2026 से प्रस्थान चरण की शुरुआत के अवसर पर उन्होंने सभी हाजियों की सुरक्षित और सुगम स्वदेश वापसी की शुभकामनाएँ दीं।

महावाणिज्यदूत का संदेश

फहाद सूरी ने कहा, 'यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हज का बुनियादी मरहला सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। मीना से हाजियों की वापसी भी अमन और सुकून के साथ संपन्न हुई है — इस तरह हज के सबसे अहम अरकान मुकम्मल हो गए हैं।' उन्होंने यात्रियों से कहा कि वे अपने साथ बरकत और रूहानी फायदे लेकर घर लौटें।

सूरी ने यह भी बताया कि वापसी का मरहला 1 जून से शुरू होगा और सभी इंतज़ाम इस प्रकार किए गए हैं कि सफर आसान, सुकून भरा और सुव्यवस्थित हो। जो हाजी अभी जेद्दा या मक्का में रुके हुए हैं, उनकी अच्छी सेहत और आराम के लिए भी दुआ की गई।

इस वर्ष की हज यात्रा: प्रमुख तथ्य

इस वर्ष मक्का में 15 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुँचे, जिनमें दुनिया भर के मुसलमान शामिल हैं। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, 2025 के मुकाबले इस बार विदेशों से अधिक लोग हज में शामिल हुए हैं — यह संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि है।

सफेद वस्त्र धारण किए लाखों श्रद्धालु बसों और पैदल चलते हुए मीना के विशाल शिविर क्षेत्र में पहुँचे। इससे पूर्व उन्होंने 'तवाफ' किया — अर्थात् मक्का की बड़ी मस्जिद में स्थित काबा के चारों ओर सात चक्कर लगाए।

क्षेत्रीय तनाव के बीच सुरक्षा व्यवस्था

यह हज यात्रा ऐसे समय हो रही है जब पश्चिम एशिया में युद्ध समाप्त होने की उम्मीदें जताई जा रही हैं। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए अपनी हवाई सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की है।

गौरतलब है कि इस वर्ष की हज यात्रा में ईरान से आए श्रद्धालु भी शामिल हुए — यह ऐसे समय में है जब हाल के महीनों में ईरान द्वारा सऊदी अरब और खाड़ी क्षेत्र के कई स्थानों पर हमले किए जाने की खबरें आई थीं। समाचार एजेंसी की रिपोर्टों के अनुसार, हज की शुरुआत उस दौरान हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी नाजुक युद्धविराम को बढ़ाने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने को लेकर अलग-अलग संकेत दिए।

सऊदी अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि क्षेत्रीय तनाव का कोई असर इस पवित्र धार्मिक यात्रा पर न पड़े — और कथित तौर पर इसमें वे सफल भी रहे।

आगे क्या

प्रस्थान चरण 1 जून 2026 से प्रारंभ हो चुका है। भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास की टीमें यात्रियों की सहायता के लिए तैनात हैं। सभी भारतीय हाजियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना अब प्राथमिकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हज 2026 में भारतीय यात्रियों की वापसी कब शुरू हुई?
भारतीय हज यात्रियों की स्वदेश वापसी का प्रस्थान चरण 1 जून 2026 से शुरू हुआ। जेद्दा में भारतीय महावाणिज्यदूत फहाद सूरी ने बताया कि सभी इंतज़ाम सुगम और आरामदायक वापसी सुनिश्चित करने के लिए किए गए हैं।
हज 2026 में कितने लोग मक्का पहुँचे?
इस वर्ष मक्का में 15 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुँचे। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, 2025 के मुकाबले इस बार विदेशों से अधिक लोग हज में शामिल हुए।
फहाद सूरी कौन हैं और उन्होंने क्या कहा?
फहाद सूरी जेद्दा में भारत के महावाणिज्यदूत हैं। उन्होंने हज के मुख्य अनुष्ठानों के सफल समापन पर भारतीय हाजियों को मुबारकबाद दी और कहा कि मीना से हाजियों की वापसी अमन और सुकून के साथ संपन्न हुई है।
पश्चिम एशिया के तनाव का हज 2026 पर क्या असर पड़ा?
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए हवाई सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की। कथित तौर पर सऊदी अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि क्षेत्रीय तनाव का असर इस पवित्र यात्रा पर न पड़े, और हज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
हज में 'तवाफ' क्या होता है?
तवाफ हज का एक अनिवार्य अनुष्ठान है जिसमें मक्का की बड़ी मस्जिद में स्थित काबा के चारों ओर सात चक्कर लगाए जाते हैं। इस वर्ष लाखों श्रद्धालुओं ने सफेद वस्त्र पहनकर यह अनुष्ठान संपन्न किया।
राष्ट्र प्रेस
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