किरेन रिजिजू ने हज-2027 रोडमैप बैठक की अध्यक्षता की, 1.75 लाख तीर्थयात्रियों के हज-2026 का विश्लेषण
सारांश
मुख्य बातें
अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने 19 जून 2026 को नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर (DAIC) में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें हज-2026 के दौरान 1.75 लाख भारतीय तीर्थयात्रियों की यात्रा का मूल्यांकन किया गया और हज-2027 के लिए रोडमैप तैयार करने की दिशा में विचार-विमर्श हुआ। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मंत्री ने इस वर्ष के आयोजन को सफल करार दिया।
बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा
समीक्षा बैठक में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, नागरिक उड्डयन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सचिव श्रीवत्स कृष्णा और विदेश मंत्रालय की सचिव (सीपीवी एवं ओआईए) श्रीप्रिया रंगनाथन के अलावा हज कमेटी ऑफ इंडिया, BISAG-N और अन्य हितधारकों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
रिजिजू ने हज-2026 की सफलता का श्रेय सभी संबंधित मंत्रालयों, हज कमेटी ऑफ इंडिया, राज्य हज कमेटियों, सऊदी अरब में भारतीय हज मिशन और सऊदी अधिकारियों के समन्वित प्रयासों को दिया।
ऐतिहासिक 'लब्बैतुम' पुरस्कार
आधिकारिक बयान के अनुसार, इतिहास में पहली बार सऊदी हज और उमराह मंत्रालय ने भारतीय हज मिशन को 'सर्वश्रेष्ठ हज समन्वय और संचार' श्रेणी में दो 'लब्बैतुम' पुरस्कार प्रदान किए। ये पुरस्कार हज सीजन के समापन पर आयोजित 'खितामहू मिस्क' समारोह में दिए गए, जो तीर्थयात्री सेवा में भारत की उत्कृष्टता को मान्यता देते हैं।
तीर्थयात्रियों के लिए नई सुविधाएँ
हज-2026 में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। मीना में सोफा-कम-बेड उपलब्ध कराए गए, जिससे यात्रा के सबसे कठिन दिनों में आराम बढ़ा। 62,500 तीर्थयात्रियों ने मक्का से मदीना तक हाई-स्पीड रेलवे से यात्रा की, जिससे समय की बड़ी बचत हुई। इसके अलावा 20-दिवसीय 'शॉर्ट हज पैकेज' का लाभ लगभग 10,500 तीर्थयात्रियों ने उठाया, जिनमें मुख्यतः कामकाजी पेशेवर शामिल थे।
मदीना में सभी भारतीय तीर्थयात्रियों को 'मर्कजिया' क्षेत्र में ठहराया गया, जिससे बेहतर पहुँच और सुविधा सुनिश्चित हुई। मक्का में होटल जैसी आवास व्यवस्था भी प्रदान की गई।
प्रौद्योगिकी से बेहतर हुई सेवाएँ
बयान के अनुसार, सऊदी नुसुक प्लेटफॉर्म के साथ एकीकरण, ऑनलाइन उड़ान बुकिंग और डिजिटल शिकायत निवारण तंत्र को मज़बूत करने जैसे प्रौद्योगिकी-आधारित सुधारों ने पारदर्शिता, सुरक्षा और सेवा वितरण को और बेहतर बनाया।
हज-2027 की तैयारियाँ
बैठक में हज-2027 के लिए रोडमैप तय करने पर भी विस्तृत चर्चा हुई। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब भारत लगातार अपनी हज व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उन्नत कर रहा है। आने वाले महीनों में हज-2027 की नीति और प्रक्रियाओं पर अंतिम निर्णय अपेक्षित है।