20 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या अबू आजमी की टिप्पणी से वंदे मातरम का सम्मान प्रभावित होगा?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या अबू आजमी की टिप्पणी से वंदे मातरम का सम्मान प्रभावित होगा?

सारांश

राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ पर अबू आजमी की विवादास्पद टिप्पणी ने राजनीतिक धरातल पर हलचल मचा दी है। आशीष शेलार के कड़े जवाब से स्पष्ट है कि देशभक्ति के प्रतीक का अपमान सहन नहीं किया जाएगा। जानिए इस मुद्दे की गहराई और प्रतिक्रियाएँ।

मुख्य बातें

वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर विवादित बयान।
आशीष शेलार का कड़ा जवाब।
भाजपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन।
अबू आजमी की आस्था के मुद्दे पर चर्चा।
संविधान का अधिकार पर जोर।

मुंबई, 7 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। पूरा देश राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ मनाने में व्यस्त है। इसी दौरान, समाजवादी पार्टी की महाराष्ट्र शाखा के प्रमुख अबू आजमी ने 'वंदे मातरम' को लेकर अपनी टिप्पणी से विवाद उत्पन्न कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने अबू आजमी के बयान की कड़ी निंदा की है।

समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र अध्यक्ष अबू आजमी के बयान पर मंत्री आशीष शेलार ने कहा, "राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम सभी भारतीयों के लिए, चाहे वे देश में हों या विदेश में, प्रेरणादायक है। इस राष्ट्रीय गीत के 150 साल पूरे होने पर देश में उत्साह और देशभक्ति का माहौल है।"

उन्होंने आगे कहा, "जब कुछ लोग इस समय राष्ट्रीय गीत गाने से मुँह मोड़ते हैं या इस कार्यक्रम का विरोध करते हैं, तो मैं कहना चाहूंगा कि ऐसे व्यक्तियों को भारत और भारतीय लोग माफ नहीं करेंगे।"

इससे पहले, भाजपा कार्यकर्ताओं ने अबू आजमी के निवास के बाहर प्रदर्शन किया। सपा नेता की टिप्पणी का विरोध करते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं ने वहां 'वंदे मातरम' गीत का गायन भी किया।

भाजपा नेता राज के. पुरोहित ने कहा, "वंदे मातरम, मातृभूमि को हमारा सलाम है। फिर उन्हें इससे क्या दिक्कत है? विधानसभा में जब 'वंदे मातरम' का पाठ होता है, तो वह चुप रहते हैं। वह चुप क्यों रहते हैं? वह इसका विरोध क्यों करते हैं? वह भारत की आत्मा का अपमान क्यों कर रहे हैं? इसीलिए भारतीय जनता पार्टी ने सैद्धांतिक रूप से ऐसे लोगों के सामने 'वंदे मातरम' का पाठ करने का निर्णय लिया है।"

इससे पहले, महाराष्ट्र के सपा अध्यक्ष और विधायक अबू आजमी ने राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' गाने से इनकार कर दिया। उन्होंने अपने बयान में कहा, "मुझसे कोई वंदे मातरम नहीं बुलवा सकता है।"

विवाद के बाद अबू आजमी ने 'एक्स' पर वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा, "हम बार-बार कह चुके हैं कि 'वंदे मातरम' का हमें कोई विरोध नहीं है। जो इसे गाना चाहता है, वह पूरी आजादी से गा सकता है। लेकिन 'वंदे मातरम' में कुछ शब्द हमारी आस्था के खिलाफ हैं, इसलिए हम इसे नहीं गा सकते और ऐसा न गाने का अधिकार हमें हमारे देश के संविधान ने दिया है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें न केवल राजनीतिक ध्रुवीकरण दिखता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि हमें अपने राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करना चाहिए। ऐसे समय में जब हम एकता और अखंडता की बात करते हैं, हमें अपने मूल्यों की रक्षा करनी चाहिए।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या अबू आजमी ने वंदे मातरम गाने से मना किया?
जी हाँ, अबू आजमी ने 'वंदे मातरम' गाने से इनकार किया है और इसे अपने आस्था के खिलाफ बताया है।
आशीष शेलार ने अबू आजमी की टिप्पणी पर क्या कहा?
आशीष शेलार ने कहा कि 'वंदे मातरम' सभी भारतीयों के लिए प्रेरणादायक है और ऐसे लोगों को माफ नहीं किया जाएगा।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने अबू आजमी के खिलाफ क्या किया?
भाजपा कार्यकर्ताओं ने अबू आजमी के आवास के बाहर प्रदर्शन किया और 'वंदे मातरम' गाया।
अबू आजमी का बयान किस पर आधारित था?
उनका बयान 'वंदे मातरम' के कुछ शब्दों को अपनी आस्था के खिलाफ बताने पर आधारित था।
क्या अबू आजमी ने संविधान की बात की?
हाँ, उन्होंने कहा कि उन्हें 'वंदे मातरम' न गाने का अधिकार संविधान ने दिया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 7 महीने पहले
  2. 7 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले