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अराफात में उमड़े लाखों हज यात्री, भारतीय जायरीनों ने इबादत में बिताया पूरा दिन

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अराफात में उमड़े लाखों हज यात्री, भारतीय जायरीनों ने इबादत में बिताया पूरा दिन

सारांश

अराफात के पवित्र मैदान में 26 मई को लाखों हज यात्री एकत्रित हुए — यह हज का सबसे महत्वपूर्ण क्षण है। भारतीय राजदूत और पूरी हज टीम मौजूद रही। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच 15 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की यह यात्रा शांति और एकता का संदेश लेकर आई।

मुख्य बातें

26 मई को सऊदी अरब के अराफात में लाखों हज यात्री वुकूफ़-ए-अराफात के लिए एकत्रित हुए।
भारतीय राजदूत सुहेल एजाज खान के अनुसार, सभी भारतीय जायरीन समय पर और सुरक्षित रूप से पहुँचे; लगभग 50 प्रतिशत ट्रेन से और शेष बस से आए।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स पर यात्रियों को शुभकामनाएँ देते हुए करुणा, सौहार्द और एकता की कामना की।
इस वर्ष 15 लाख से अधिक श्रद्धालु मक्का पहुँचे हैं।
भारतीय दूतावास, महावाणिज्य दूत फहाद सूरी और पूरी हज टीम अराफात में यात्रियों की सेवा में तैनात रही।

सऊदी अरब के अराफात के पवित्र मैदान में मंगलवार, 26 मई को लाखों हज यात्री एकत्रित हुए और हज के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान — वुकूफ़-ए-अराफात — में शामिल हुए। भारतीय जायरीनों ने पूरा दिन नमाज़ और दुआओं में बिताया। इस वर्ष 15 लाख से अधिक श्रद्धालु हज में शामिल हो रहे हैं — और यह यात्रा पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच शांति की उम्मीदों के साथ संपन्न हो रही है।

मीना से अराफात तक: यात्रा का सफर

सऊदी अरब में भारत के राजदूत सुहेल एजाज खान ने बताया कि सभी भारतीय हज यात्री समय पर और सुरक्षित रूप से मीना की टेंट सिटी से अराफात पहुँच गए। उन्होंने कहा, 'आज हज का सबसे अहम दिन है, जब सभी यात्री मीना के टेंट सिटी से अराफात आते हैं और यहाँ पूरे दिन इबादत और दुआ में बिताते हैं, फिर सूर्यास्त के बाद मुजदलिफा की ओर जाते हैं।'

राजदूत खान के अनुसार, यात्रियों को बसों और ट्रेनों — दोनों माध्यमों से अराफात पहुँचाया गया। लगभग 50 प्रतिशत यात्री ट्रेनों से आए जबकि शेष बसों से। सभी को उनके निर्धारित टेंट में ठहराया गया है।

भारतीय दूतावास की भूमिका

रियाद स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, राजदूत सुहेल एजाज खान, जेद्दा में भारतीय महावाणिज्य दूत फहाद सूरी और पूरी भारतीय हज टीम अराफात में मौजूद रहकर यात्रियों की सेवा में जुटी है। इससे पहले शनिवार को राजदूत खान ने मक्का का दौरा कर कई हज यात्रियों से मुलाकात की और उनकी समस्याएँ व सुझाव सुने। उन्होंने तैयारियों की समीक्षा की और मेडिकल टीमों से भी भेंट की।

रविवार को राजदूत खान ने कर्नाटक के नगर प्रशासन एवं हज मंत्री रहीम खान से मक्का में मुलाकात कर हज की तैयारियों की विस्तृत जानकारी साझा की। इस बैठक में महावाणिज्य दूत फहाद सूरी भी उपस्थित रहे।

केंद्रीय मंत्री की शुभकामनाएँ

केंद्रीय संसदीय एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हज यात्रियों को शुभकामनाएँ देते हुए लिखा, 'अराफात के पवित्र मैदान में हज के मुख्य अनुष्ठान के लिए इकट्ठा हुए सभी हज यात्रियों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएँ और प्रार्थनाएँ। यह पवित्र यात्रा मानवता में करुणा, सौहार्द और एकता के मूल्यों को और मजबूत करे।' उन्होंने प्रार्थना की कि यह यात्रा लोगों के बीच दया, भाईचारा और एकता की भावना को और सुदृढ़ करे।

वैश्विक संदर्भ में इस वर्ष का हज

इस वर्ष 15 लाख से अधिक श्रद्धालु मक्का पहुँचे हैं — यह संख्या वार्षिक हज की भव्यता को दर्शाती है। गौरतलब है कि यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया में तनाव और संघर्ष जारी है, और दुनिया भर के मुसलमान इस पवित्र अवसर पर शांति की दुआएँ माँग रहे हैं। अराफात के मैदान में एकत्रित होना इस्लाम के पाँच स्तंभों में से एक हज का केंद्रबिंदु माना जाता है — यह वह क्षण है जब सभी भेद मिटकर एकता का संदेश दुनिया तक पहुँचता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या यह तैयारी हर वर्ष की तरह केवल लॉजिस्टिक्स तक सीमित रहती है या यात्रियों की चिकित्सा और आपात ज़रूरतों में भी उतनी ही मज़बूत साबित होती है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच 15 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की उपस्थिति सुरक्षा और कूटनीतिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर आँकड़ों पर केंद्रित रहती है — यह नज़रअंदाज़ करते हुए कि वुकूफ़-ए-अराफात जैसे अनुष्ठान भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद वैश्विक मुस्लिम एकता के जीवंत प्रतीक बने रहते हैं।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वुकूफ़-ए-अराफात क्या है और यह हज में इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
वुकूफ़-ए-अराफात हज का केंद्रीय अनुष्ठान है, जिसमें यात्री अराफात के मैदान में एकत्रित होकर पूरा दिन इबादत और दुआ में बिताते हैं। इसे हज का 'दिल' माना जाता है — इस्लामी मान्यता के अनुसार इस दिन की इबादत विशेष रूप से स्वीकार होती है।
इस वर्ष कितने भारतीय हज यात्री सऊदी अरब गए हैं?
सटीक भारतीय संख्या आधिकारिक रूप से अलग से नहीं बताई गई है, लेकिन इस वर्ष कुल 15 लाख से अधिक श्रद्धालु मक्का पहुँचे हैं। भारतीय राजदूत सुहेल एजाज खान के अनुसार, सभी भारतीय जायरीन समय पर अराफात पहुँच गए।
भारतीय हज यात्रियों को अराफात कैसे पहुँचाया गया?
राजदूत सुहेल एजाज खान के अनुसार, लगभग 50 प्रतिशत भारतीय यात्री ट्रेनों से और शेष बसों से मीना की टेंट सिटी से अराफात पहुँचे। सभी को उनके निर्धारित टेंट में ठहराया गया।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने हज पर क्या कहा?
केंद्रीय संसदीय एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स पर हज यात्रियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पवित्र यात्रा मानवता में करुणा, सौहार्द और एकता के मूल्यों को और मजबूत करे।
अराफात में इबादत के बाद हज यात्री कहाँ जाते हैं?
राजदूत खान के अनुसार, यात्री सूर्यास्त के बाद अराफात से मुजदलिफा की ओर प्रस्थान करते हैं। यह हज के अनुष्ठानों का अगला चरण है, जहाँ रात बिताई जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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