आंध्र प्रदेश के राजमुन्द्री में दूध में मिलावट से मृतकों की संख्या 13 तक पहुंची

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आंध्र प्रदेश के राजमुन्द्री में दूध में मिलावट से मृतकों की संख्या 13 तक पहुंची

सारांश

आंध्र प्रदेश के राजमुन्द्री में दूध में मिलावट से गंभीर स्वास्थ्य संकट उत्पन्न हो गया है, जिसमें मृतकों की संख्या 13 हो गई है। जानें इस मामले में क्या हुआ और प्रभावित लोग कौन हैं।

Key Takeaways

  • दूध में मिलावट से स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।
  • आधिकारिक जांच आवश्यक है ताकि दोषियों को सजा मिल सके।
  • ग्राहकों को सतर्क रहना चाहिए और गुणवत्ता की जांच करनी चाहिए।
  • इस मामले ने स्वास्थ्य सुरक्षा की आवश्यकता को उजागर किया है।
  • समुदाय को एकजुट होकर इस समस्या का सामना करना चाहिए।

अमरावती, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश के राजमुन्द्री शहर में दूध में मिलावट के चलते मृतकों की संख्या अब 13 हो गई है। एक और व्यक्ति, बंडारू वीरालक्ष्मी (60), गंभीर गुर्दा विफलता के कारण अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया।

स्वरूपनगर क्षेत्र की एक महिला को 16 फरवरी को अस्पताल में भर्ती किया गया था क्योंकि उन्होंने कथित तौर पर मिलावटी दूध का सेवन किया था, जिसके बाद उनकी स्थिति गंभीर हो गई।

अब भी तीन शिशुओं समेत सात लोग गंभीर गुर्दा विफलता से पीड़ित हैं। चौडेस्वरणगर और स्वरूपनगर के निवासियों ने एक ही विक्रेता द्वारा प्रदान किए गए मिलावटी दूध का सेवन किया था, जिसके बाद वे बीमार पड़ गए।

पूर्वी गोदावरी के जिला कलेक्टर कृथि चेकुरी के अनुसार, 20 लोग एथिलीन ग्लाइकोल से युक्त मिलावटी दूध पीने के बाद गंभीर गुर्दा विफलता का शिकार हो गए।

कलेक्टर ने बताया कि 16 फरवरी को मिलावटी दूध पीने के बाद कई लोग मूत्र अवरोध और गुर्दे से संबंधित समस्याओं के कारण विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हुए थे।

यह मामला तब सामने आया जब 22 फरवरी को ताडी कृष्णावेनी (76) का इलाज के दौरान काकिनाडा सरकारी अस्पताल में निधन हो गया। मृतक के बेटे की शिकायत पर राजमुंद्री टाउन पुलिस ने मामला दर्ज किया।

जांच के दौरान पीड़ितों के रक्त के नमूने और मिलावटी दूध, दही, और नरसापुरम में वरालक्ष्मी मिल्क सेंटर द्वारा संचालित दूध केंद्र की सामग्री को फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला में भेजा गया।

कलेक्टर के अनुसार, जांच में यह पाया गया कि गणेश्वर राव (37) ने नरसापुरम गांव के 43 किसानों से दूध इकट्ठा किया और इसे अपने घर में दो कंटेनरों वाले फ्रीजर में संग्रहीत किया। बाद में इसे कैन में डालकर चौडेस्वरणगर और स्वरूपनगर के लोगों को वितरित किया गया।

ग्राहकों ने दूध के कड़वे स्वाद की शिकायत की तो विक्रेता ने देखा कि फ्रीजर में लीकेज हो रही है और इसे शहर की एक कार्यशाला में मरम्मत करवाया।

एफएसएल और आरएफएसएल लैबों की पांच रिपोर्टों और फॉरेंसिक के सहायक प्रोफेसर के अनुसार, मृतकों का निधन मिलावटी दूध में मौजूद जहरीले एथिलीन ग्लाइकोल के सेवन के कारण गंभीर गुर्दा विफलता के चलते हुआ। आरोपी गणेश्वर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड में भेजा गया है।

Point of View

NationPress
18/03/2026

Frequently Asked Questions

दूध में मिलावट से कितने लोग प्रभावित हुए हैं?
दूध में मिलावट के कारण अब तक 13 लोगों की मृत्यु हो चुकी है और कई अन्य गंभीर गुर्दा विफलता से पीड़ित हैं।
क्या जांच के दौरान क्या पाया गया?
जांच में पाया गया कि दूध में एथिलीन ग्लाइकोल जैसा जहरीला पदार्थ मौजूद था।
इस मामले में कौन आरोपी है?
गणेश्वर राव नामक व्यक्ति को दूध में मिलावट के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
क्या सरकार इस मामले में कोई कार्रवाई कर रही है?
हां, कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
दूध में मिलावट से बचने के लिए क्या करना चाहिए?
हमेशा प्रमाणित विक्रेताओं से दूध खरीदें और दूध का स्वाद और गुणवत्ता जांचें।
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