नागालैंड के तुएनसांग में मिलावटी शराब से 10 मौतें, आबकारी विभाग की राज्यव्यापी चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
नागालैंड के तुएनसांग जिले में 10 से 12 सितंबर 2026 के बीच कथित मिलावटी शराब के सेवन से 10 लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद राज्य के आबकारी एवं निषेध विभाग ने अज्ञात या संदिग्ध स्रोत की शराब के सेवन के विरुद्ध राज्यव्यापी चेतावनी जारी की है। यह घटना इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि नागालैंड एक शराबबंदी वाला राज्य है।
मुख्य घटनाक्रम
12 सितंबर को तुएनसांग पुलिस को तुएनसांग सिविल अस्पताल में भर्ती लोगों की लगातार हो रही मौतों की रिपोर्ट मिली। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि अधिकतर मामलों में मृतकों ने धुंधली दृष्टि, गंभीर सिरदर्द, चक्कर आना, मतली और उल्टी जैसे लक्षण विकसित होने से पहले शराब का सेवन किया था।
तुएनसांग पुलिस ने पुष्टि की कि नौ मौतों का शराब के सेवन से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध पाया गया है। एक अन्य व्यक्ति की आत्महत्या से मौत हुई, जिसकी जाँच अलग से की जा रही है।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
नागालैंड के पुलिस महानिदेशक (DGP) रूपिन शर्मा ने पुष्टि की कि पीड़ितों की मौत मिलावटी शराब के सेवन से हुई। हालाँकि, पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस स्तर पर वैज्ञानिक रूप से इसकी निर्णायक पुष्टि नहीं की जा सकी है और जाँच के तहत वैज्ञानिक एवं फोरेंसिक प्रक्रियाएं अपनाई जाएंगी।
पुलिस ने यह भी बताया कि अधिकतर मामलों में पोस्टमार्टम नहीं हो सका, क्योंकि मौतों के पैटर्न की जानकारी मिलने से पहले ही शवों को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जा चुका था। यह जाँच की दृष्टि से एक बड़ी चुनौती बन गई है।
परिवार और स्रोत का सुराग
जाँच में सामने आया है कि मरने वालों में से तीन एक ही परिवार के सदस्य थे। पुलिस के अनुसार, कथित तौर पर कुछ मृतकों ने उसी परिवार के घर से शराब खरीदी थी। पुलिस अब शराब के स्रोत और प्रकृति की पहचान करने और यह निर्धारित करने के लिए गहन जाँच कर रही है कि क्या कोई व्यक्ति या समूह इस घटना के लिए जिम्मेदार है।
वास्तविक मृत्यु संख्या पर सवाल
स्थानीय निवासियों के हवाले से मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि वास्तविक मृतकों की संख्या आधिकारिक आँकड़े से कहीं अधिक हो सकती है और संभवतः कुछ मौतें दर्ज ही नहीं हुई हैं। गौरतलब है कि शराबबंदी वाले राज्य में इस तरह की मौतों को सामाजिक कलंक के कारण छुपाए जाने की आशंका भी जताई जा रही है।
आम जनता पर असर और आगे की राह
आबकारी एवं निषेध विभाग ने पूरे नागालैंड में नागरिकों से अपील की है कि वे अज्ञात या संदिग्ध स्रोत की शराब का सेवन न करें। यह ऐसे समय में आया है जब शराबबंदी के बावजूद राज्य में अवैध शराब की आपूर्ति एक पुरानी समस्या रही है। फोरेंसिक जाँच के नतीजे आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।