आंध्र प्रदेश: मिलावटी दूध के कारण मरने वालों की संख्या 12 तक पहुंची

Click to start listening
आंध्र प्रदेश: मिलावटी दूध के कारण मरने वालों की संख्या 12 तक पहुंची

सारांश

आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी में मिलावटी दूध के सेवन से बढ़ती मौतों की संख्या चिंता का विषय बन गई है। 73 साल की महिला की मृत्यु से यह संख्या 12 हो गई है। जानिए इस गंभीर मामले में क्या हुआ।

Key Takeaways

  • राजमुंदरी में मिलावटी दूध पीने से 12 लोगों की जान गई।
  • 73 वर्षीय महिला की अस्पताल में हुई मौत ने चिंता बढ़ा दी है।
  • ईस्ट गोदावरी डिस्ट्रिक्ट के कलेक्टर ने मामले की जांच की पुष्टि की है।
  • गणेश्वर राव को गिरफ्तार कर लिया गया है।
  • लोगों को स्वास्थ्य की सुरक्षा को लेकर जागरूक रहने की आवश्यकता है।

अमरावती, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी नगर में मिलावटी दूध के सेवन से एक्यूट किडनी फेलियर से मरने वालों की संख्या रविवार को बढ़कर 12 हो गई। एक 73 वर्षीया महिला की एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।

लालाचेरुवु क्षेत्र की निवासी सेनापति रामलक्ष्मी को 16 फरवरी

तीन बच्चों समेत कुल नौ लोग अब भी एक्यूट रीनल फेलियर से जूझ रहे हैं। ईस्ट गोदावरी डिस्ट्रिक्ट के कलेक्टर कीर्ति चेकुरी के अनुसार, एथिलीन ग्लाइकॉल से युक्त मिलावटी दूध का सेवन करने के बाद लगभग 20 लोगों को इस गंभीर समस्या का सामना करना पड़ा।

उन्होंने बताया कि 16 फरवरी

यह घटना 22 फरवरीकाकीनाडा सरकारी अस्पताल में एनुरिया (यूरिन पास न कर पाना) के उपचार के दौरान ताडी कृष्णवेनी (76) की मृत्यु हो गई। जब मृतक के परिजन उसकी बॉडी को काकीनाडा से राजमुंदरी ले जा रहे थे, तब उन्हें पता चला कि वह और कुछ अन्य लोग इसी समस्या के कारण विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं।

मृतक के बेटे की शिकायत पर राजमुंदरी 3 टाउन पुलिस स्टेशन में बीएनएसएस की धारा 194 के तहत मामला दर्ज किया गया।

जांच के दौरान, पीड़ितों के रक्त के नमूने, पीड़ितों को सप्लाई किया गया मिलावटी दूध और दही, साथ ही नरसापुरम में अडाला गणेश्वर राव के वरलक्ष्मी मिल्क सेंटर का दूध, स्टोरेज के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला फ्रीजर और वहां का अन्य सामान फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल), रीजनल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (आरएफएसएल) और अन्य लैब में भेजा गया।

कलेक्टर के अनुसार, जांच में पता चला कि 37 वर्ष का गणेश्वर राव कुछ समय से नरसापुरम गांव के आसपास के 43 किसानों से दूध इकट्ठा कर रहा था, उसे अपने घर पर दो कंटेनर वाले फ्रीजर में स्टोर कर रहा था, और बाद में उसे कैन में डालकर शहर के चौदेश्वरनगर और स्वरूपनगर इलाकों में रहने वाले लोगों को सप्लाई कर रहा था।

कुछ ग्राहकों ने गणेश्वर राव को बताया था कि 15 फरवरीराजमुंदरी की एक वर्कशॉप में ले गए। उसे ठीक करवाया गया और लीक होने वाले कंटेनर और फ्रीजर की दीवारों पर एम-सील लगाई गई।

एफएसएल और आरएफएसएल लैब की पांच रिपोर्ट और फोरेंसिक असिस्टेंट प्रोफेसर की अंतिम राय के आधार पर, यह पाया गया कि मृतक की मृत्यु जहरीले एथिलीन ग्लाइकॉल वाले मिलावटी दूध के सेवन से एक्यूट रीनल फेलियर के कारण हुई थी। गणेश्वर राव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

Point of View

बल्कि यह खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता संरक्षण के मुद्दों को भी उजागर करती है। आंध्र प्रदेश में मिलावटी दूध का मामला गंभीर रूप ले चुका है, जिसमें कई लोगों की जान चली गई है। इस मामले की गहन जांच आवश्यक है।
NationPress
19/03/2026

Frequently Asked Questions

राजमुंदरी में दूध में मिलावट की घटना कब शुरू हुई?
यह घटना 16 फरवरी को शुरू हुई जब कई लोगों ने मिलावटी दूध का सेवन किया।
कितने लोग इस मामले में प्रभावित हुए हैं?
इस मामले में कुल 20 लोगों को एक्यूट रीनल फेलियर का सामना करना पड़ा है।
क्या जांच चल रही है?
हां, पुलिस मामले की जांच कर रही है और सभी साक्ष्यों को फोरेंसिक लैब में भेजा गया है।
गणेश्वर राव का क्या हुआ?
गणेश्वर राव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
क्या इस मामले में कोई चेतावनी जारी की गई है?
हां, लोगों को मिलावटी दूध से बचने के लिए चेतावनी दी गई है।
Nation Press