नागालैंड के मोकोकचुंग में संदिग्ध शराब त्रासदी: मौतों का आँकड़ा नौ तक पहुँचा, SIT जाँच जारी
सारांश
मुख्य बातें
नागालैंड के मोकोकचुंग जिले में संदिग्ध जहरीली शराब के सेवन से होने वाली मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा। दिबुइया गाँव के यिमखिउंग समुदाय के एक 37 वर्षीय व्यक्ति की 26 सितंबर 2026 को डॉ. इम्कोंगलीबा मेमोरियल जिला अस्पताल (IMDH) में मृत्यु हो जाने के बाद कुल मृतक संख्या नौ हो गई है। फोरेंसिक और पुलिस जाँच अभी जारी है।
मृतक का विवरण और अस्पताल में भर्ती
चिकित्सा अधीक्षक अलेमवापांग ऐयर के अनुसार, मृतक को 26 सितंबर को दोपहर लगभग 2:50 बजे IMDH में भर्ती कराया गया था। भर्ती के समय उसे सांस लेने में तकलीफ, पेट दर्द और अत्यधिक कमजोरी थी। अस्पताल के रिकॉर्ड में दर्ज है कि भर्ती से तीन दिन पहले मरीज ने शराब का सेवन किया था। उसी दिन रात लगभग 9:30 बजे उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
पोस्टमार्टम और फोरेंसिक नमूने
27 सितंबर की सुबह लगभग 9:00 बजे पुलिस ने उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी ताकोसुनेप को पोस्टमार्टम के लिए सूचित किया। पोस्टमार्टम लगभग 10:30 बजे सम्पन्न हुआ और फोरेंसिक विश्लेषण के लिए नमूने एकत्र किए गए। ताकोसुनेप ने बताया कि मोकोकचुंग सिविल अस्पताल में अब तक इस मामले में पाँच पोस्टमार्टम किए जा चुके हैं। एकत्र किए गए नमूने पुलिस को सौंप दिए गए हैं, जो उन्हें गुवाहाटी स्थित केंद्रीय फोरेंसिक प्रयोगशाला (CFL) भेजेगी।
SIT जाँच का दायरा
इस पूरे मामले की जाँच मोकोकचुंग के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आई. बंगलांग चांग के नेतृत्व में गठित एक विशेष जाँच दल (SIT) कर रही है, जिसमें तीन अन्य पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं। मोकोकचुंग के पुलिस अधीक्षक ने नवीनतम मृत्यु के विवरण की पुष्टि की है।
घटना का व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि नागालैंड एक शुष्क राज्य है, जहाँ शराब की बिक्री और सेवन पर आधिकारिक रूप से प्रतिबंध है। इसके बावजूद अवैध शराब की आपूर्ति का मुद्दा राज्य में समय-समय पर सामने आता रहा है। मोकोकचुंग जैसे अपेक्षाकृत दूरदराज के जिले में इतनी बड़ी संख्या में संदिग्ध मौतें यह सवाल उठाती हैं कि अवैध शराब की आपूर्ति श्रृंखला को रोकने में व्यवस्था कहाँ चूकी। यह ऐसे समय में आया है जब भारत के कई राज्यों में जहरीली शराब से होने वाली मौतें एक चिंताजनक प्रवृत्ति बनी हुई हैं। CFL गुवाहाटी के फोरेंसिक परिणाम आने के बाद ही मृत्यु के कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।
आगे क्या होगा
SIT की जाँच और फोरेंसिक रिपोर्ट के नतीजे इस मामले की दिशा तय करेंगे। मृत्यु के कारण का निर्धारण होने के बाद संबंधित आपूर्तिकर्ताओं के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की संभावना है। प्रशासन की प्रतिक्रिया और जवाबदेही पर स्थानीय समुदाय और परिजनों की नजर टिकी हुई है।