यूसीसी का विरोध अनावश्यक, सभी राज्यों को लागू करनी चाहिए पहल: विश्व हिंदू परिषद
सारांश
मुख्य बातें
विश्व हिंदू परिषद (VHP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने 14 सितंबर 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उस घोषणा का स्वागत किया, जिसमें कहा गया है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) 2029 तक 21 राज्यों में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करेगा। बंसल ने कहा कि यूसीसी का विरोध अनावश्यक है और गैर-भाजपा शासित राज्यों को भी इस दिशा में पहल करनी चाहिए।
संविधान में यूसीसी का उल्लेख
विनोद बंसल ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, 'संविधान में 'राज्य के नीति-निर्देशक तत्वों' में यूनिफॉर्म सिविल कोड का जिक्र है, जिसमें कहा गया है कि नागरिकों के लिए यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करना राज्य की जिम्मेदारी होगी।' उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका अर्थ है कि देश के नागरिकों के साथ लिंग, आयु वर्ग या किसी अन्य आधार पर कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए।
उत्तराखंड की सराहना
बंसल ने उत्तराखंड सरकार की प्रशंसा की, जिसने न केवल यूसीसी बिल पास किया बल्कि उसे लागू भी किया। उन्होंने कहा कि यह सरकार अगले चुनावों से पहले इस काम को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए गृह मंत्री अमित शाह तथा प्रधानमंत्री की भी सराहना की जानी चाहिए।
गैर-भाजपा राज्यों पर VHP की अपील
विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता ने गैर-BJP और गैर-NDA शासित राज्यों से भी यूसीसी लागू करने की अपील की। उनका कहना था कि 'जिन राज्यों में भाजपा की सरकार नहीं है, वहां के नागरिक भी परेशानियां झेल रहे हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि गैर-भाजपा शासित राज्यों में बच्चों और महिलाओं के साथ भेदभाव किया जा रहा है। बंसल ने कहा कि यूसीसी का अनावश्यक विरोध ठीक नहीं है और इसे तत्काल लागू करना चाहिए।
BRICS समिट और सात्विक भोजन पर प्रतिक्रिया
विनोद बंसल ने BRICS समिट में विदेशी मेहमानों को परोसे गए सात्विक भोजन की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इस कदम से यह संदेश गया है कि सात्विक भोजन भी पौष्टिक और स्वादिष्ट हो सकता है। बंसल के अनुसार, BRICS समिट ने 'वसुधैव कुटुंबकम' की भारतीय सोच को पूरी दुनिया के सामने रखा और भारत की विश्वसनीयता तथा वैश्विक प्रभाव को उजागर किया।
आगे की राह
यूसीसी के क्रियान्वयन को लेकर देश में राजनीतिक बहस जारी है। गौरतलब है कि उत्तराखंड यूसीसी लागू करने वाला पहला राज्य बन चुका है, और अब केंद्र सरकार की ओर से 2029 तक 21 BJP-NDA शासित राज्यों में इसे लागू करने की घोषणा से यह मुद्दा राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में आ गया है। VHP की अपील यह दर्शाती है कि हिंदुत्व संगठन इस एजेंडे को व्यापक सामाजिक और संवैधानिक आधार पर आगे बढ़ाना चाहते हैं।