3 अगस्त 2026
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किरेन रिजिजू ने हज-2027 रोडमैप बैठक की अध्यक्षता की, 1.75 लाख तीर्थयात्रियों के हज-2026 का विश्लेषण

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किरेन रिजिजू ने हज-2027 रोडमैप बैठक की अध्यक्षता की, 1.75 लाख तीर्थयात्रियों के हज-2026 का विश्लेषण

सारांश

हज-2026 में 1.75 लाख भारतीय तीर्थयात्रियों की सफल यात्रा के बाद, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने नई दिल्ली में हज-2027 का रोडमैप तैयार करने के लिए उच्चस्तरीय बैठक की। भारत को पहली बार सऊदी अरब से दो प्रतिष्ठित 'लब्बैतुम' पुरस्कार भी मिले।

मुख्य बातें

किरेन रिजिजू ने नई दिल्ली के DAIC में हज-2027 रोडमैप पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
हज-2026 में 1.75 लाख भारतीय तीर्थयात्रियों ने हज किया।
इतिहास में पहली बार भारतीय हज मिशन को सऊदी अरब से दो 'लब्बैतुम' पुरस्कार प्राप्त हुए।
62,500 तीर्थयात्रियों ने मक्का से मदीना तक हाई-स्पीड रेलवे से यात्रा की।
20-दिवसीय 'शॉर्ट हज पैकेज' का लाभ लगभग 10,500 कामकाजी पेशेवरों ने उठाया।
सभी भारतीय तीर्थयात्रियों को मदीना के 'मर्कजिया' क्षेत्र में ठहराया गया।

अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने 19 जून 2026 को नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर (DAIC) में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें हज-2026 के दौरान 1.75 लाख भारतीय तीर्थयात्रियों की यात्रा का मूल्यांकन किया गया और हज-2027 के लिए रोडमैप तैयार करने की दिशा में विचार-विमर्श हुआ। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मंत्री ने इस वर्ष के आयोजन को सफल करार दिया।

बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा

समीक्षा बैठक में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, नागरिक उड्डयन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सचिव श्रीवत्स कृष्णा और विदेश मंत्रालय की सचिव (सीपीवी एवं ओआईए) श्रीप्रिया रंगनाथन के अलावा हज कमेटी ऑफ इंडिया, BISAG-N और अन्य हितधारकों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

रिजिजू ने हज-2026 की सफलता का श्रेय सभी संबंधित मंत्रालयों, हज कमेटी ऑफ इंडिया, राज्य हज कमेटियों, सऊदी अरब में भारतीय हज मिशन और सऊदी अधिकारियों के समन्वित प्रयासों को दिया।

ऐतिहासिक 'लब्बैतुम' पुरस्कार

आधिकारिक बयान के अनुसार, इतिहास में पहली बार सऊदी हज और उमराह मंत्रालय ने भारतीय हज मिशन को 'सर्वश्रेष्ठ हज समन्वय और संचार' श्रेणी में दो 'लब्बैतुम' पुरस्कार प्रदान किए। ये पुरस्कार हज सीजन के समापन पर आयोजित 'खितामहू मिस्क' समारोह में दिए गए, जो तीर्थयात्री सेवा में भारत की उत्कृष्टता को मान्यता देते हैं।

तीर्थयात्रियों के लिए नई सुविधाएँ

हज-2026 में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। मीना में सोफा-कम-बेड उपलब्ध कराए गए, जिससे यात्रा के सबसे कठिन दिनों में आराम बढ़ा। 62,500 तीर्थयात्रियों ने मक्का से मदीना तक हाई-स्पीड रेलवे से यात्रा की, जिससे समय की बड़ी बचत हुई। इसके अलावा 20-दिवसीय 'शॉर्ट हज पैकेज' का लाभ लगभग 10,500 तीर्थयात्रियों ने उठाया, जिनमें मुख्यतः कामकाजी पेशेवर शामिल थे।

मदीना में सभी भारतीय तीर्थयात्रियों को 'मर्कजिया' क्षेत्र में ठहराया गया, जिससे बेहतर पहुँच और सुविधा सुनिश्चित हुई। मक्का में होटल जैसी आवास व्यवस्था भी प्रदान की गई।

प्रौद्योगिकी से बेहतर हुई सेवाएँ

बयान के अनुसार, सऊदी नुसुक प्लेटफॉर्म के साथ एकीकरण, ऑनलाइन उड़ान बुकिंग और डिजिटल शिकायत निवारण तंत्र को मज़बूत करने जैसे प्रौद्योगिकी-आधारित सुधारों ने पारदर्शिता, सुरक्षा और सेवा वितरण को और बेहतर बनाया।

हज-2027 की तैयारियाँ

बैठक में हज-2027 के लिए रोडमैप तय करने पर भी विस्तृत चर्चा हुई। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब भारत लगातार अपनी हज व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उन्नत कर रहा है। आने वाले महीनों में हज-2027 की नीति और प्रक्रियाओं पर अंतिम निर्णय अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा हज-2027 की नीति में होगी — खासकर तब जब कोटा विस्तार, किफायती पैकेज और डिजिटल पारदर्शिता जैसे मुद्दे अभी भी अधूरे हैं। 'शॉर्ट हज पैकेज' जैसे नवाचार सराहनीय हैं, पर 1.75 लाख की संख्या भारत की विशाल मुस्लिम आबादी के अनुपात में अभी भी सीमित है। हज-2027 रोडमैप में यदि कोटा बढ़ाने और लागत घटाने पर ठोस प्रतिबद्धता नहीं आती, तो यह बैठक महज़ एक औपचारिकता बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किरेन रिजिजू की हज-2027 रोडमैप बैठक में क्या हुआ?
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने नई दिल्ली के DAIC में हज-2026 की समीक्षा और हज-2027 के रोडमैप पर चर्चा के लिए उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इसमें कई मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी और हज कमेटी ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि शामिल हुए।
हज-2026 में कितने भारतीय तीर्थयात्री गए?
हज-2026 में कुल 1.75 लाख भारतीय तीर्थयात्रियों ने हज किया। आधिकारिक बयान के अनुसार, मंत्री रिजिजू ने इस आयोजन को सफल बताया।
'लब्बैतुम' पुरस्कार क्या है और भारत को यह क्यों मिला?
'लब्बैतुम' पुरस्कार सऊदी हज और उमराह मंत्रालय द्वारा हज सेवाओं में उत्कृष्टता के लिए दिया जाता है। इतिहास में पहली बार भारतीय हज मिशन को 'सर्वश्रेष्ठ हज समन्वय और संचार' श्रेणी में दो पुरस्कार मिले, जो 'खितामहू मिस्क' समारोह में प्रदान किए गए।
हज-2026 में तीर्थयात्रियों के लिए क्या नई सुविधाएँ दी गईं?
62,500 तीर्थयात्रियों ने मक्का से मदीना तक हाई-स्पीड रेलवे का उपयोग किया। मीना में सोफा-कम-बेड, मक्का में होटल जैसी आवास व्यवस्था, 20-दिवसीय 'शॉर्ट हज पैकेज' (जिसका लाभ 10,500 तीर्थयात्रियों ने उठाया) और सऊदी नुसुक प्लेटफॉर्म के साथ डिजिटल एकीकरण शामिल थे।
हज-2027 की तैयारियाँ कब तक पूरी होंगी?
हज-2027 के रोडमैप पर बैठक में विचार-विमर्श शुरू हो गया है। नीति और प्रक्रियाओं पर अंतिम निर्णय आने वाले महीनों में अपेक्षित है, हालाँकि कोई आधिकारिक समयसीमा अभी घोषित नहीं की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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