चीन में पक्षी संरक्षण को बड़ी सफलता: 19 संरक्षित प्रजातियाँ बढ़ीं, जलपक्षी संख्या 158.9% उछली
सारांश
मुख्य बातें
चीन के राष्ट्रीय वानिकी व चरागाह प्रशासन के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, देश में पक्षी संरक्षण अभियानों ने उल्लेखनीय परिणाम दिए हैं — क्रेस्टेड आइबिस, ब्लैक-बिल्ड गल और ब्राउन-ईयर्ड फेजेंट सहित 19 राष्ट्रीय स्तर पर संरक्षित पक्षी प्रजातियों की आबादी या तो स्थिर बनी हुई है या बढ़ रही है। यह जानकारी 2 जुलाई 2026 को जारी आधिकारिक आंकड़ों में सामने आई।
जलपक्षी सर्वेक्षण में ऐतिहासिक उछाल
इस वर्ष जनवरी में आयोजित शीतकालीन जलपक्षी सिंक्रोनस मॉनिटरिंग में 167 प्रजातियों के कुल 63.24 लाख जलपक्षी दर्ज किए गए। यह संख्या वर्ष 2016 में दर्ज 24.43 लाख की तुलना में 158.9 प्रतिशत अधिक है और अब तक का सर्वोच्च स्तर है। आंकड़ों के अनुसार, यह वृद्धि एक दशक से चले आ रहे संरक्षण प्रयासों की ठोस उपलब्धि को दर्शाती है।
संरक्षित प्रजातियों की स्थिति
क्रेस्टेड आइबिस को एक समय विलुप्तप्राय माना जाता था, लेकिन चीन के संरक्षण कार्यक्रमों के चलते इसकी संख्या में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है। इसी तरह, ब्लैक-बिल्ड गल और ब्राउन-ईयर्ड फेजेंट जैसी प्रजातियाँ भी अब स्थिर स्थिति में हैं। गौरतलब है कि ये सभी प्रजातियाँ राष्ट्रीय स्तर पर संरक्षण की सर्वोच्च श्रेणी में आती हैं।
बर्डवॉचिंग और सामाजिक जागरूकता
आंकड़ों के अनुसार, चीन में पक्षियों के प्रति सामाजिक जागरूकता भी तेज़ी से बढ़ रही है। बर्डवॉचिंग गतिविधियाँ पूरे देश में लोकप्रिय हो रही हैं, जो पारिस्थितिक संरक्षण के प्रति नागरिकों की बढ़ती रुचि और भागीदारी का संकेत देती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जन-जागरूकता और सरकारी नीतियों का यह संयोजन दीर्घकालिक संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है।
पारिस्थितिक संरक्षण की व्यापक तस्वीर
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर जैव विविधता के संकट को लेकर चिंताएँ गहरी हो रही हैं। चीन के ये आंकड़े दर्शाते हैं कि केंद्रित नीतिगत प्रयास और वैज्ञानिक निगरानी मिलकर संकटग्रस्त प्रजातियों की रक्षा में कारगर हो सकते हैं। आने वाले वर्षों में इन प्रजातियों की संख्या पर निरंतर निगरानी जारी रहेगी।