यमन में हूती दावा: सऊदी F-15 विमानों ने 24 घंटे में तीन प्रांतों पर 40 हवाई हमले किए
सारांश
मुख्य बातें
यमन के हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारिया ने बुधवार, 17 सितंबर 2026 को दावा किया कि पिछले 24 घंटों में सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने यमन के तीन प्रांतों में 40 हवाई हमले किए हैं। हूती समूह के इस दावे पर सऊदी अधिकारियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
हवाई हमलों का विवरण
सारिया ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी बयान में कहा कि सऊदी अरब के दक्षिण-पश्चिम में स्थित खमीस मुशैत एयर बेस से उड़ान भरने वाले F-15 लड़ाकू विमानों ने दक्षिण-पश्चिमी ताइज, उत्तर-पूर्वी मारिब और उत्तर-पश्चिमी हज्जाह प्रांतों में हमले किए। कथित हमलों में हुए नुकसान या हताहतों के बारे में अभी तक कोई स्वतंत्र जानकारी सामने नहीं आई है।
हूतियों के जवाबी हमलों के दावे
इसी बुधवार को हूतियों ने यह भी दावा किया कि उन्होंने सऊदी अरब के पश्चिमी शहर यानबू में स्थित सऊदी अरामको की सुविधाओं पर 'दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन' दागे। साथ ही, खमीस मुशैत के एयर बेस पर भी कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया गया। सारिया के अनुसार, यानबू पर हुए हमले से 'बड़ी आग लगी और भारी नुकसान हुआ', तथा खमीस मुशैत को निशाना बनाने वाली मिसाइलें 'सटीक तरीके से' अपने लक्ष्य पर पहुंचीं। हालाँकि, सऊदी अधिकारियों और अरामको ने इन दावों पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
इसके अतिरिक्त, हूतियों ने दावा किया कि उन्होंने उत्तर-पूर्वी मारिब प्रांत के ऊपर एक स्थानीय रूप से विकसित सतह-से-हवा मार करने वाली मिसाइल से सऊदी अरब का एक F-15 लड़ाकू विमान मार गिराया। सऊदी अरब ने इस दावे पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। गौरतलब है कि इन सभी दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि संभव नहीं हो सकी है।
ज़मीनी लड़ाई और रणनीतिक नुकसान
हवाई हमलों में तेजी के साथ-साथ जमीनी संघर्ष भी फिर से भड़क उठा है। एक यमनी सैन्य अधिकारी के अनुसार, बुधवार को दक्षिणी लाहज प्रांत की कहबूब पर्वत श्रृंखला में भीषण लड़ाई जारी रही। यह क्षेत्र रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के ऊपर स्थित है। इस संघर्ष में सरकार समर्थक बलों के 5 सैनिक और हूती पक्ष के 10 लड़ाके मारे गए, जबकि दोनों पक्षों के कई अन्य लोग घायल हुए।
यह ऐसे समय में आया है जब हूतियों ने 10 सितंबर 2026 को रणनीतिक बंदरगाह शहर मोखा पर और 11 सितंबर को बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के बीच स्थित मायून द्वीप पर नियंत्रण हासिल कर लिया। यह जलडमरूमध्य लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण वैश्विक समुद्री मार्ग है, और इस पर नियंत्रण की भू-राजनीतिक अहमियत बेहद बड़ी है।
संघर्ष की पृष्ठभूमि
यमन का मौजूदा संघर्ष 2014 के अंत में शुरू हुआ था, जब हूतियों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद मार्च 2015 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने सैन्य हस्तक्षेप शुरू किया था। एक दशक से अधिक समय से जारी इस संघर्ष को दुनिया के सबसे गहरे मानवीय संकटों में से एक माना जाता है।
आगे की स्थिति
सितंबर 2026 की शुरुआत से यमन में संघर्ष का स्तर उल्लेखनीय रूप से बढ़ गया है। मोखा और मायून द्वीप पर हूतियों का नियंत्रण, अरामको सुविधाओं पर मिसाइल हमलों के दावों के साथ मिलकर, यह संकेत देता है कि यह टकराव एक नए और अधिक खतरनाक चरण में प्रवेश कर सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़रें बाब अल-मंदेब पर टिकी हैं, क्योंकि वैश्विक व्यापार के लिए यह जलमार्ग अत्यंत संवेदनशील है।