वंदे मातरम् विवाद: अबू आजमी बोले — शरीयत मानने वाले अल्लाह के सिवा किसी की इबादत नहीं कर सकते
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अबू आजमी ने 13 अगस्त 2026 को मुंबई में स्पष्ट किया कि जो लोग शरीयत को मानते हैं, उनके लिए अल्लाह के अलावा किसी और की वंदना धार्मिक दृष्टि से संभव नहीं है। यह बयान उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से पहली बार राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के सामूहिक गायन की योजना के संदर्भ में दिया।
अबू आजमी का पूरा बयान
आजमी ने कहा, 'जिन्हें वंदे मातरम् गाना है, वे गाएं — हमें कोई एतराज नहीं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि किसी चीज़ को जबरन थोपा जाता है, तो देश में कानून और न्यायपालिका मौजूद हैं और अंतिम फैसला अदालतें ही करेंगी। उनके अनुसार, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना उचित नहीं है और जो लोग अपने मज़हब के अनुसार जीवन जीते हैं, उनके अधिकारों का सम्मान होना चाहिए।
आतंकवाद और झूठे आरोपों पर चिंता
दिल्ली धमाके को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की रिपोर्ट पर आजमी ने कहा कि जो सचमुच आतंकवादी हैं — चाहे उनका संबंध पाकिस्तान से हो या अल-कायदा जैसे संगठनों से — उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और फाँसी जैसी सज़ा पर भी आपत्ति नहीं होनी चाहिए। हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने ऐसे कई मामले देखे हैं जहाँ लोगों को आतंकी संगठनों के नाम पर गिरफ्तार किया गया और बाद में सबूत न मिलने पर रिहा कर दिया गया। मुंबई सीरियल ब्लास्ट के मामलों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कई पढ़े-लिखे लोग वर्षों तक जेल में रहे और अंततः बरी हो गए — उनके वे साल कौन वापस करेगा?
अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने का आरोप
FCRA बिल के संदर्भ में आजमी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि तीन तलाक, वंदे मातरम् और समान नागरिक संहिता (UCC) जैसे मुद्दों के ज़रिए मुसलमानों को निशाना बनाने की राजनीति की जा रही है। उनके अनुसार, इन मुद्दों के माध्यम से वोट बटोरने की कोशिश हो रही है जबकि देश में विकास के कार्यों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा।
सपा और आजम खान पर रुख
सपा सरकार में आजम खान को गृह मंत्री बनाए जाने की संभावना पर आजमी ने कहा कि पार्टी नेतृत्व — चाहे शिवपाल यादव हों या अखिलेश यादव — जो भी फैसला करेंगे, सभी उसे मानेंगे। उन्होंने आजम खान के पार्टी से नाराज होने की अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि आजम खान को पार्टी में पूरा सम्मान प्राप्त है और पार्टी अध्यक्ष भी उनका बहुत आदर करते हैं।
मराठी भाषा अनिवार्यता पर आपत्ति
महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य किए जाने के मुद्दे पर आजमी ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्री से इस विषय पर बात की है। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था कि ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाएगा जिससे किसी को परेशानी हो। मुंबई में रोज़ी-रोटी के लिए आने वाले दूसरे राज्यों के लोगों को भाषा सीखने के लिए उचित समय दिया जाना चाहिए। यह मुद्दा राज्य में भाषाई समावेश और आर्थिक अवसर के बीच संतुलन की बड़ी बहस का हिस्सा है।