अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 2026: चीन में लुप्तप्राय प्रजातियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि, 27 में से 21 राष्ट्रीय लक्ष्यों पर प्रगति
सारांश
मुख्य बातें
चीन के पारिस्थितिकी और पर्यावरण मंत्रालय ने 22 मई 2026 को अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर शांगहाई के छोंगमिंग आइलैंड पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में देश की उपलब्धियों को सामने रखा गया। इस अवसर पर जारी रिपोर्ट के अनुसार, चीन में कई अनमोल और लुप्तप्राय प्रजातियों की संख्या में उल्लेखनीय इजाफा हो रहा है।
इस वर्ष की थीम और मुख्य घटनाक्रम
इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस की थीम 'वैश्विक प्रभाव के लिए स्थानीय स्तर पर कार्य करना' रखी गई है। कार्यक्रम के दौरान 'जैव विविधता पर संधि के कार्यान्वयन पर चीन की सातवीं राष्ट्रीय रिपोर्ट' औपचारिक रूप से जारी की गई। यह रिपोर्ट चीन के दीर्घकालिक संरक्षण प्रयासों का व्यापक लेखा-जोखा प्रस्तुत करती है।
राष्ट्रीय लक्ष्यों पर प्रगति
रिपोर्ट के निष्कर्षों के अनुसार, जैव विविधता से जुड़े 27 राष्ट्रीय लक्ष्यों में से 21 पर काफी प्रगति दर्ज की गई है। यह आँकड़ा इस बात का संकेत है कि चीन ने अपने संरक्षण ढाँचे को ज़मीनी स्तर पर लागू करने में उल्लेखनीय सफलता पाई है। गौरतलब है कि यह प्रगति उस समय आई है जब वैश्विक स्तर पर जैव विविधता का संकट गहराता जा रहा है।
कुनमिंग-मॉन्ट्रियल ढाँचे में योगदान
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि चीन ने कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढाँचे के वैश्विक लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में सक्रिय योगदान दिया है। यह ढाँचा वर्ष 2022 में अपनाया गया था और इसे जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक अंतर्राष्ट्रीय समझौता माना जाता है। इसके अंतर्गत 2030 तक 30% भूमि और समुद्री क्षेत्रों को संरक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित है।
कुनमिंग जैव विविधता कोष
कार्यक्रम के दौरान कुनमिंग जैव विविधता कोष के लिए दान समारोह भी आयोजित किया गया। यह कोष विकासशील देशों को जैव विविधता संरक्षण के प्रयासों में वित्तीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है। चीन की इस पहल को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आगे की राह
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन की यह प्रगति वैश्विक जैव विविधता एजेंडे के लिए एक सकारात्मक संकेत है। हालाँकि आलोचकों का कहना है कि लुप्तप्राय प्रजातियों की वास्तविक स्थिति का स्वतंत्र सत्यापन आवश्यक है। आने वाले वर्षों में चीन के शेष 6 राष्ट्रीय लक्ष्यों पर प्रगति की दिशा यह तय करेगी कि देश वैश्विक जैव विविधता लक्ष्यों में कितना प्रभावी योगदान दे पाता है।