24 अगस्त 2026
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मुंबई गणपति जुलूस पर कथित पत्थरबाजी: अबू आजमी ने माँगी निष्पक्ष जाँच, नितेश राणे ने की कड़ी निंदा

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मुंबई गणपति जुलूस पर कथित पत्थरबाजी: अबू आजमी ने माँगी निष्पक्ष जाँच, नितेश राणे ने की कड़ी निंदा

सारांश

मुंबई में गणपति जुलूस पर कथित पत्थरबाजी ने सियासी बहस छेड़ दी है। SP विधायक अबू आजमी ने जाँच की माँग की तो मंत्री नितेश राणे ने तत्काल कार्रवाई का आग्रह किया। दोनों के अलग-अलग सुर यह बताते हैं कि यह मामला कानून-व्यवस्था से आगे बढ़कर राजनीतिक रंग ले चुका है।

मुख्य बातें

मुंबई में गणेश चतुर्थी के जुलूस के दौरान 24 अगस्त को कथित तौर पर अंडे और पत्थर फेंके गए।
SP विधायक अबू आजमी ने घटना को गलत बताया, लेकिन किसी निष्कर्ष से पहले निष्पक्ष जाँच की माँग की।
आजमी ने भिवंडी की एक अलग कथित घटना का भी जिक्र किया, जिसमें बच्चों के साथ मारपीट का आरोप लगाया।
महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने मझगांव की कथित पत्थरबाजी की कड़ी निंदा की और सख्त कार्रवाई की माँग की।
मुंबई पुलिस ने घटना के बाद मामला दर्ज किया; सरकार ने धार्मिक आयोजनों को निशाना बनाने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाने की चेतावनी दी।

मुंबई में गणेश चतुर्थी के जुलूस के दौरान कथित तौर पर अंडे और पत्थर फेंके जाने की घटना ने 24 अगस्त को राजनीतिक बयानबाजी को तेज कर दिया। समाजवादी पार्टी (SP) के विधायक अबू आजमी ने घटना को गलत ठहराते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की माँग की, लेकिन साथ ही किसी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले निष्पक्ष जाँच की जरूरत पर बल दिया। दूसरी ओर, महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने मझगांव में हुई कथित पत्थरबाजी की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की माँग की।

अबू आजमी का बयान: जाँच पहले, कार्रवाई बाद में

अबू आजमी ने स्पष्ट किया कि गणपति की मूर्ति के जुलूस पर अंडे फेंकना सर्वथा अस्वीकार्य है और ऐसे कृत्य के लिए दोषियों को दंड मिलना ही चाहिए। हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि किसी एक समुदाय को तत्काल जिम्मेदार ठहराने से पहले पूरे मामले की पारदर्शी जाँच होनी चाहिए।

आजमी ने भिवंडी की एक कथित घटना का भी उल्लेख किया, जिसमें उनके अनुसार कुछ बच्चे एक पहाड़ी पर जा रहे थे — जहाँ मंदिर भी है और लोग सामान्यतः घूमने भी जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उन बच्चों को रोककर उनके हाथ में मांस की थैली थमा दी और यह दिखाने की कोशिश की कि वे मंदिर परिसर में मांस ले जा रहे थे। आजमी के अनुसार, इस दौरान बच्चों के साथ मारपीट भी की गई।

उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएँ कभी-कभी जानबूझकर किसी समुदाय को बदनाम करने या सांप्रदायिक तनाव भड़काने के उद्देश्य से रची जाती हैं। इसीलिए ठोस साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई जरूरी है, न कि भावनात्मक प्रतिक्रिया के आधार पर।

नितेश राणे की निंदा: धार्मिक आयोजन निशाने पर नहीं आने चाहिए

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने मझगांव में गणेश चतुर्थी की मिरवणूक के दौरान हुई कथित पत्थरबाजी को अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा कि सभी समुदायों को अपने धार्मिक त्योहार शांतिपूर्वक मनाने का अधिकार है और किसी भी जुलूस या धार्मिक आयोजन को निशाना बनाना पूरी तरह गलत है।

राणे ने उन लोगों पर भी सवाल उठाए जो त्योहारों के दौरान भाईचारे और सर्वधर्म समभाव की बात करते हैं, लेकिन इस तरह की घटनाओं पर मौन रहते हैं। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने घटना के तुरंत बाद मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस कार्रवाई और सरकार की चेतावनी

मंत्री राणे के अनुसार, मुंबई पुलिस ने घटना के बाद तत्काल प्राथमिकी दर्ज की। उन्होंने सरकार की ओर से चेतावनी दी कि महाराष्ट्र में धार्मिक आयोजनों के दौरान कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या किसी समुदाय को निशाना बनाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

व्यापक संदर्भ: त्योहारी सीजन में सांप्रदायिक तनाव

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में गणेश उत्सव अपने चरम पर है और राज्य में कानून-व्यवस्था पर सरकार की पैनी नजर है। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में त्योहारी जुलूसों के दौरान छिटपुट घटनाओं ने सांप्रदायिक सौहार्द को चुनौती दी है। दोनों नेताओं के बयान — एक जाँच की माँग करते हुए, दूसरा तत्काल कार्रवाई पर जोर देते हुए — इस मुद्दे की राजनीतिक संवेदनशीलता को रेखांकित करते हैं। आगे की स्थिति जाँच के नतीजों और पुलिस की कार्रवाई पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरा 'तत्काल कार्रवाई' की। असली सवाल यह है कि क्या मुंबई पुलिस की जाँच स्वतंत्र और पारदर्शी होगी, या यह मामला भी राजनीतिक दबाव में दब जाएगा। भिवंडी की कथित घटना का संदर्भ देकर आजमी ने जो 'काउंटर-नैरेटिव' खड़ा किया, वह जाँच से ध्यान भटकाने का जोखिम रखता है। त्योहारी सीजन में इस तरह की घटनाएँ और उन पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ महाराष्ट्र के सांप्रदायिक समीकरणों को और पेचीदा बनाती हैं।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंबई में गणपति जुलूस पर पत्थरबाजी की घटना क्या है?
24 अगस्त को मुंबई के मझगांव इलाके में गणेश चतुर्थी की मिरवणूक के दौरान कथित तौर पर अंडे और पत्थर फेंके गए। पुलिस ने घटना के बाद मामला दर्ज किया है और जाँच जारी है।
अबू आजमी ने निष्पक्ष जाँच की माँग क्यों की?
SP विधायक अबू आजमी ने कहा कि घटना गलत है और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए, लेकिन उन्होंने आगाह किया कि कभी-कभी जानबूझकर किसी समुदाय को बदनाम करने के लिए विवाद रचे जाते हैं। इसलिए ठोस साक्ष्य के आधार पर ही कार्रवाई होनी चाहिए।
नितेश राणे ने इस मामले पर क्या कहा?
महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने मझगांव में हुई कथित पत्थरबाजी की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि धार्मिक जुलूसों को निशाना बनाना अस्वीकार्य है और सरकार ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।
भिवंडी की घटना का इस मामले से क्या संबंध है?
अबू आजमी ने भिवंडी की एक अलग कथित घटना का उल्लेख किया, जिसमें उनके अनुसार बच्चों को रोककर उनके हाथ में मांस की थैली थमाई गई और मारपीट की गई। यह उन्होंने उदाहरण के तौर पर बताया कि कैसे कभी-कभी घटनाएँ जानबूझकर रची जाती हैं।
इस घटना के बाद पुलिस ने क्या कदम उठाए?
मंत्री नितेश राणे के अनुसार, मुंबई पुलिस ने घटना के तुरंत बाद प्राथमिकी दर्ज की। सरकार ने चेतावनी दी है कि महाराष्ट्र में धार्मिक आयोजनों के दौरान कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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