श्रीनगर एयरपोर्ट पर इंडिगो विमान VDGS पोल से टकराया, सभी यात्री और क्रू सुरक्षित
सारांश
मुख्य बातें
इंडिगो की फ्लाइट 6ई 225 (पंजीकरण: वीटी-एनओजी) 4 सितंबर 2026 को सुबह करीब 9:02 बजे श्रीनगर एयरपोर्ट के बे नंबर 6 पर पार्किंग के दौरान विजुअल डॉकिंग गाइडेंस सिस्टम (VDGS) के पोल से टकरा गई। नवी मुंबई से आ रही इस फ्लाइट में सवार सभी यात्री और क्रू मेंबर सुरक्षित बताए गए हैं।
हादसे का घटनाक्रम
श्रीनगर एयरपोर्ट अथॉरिटी के अनुसार, विमान पार्किंग की प्रक्रिया के दौरान VDGS पोल के संपर्क में आ गया। इस पोल पर डिस्प्ले यूनिट के साथ-साथ लेजर या कैमरा सेंसर लगे होते हैं, जो पायलट को विमान को सटीक स्थिति में खड़ा करने में मदद करते हैं।
घटना के तुरंत बाद यात्रियों और क्रू को मैनुअल सीढ़ियों की मदद से विमान से सुरक्षित बाहर निकाला गया। अधिकारियों ने पुष्टि की कि किसी के घायल होने की कोई सूचना नहीं है।
जाँच की प्रक्रिया
अधिकारियों ने बताया कि इस घटना के कारणों की जाँच तय प्रक्रिया के अनुसार संबंधित अधिकारियों द्वारा की जाएगी। जाँच पूरी होने के बाद ही हादसे की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल श्रीनगर एयरपोर्ट पर परिचालन सामान्य बना हुआ है और सभी उड़ानों का आवागमन तय समय पर जारी है।
इंडिगो की हालिया घटनाएँ
यह घटना उस हादसे के ठीक एक दिन बाद सामने आई, जब दोहा से बेंगलुरु जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6ई 1302 को मस्कट डायवर्ट करना पड़ा था। पायलट की तबीयत अचानक बिगड़ने के कारण उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता की ज़रूरत पड़ी थी।
मस्कट में लैंडिंग के बाद पायलट को मेडिकल टीम ने देखा और अस्पताल ले जाया गया। रिपोर्टों के अनुसार, अब उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है। इंडिगो ने प्रभावित यात्रियों के लिए बेंगलुरु से मस्कट के लिए एक अलग विमान और नई क्रू टीम का इंतजाम किया, ताकि वे अपने गंतव्य तक पहुँच सकें। एयरलाइन ने मस्कट में इंतजार कर रहे यात्रियों को जलपान और नियमित अपडेट भी उपलब्ध कराए।
आम जनता और यात्रियों पर असर
गौरतलब है कि VDGS पोल से टकराव जैसी घटनाएँ विमानन क्षेत्र में दुर्लभ मानी जाती हैं और आमतौर पर ग्राउंड हैंडलिंग प्रक्रिया की खामियों या तकनीकी कारणों से जुड़ी होती हैं। श्रीनगर एयरपोर्ट पर बाकी उड़ानें प्रभावित नहीं हुईं और सेवाएँ सुचारू रूप से जारी रहीं।
जाँच के नतीजे आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि क्या यह मानवीय चूक थी या तकनीकी खराबी — और इंडिगो की ग्राउंड ऑपरेशन प्रक्रियाओं पर क्या असर पड़ेगा।